प्रधानमंत्री-गति शक्ति
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ह आज नई दिल्ली के प्रगति मैदान म प्रधानमंत्री गति शक्ति-राष्ट्रीय मल्टी मॉडल कनेक्विविटी मास्टर प्लान के सुभारंभ करीन अउ संगेसंग भारतीय व्यापार संवर्धन संगठन म नवा प्रदर्सनी परिसर के घलो उद्घाटन करीन। पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान के तहत रोड ले लेके रेलवे तक अउ हवाई जहाज ले लेके खेती तक के आने-आने मंत्रालय के विभाग मन ल एखर ले जोड़े जात हे।
प्रधानमंत्री ह किहीन हे कि ए मास्टर प्लान ले सरकारी कामकाज ल सरल बनाय जाही।
मंत्रिमंडल-मंजूरी
केन्द्रीय मंत्रिमंडल ह सरकारी अउ प्राईवेट क्षेत्र के सौ ठिन स्कूल मन ल सैनिक स्कूल सोसायटी ले जोड़े के मंजूरी दे देहे। ए स्कूल ल बिसेस स्कूल के रूप म चलाय जाही अउ अभी के सैनिक स्कूल ले अलग होही। सैक्षणिक दू हजार बाईस-तेईस ले अइसन सौ स्कूल मन म छठवीं कक्षा म करीबन पांच हजार छात्र मन ल प्रवेस देके संभावना हे। ए बेरा तैंतीस ठिन स्कूल मन म छठवीं कक्षा म तीन हजार छात्र मन ल प्रवेस दे जात हे।
ऐति, केन्द्रीय मंत्रिमंडल ह सहर मन म चलाय जात अटल अमृत मिसन के दूसर चरण ल बछर दू हजार पच्चीस-छब्बीस तक बढ़ाय के मंजूरी दे देहे। एखर अलावा सहरी क्षेत्र मन म स्वच्छ भारत मिशन ल बछर दू हजार पच्चीस-छब्बीस तक चालू रखे के मंजूरी दे गेहे। संगेसंग मंत्रिमंडल के आर्थिक कार्यसमिति ह फॉस्फेट अउ पोटास खातू बर पोषण तत्व उपर आधारित सब्सिडी के दर ल तय करे के उर्वरक विभाग के प्रस्ताव ल मंजूरी दे देहे।
स्वर्णिम विजय मशाल
राज्यपाल अनुसुईया उइके ह आज राजभवन म राखे गे एक ठिन कारीकरम म स्वर्णिम विजय मशाल के सम्मान करीन। कारीकरम ल संबोधित करत राज्यपाल ह किहीन कि भारतीय सेना विश्व के महान सेना मन ले एक हे। जउन ह अपन इतिहास म कतकोन युद्ध के अगुवई करे हे अउ ओला सफल अंजाम तक पहुंचाय हे।
ए मउका म राज्यपाल ह बछर उन्नीस सौ इकहत्तर के युद्ध के नायक अउ सहीद जवान के परिजन मन ल स्मृति चिन्ह देके सम्मानित करीन।
जानबा के मुताबिक बछर उन्नीस सौ इकहत्तर के युद्ध म पाकिस्तान उपर भारतीय सेना के ऐतिहासिक जीत के पचास बछर पूरा होय के मउका म स्वर्णिम विजय वर्ष के रूप म मनाय जावत हे। ए मउका म चार ठन स्वर्णिम विजय मशाल मन देस के आने-आने जगह म यात्रा करत हे। जेमा के एक ठन मशाल ह काली छत्तीसगढ़ पहुंचीस, जउन ह उन्नीस अक्टूबर तक छत्तीसगढ़ म रइही।
आज ए स्वर्णिम विजय मशाल ल रईपुर के तीर आरंग स्थित एक ठिन प्राईवेट स्कूल म लाय गीस, जिहां स्कूल छात्र-छात्रा मन ह मशाल के स्वागत करे के संगेसंग सांस्कृतिक कारीकरम घलो पेस करीन।
कोयला मंत्री-बिलासपुर
कोयला मंत्री प्रहलाद जोशी ह किहीन हे कि बिजली उत्पादन बर देस म कोयला के कमी नइ हे। पाछु दिन ले देस म बिजली संकट अउ कोयला के कमी ल लेके होवत गोठबात उपर कोयला मंत्री ह बात किहीन। कोयला मंत्री ह आज एस.ई.सी.एल. म अवइया कोयला खदान के निरीक्षण करे बर बिलासपुर पहुंचीन। ओमन किहीन कि देस म बिजली उत्पादन बर जतका कोयला के जरूरत हे, उतका सरलग मिलत हे। कोयला मंत्री ह एस.ई.सी.एल. के मेगा प्रोजेक्ट दीपका, गेवरा अउ कुसमुंडा के घलो दउरा करीन। जेखर बाद ओमन एस.ई.सी.एल. के अधिकारी अउ करमचारी मन संग समीक्षा बइठका लीन।
कवर्धा-कर्फ्यू ढील
कवर्धा शहर म पाछु दिन दू गुट के बीच होय विवाद के बाद स्थिति ह अब सुधरत हे। जिला कलेक्टर ह सहर म लगे कर्फ्यू के बेरा म दू घंटा के छूट देहे। अब सहर के जम्मों दुकान अउ बाजार बिहनिया नौ बजे ले संझा पांच बजे तक खुल्ला रइही। पहिली ए बेरा मंझनिया तीन बजे तक राखे गे रिहीस। सहर के लोगन मन संझा पांच बजे ले सात बजे तक जरूरी काम बर निकल सकथे। ए दउरान ओमन ल अपन परिचय पत्र रखना जरूरी होही। सहर के जम्मों सीमा ह अभी बंद हवय।
