मंत्री चौबे, अकबर और टेकाम ने कहा-कवर्धा विवाद भाजपा प्रायोजित: प्रशासनिक चूक की बात कबूली

रायपुर। भूपेश सरकार ने माना कि कवर्धा की घटना में प्रशासन से चूक हुई है. सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों ने घटना को भाजपा की ओर से प्रायोजित बताते हुए इसे जानबूझकर सांप्रदायिक रंग देने का आरोप लगाया. इसके साथ ही स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश है घटना में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. उन्होंने माना कि प्रशासन के द्वारा इस मामले में थोड़ी चूक हुई है।
प्रदेश के वनमंत्री श्री मोहम्मद अकबर के शंकर नगर स्थित शासकीय आवास में कवर्धा की घटना को लेकर मंत्री रवींद्र चौबे, मंत्री मो. अकबर, मंत्री डॉ. प्रेम साय सिंह टेकाम ने प्रेस वार्ता आयोजित की.
रवींद्र चौबे ने सवाल उठाते हुए कहा कि आईंजी ने कौन सी बात कही. एक रात पहले बाहर के लोगों को क्यों ठहराया गया. किसने उन्हें बुलाया, ठहराया. उन्होंने कहा कि मुंगेली, बिलासपुर, माना से लोग वहां जाकर जुलूस निकाले. इसके पीछे भाजपा का हाथ है. एक सामान्य घटना को सांप्रदायिक रूप दिया जा रहा है. कवर्धा में माहौल खराब किया गया. उन्होंने कहा कि भाजपा के लोगों ने प्रदेश भर से अपने कार्यकर्ताओं को कवर्धा में बुलाकर खुलेआम हिंसा की घटना की, जिसके प्रमाण मौजूद है।
मंत्री ने कहा कि मामले को सांप्रदायिक रंग दिया गया. भाजपा ने अशांति का माहौल बनाने का किया. यही नहीं भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने रैली निकाली. सुकमा के मुद्दे को धर्मान्तरण का मुद्दा बनाए जाने की दलील देते हुए कवर्धा की घटना को भाजपा की ओर से प्रायोजित बताते हुए कहा कि कवर्धा में दूसरे जिलों से लोगों को बुलाया गया. मंत्रियों ने कहा कि कवर्धा के लोग शांति प्रिय है. घटना के बाद हालात में सुधार को देखते हुए कर्फ्यू में ढील दी गई है.
श्री चौबे ने कहा कि झण्डा को लेकर हुई आपसी लड़ाई को भाजपा ने साम्प्रदायिक रूप देने का प्रयास किया जो कि निंदनीय है। कवर्धा के विधायक मोहम्मद अकबर ने स्वयं निर्देश देकर झण्डा को लगवाया।
प्रदेश के वरिष्ठ मंत्री ने पूछा कि भाजपा यह बताये कि बाहर से अपने लोगों को कवर्धा क्यों बुलाया गया ? उन्हें स्कूल में क्यों ठहराया गया ? जुलूस निकालकर आपत्तिजनक नारे लगाकर माहौल को साम्प्रदायिक रूप देने का प्रयास क्यों किया ? कवर्धा में हिंसा क्यों मचाई गई ?
इस सवाल पर कि कवर्धा में जुलुस की अनुमति क्यों दी गई, वरिष्ठ मंत्री ने कहा कि शांति पूर्ण विरोध का भरोसा दिलाए गया था। उन्होंने माना कि प्रशासन के द्वारा इस मामले में थोड़ी चूक हुई है। यह पूछने पर ही पूर्व सांसद अभिषेक सिंह की अगुवाई में बेहद आपत्तिजनक नारे लगाए जाने को वे किस रूप में देखते है, श्री चौबे ने कहा कि कवर्धा में इस तरह के नारे लगाकर माहौल को संप्रादायिक रूप देने की कोशिश की गई।
राजनांदगांव लोकसभा सीट के सांसद संतोष पाण्डेय के इस आरोप पर कि एक वर्ग ने आपत्तिजनक नारे लगाए लेकिन उन पर कार्यवाही नहीं की जा रही है, कृषि मंत्री चैबे ने कहा कि किसी को नहीं बख्शा जा रहा है। सभी घटनाओं की वीडियों फुटेज उपलब्ध है, सभी मामलों में कार्यवाही की जा रही है।  अगर सांसद पाण्डेय एक रत्ती भी सच बोल रहे है तो उनके पास अगर प्रमाण है तो वे इसे पुलिस प्रशासन को उपलब्ध करा सकते है। कृषि मंत्री ने कहा कि कवर्धा के बाहर के लोगों ने कवर्धा जाकर जो घटना कि इसके प्रमाण भी मीडिया उपलब्ध कराए जाएगा।

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