एक भारत-श्रेष्ठ भारत-वेबीनार
पत्र सूचना कार्यालय-पीआईबी रईपुर अउ अहमदाबाद के संग आज रईपुर म एक भारत-श्रेष्ठ भारत अभियान के तहत ‘‘छत्तीसगढ़ की जीवंत संस्कृति‘‘ बिसय उपर वेबीनार राखे गीस। एमा छत्तीसगढ़ अउ गुजरात के मीडियाकर्मी गैर सरकारी संगठन के कार्यकर्ता, सांस्कृतिक दल के लोक कलाकार अउ महाविद्यालय के संगेसंग स्कूली छात्र-छात्रा मन सामिल होईन। वेबीनार के मुख्य वक्ता डॉक्टर सुशील त्रिवेदी ह किहीन कि छत्तीसगढ़ के संस्कृति बारह हजार साल जुन्ना हरय। ओमन किहीन कि छत्तीसगढ़ ह कला अउ संस्कृति के गढ़ हरय।
वेबीनार म पीआईबी अहमदाबाद के अपर महानिदेशक धीरज कांकड़िया, पीआईबी रईपुर के अपर महानिदेशक अभिषेक दयाल अउ सहायक निदेशक सुनील कुमार तिवारी आय रिहीन।
अमृत महोत्सव-परिचर्चा
‘‘आजादी के अमृत महोत्सव‘‘ म आज कोंडागांव म उर्वरक जागरूकता कारीकरम अउ कृषक वैज्ञानिक परिचर्चा राखे गीस। कारीकरम म किसान मन ल माटी के गुणवत्ता ल बनाच राखे बर खातू अउ जैविक खाद के बने ढंग ले परयोग करे के बारे म जानबा दे गीस। संगेसंग केचुआ खाद के उत्पादन ल बढ़ावा दे उपर जोर दे गीस।
महाअष्टमी-दशहरा
आज शारदेय नवरात्रि के महाअष्टमी हरय। ए मउका म देस के संगेसंग प्रदेस के कतकोन जघा म हवन-पूजन के कारीकरम भक्तिभाव के संग चलत हे। आज के दिन महागौरी के रूप म सक्ति के उपासना करे जाथे। मंदिर अउ दुर्गा पंडाल के संगेसंग नौ दिन तक उपास रखइया श्रद्धालु मन कन्याभोज घलो करावत हे।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ह प्रदेस के लोगन मन ल अठवाही अउ महानवमीं के बधाई अउ सुभकामना दे हवय।
पन्द्रह अक्टूबर के दसहरा के परब मनाय जाही। एसो घलो कोरोना संक्रमण ल देखत प्रदेस म आने-आने जिला के प्रसासन डहार ले दिसा-निरदेस जारी करे गेहे। एमा केहे गेहे कि रावण के पुतला के ऊंचाई दस फीट ले जादा नइ होना चाही। पुतला दहन खुल्ला मैदान म होना चाही। पुतला दहन वाले जगह म कोनों प्रकार के सांस्कृतिक कारीकरम, मेला, प्रसाद बांटे मंजूरी नइ हे। एखर अलावा डीजे अउ बैंड पार्टी उपर घलो रोक लगाय गेहे।
मानसून-विदाई
छत्तीसगढ़ ले दक्षिण-पश्चिम मानसून के बिदाई होगे हे। मौसम विभाग ले मिले जानबा के मुताबिक एक ठिन उपरी हवा के चक्रवाती घेरा पूर्व-मध्य बंगाल के खाड़ी अउ ओखर तीर-तखार म स्थित, जेखर परभाव ले अवइया चौबीस घंटा म एक ठिन कम दबाव के क्षेत्र पूर्व मध्य बंगाल के खाड़ी म बने के संभावना हे, जेखर असर ले काली दक्षिण छत्तीसगढ़ के एक-दू जघा म हल्का ले मध्यम बरसा होय के संभावना हे।
बस्तर ता माटा अभियान
बस्तर संभाग म पुलिस डहार ले राज्य सरकार के कतकोन कल्याणकारी योजना अउ विकास काम ल आम लोगन मन तक पहुंचाय के उद्देश्य ले ‘‘बस्तर ता माटा अभियान‘‘ चलाय जात हे। उहे के गोण्डी भासा म ‘‘बस्तर ता माटा‘‘ के मतलब होथे ‘‘बस्तर के आवाज‘‘। ए अभियान के तहत पुलिस अउ सुरक्षा बल मन डहार ले वनांचल जघा म मड़ई, मेला, प्रदर्सनी अउ स्टॉल लगाके उहे के लोगन मन ले सोझे मिलके राज्य सरकार के योजना मनके जानबा दे जात हे।
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. ह बतईन कि ए अभियान ह पुलिस अउ जनता के बीच संबंध ल जोड़े म बड़का भूमिका निभावत हे। अवइया बेरा म अइसने ढंग ले अउ नवा कारीकरम करे जाही।
दुर्ग-लूट
दुरूग म एक झिन बैंक कैसियर ले दिनदहाड़े पन्द्रह लाख रूपिया के लूट के मामला आगू आय हे। जानबा के मुताबिक दुरूग के मोहन नगर म इंडियन बैंक के कैसियर ह आज पन्द्रह लाख रूपिया ले भरे बैग लेके एक ठिन दूसर ब्रांच जावत रिहीन। इही दउरान करीबन चार झिन लोगन मन ह कैसियर के हाथ ले बैग ल झटक के भाग गे। पुलिस ह मामला दर्ज करके आरोपी मन ल खोजत हे।
