छत्तीसगढ़ सिविल सप्लाई कारपोरेशन के केंद्र प्रभारी अमृतांशु शुक्ला को भाटापारा से हटाए जाने की मांग

भाटापारा । छत्तीसगढ़ सिविल सप्लाई कारपोरेशन भाटापारा के केंद्र प्रभारी अमृतांशु शुक्ला को भाटापारा से हटाए जाने की मांग नगरपालिका के पार्षद प्रदीप शर्मा ने खाद्य सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्रालय को ज्ञापन देकर की है। उन्होने बताया कि अमृतांशु शुक्ला केंद्र प्रभारी छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन लिमिटेड विगत 12 से 15 वर्षों से भाटापारा में पदस्थ हैं और काफी लंबे समय से अपना प्रभाव जमाते हुए मनमानी करते रहते हैं ।इनकी कार्यप्रणाली वह नीति ऐसी है कि राइस मिलर वह हमाल काफी परेशान रहते है।इनकी उगाही की आदत के चलते हुए बहुत सी मिले भी बंद हो चुकी है भाटापारा में वर्तमान 10 से 12 राईस मील ही चल रही है जबकि पूर्व में 30 से 40 मील कुशल रूप से संचालित होती थी । यहां पर यह बता दे की कहने को तो यह शासन की नीति के अनुसार कार्य करते हैं परंतु असल में मिलर्स लोगों को यह तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर परेशान करते हैं और अपनी ऊंची पहुंच का हवाला भी देने से नहीं चूकते हैं । और इतने समय से जमे होने पर अपनी पहुंच का भी हवाला दे देते हैं। जबकि पूर्व में पदस्थ अधिकारी साल 2 साल अधिकतम 3 साल रहते रहे हैं और फिर उनके बाद उनका ट्रांसफर हो जाता रहा है। कुछ राईस मिलर्स मैं तो लगातार परेशानियों के चलते अपना व्यावसाय ही बदल लिया और बहुत सारे मिलर्स दाल मे परिवर्तित हो गये हैं, शर्मा ने ज्ञापन मे बताया कि लाट का वजन देखने में जानबूझकर सोची समझी रणनीति के तहत विलंब करना लाट के कागज बनाने में देरी कर लोगों को परेशान करना चावल के लाट के दो से 4 बोरे भी फटे हुए होते हैं तो लाट वापस करना जैसे तरीकों से मिलर्स लोगों को यह परेशान करते रहे हैं और इसकी आड़ में और अतिरिक्त वसूली किए जाने की शिकायत है। अपने पसंदीदा मिलर्स के लाट का चावल रात को भी खाली कराने के लिए हमालो पर दबाव डालना यह सब अमृतांशु शुक्ला द्वारा व्यवहार निरंतर चला आ रहा है अतः खाद्य सचिव से अनुरोध है कि शीघ्र अति शीघ्र अमृतांशु शुक्ला को पद से हटाए एवं सभी को कठिनाइयों से मुक्ति दिलाए ।
बॉक्स
आखिर कैसे जमे हैं अमृतांशु शुक्ला,,,,
यहां पर यह सवाल उठना लाजमी है कि लगातार 10 ,12 वर्षों से इतने लंबे समय से कैसे टिके हुए हैं यहां पर अमृतांशु शुक्ला क्यों इनका तबादला अभी तक यहां से नहीं किया गया या नहीं हो पाया है यह सोचनीय विषय है। ऐसा नहीं है कि यह पूरा काम अपनी इमानदारी से और सभी लाटो को सही तरीके से लेते हैं, यदि जांच की जाएगी तो हम अनेक लाटो में अनियमितता मिल सकती है। पूर्व में भी कई बार इसमें के स्थानांतरण की मांग यहां के संबंधित कुछ नेताओं के द्वारा और मिलर्स लोगों के द्वारा की जा चुकी है परंतु इनका तबादला नहीं होने की वजह से इनके हौसले और बुलंद हो चुके हैं। जिसको लेकर मिलर्स हमेशा परेशान रहते हैं ।

Leave a Reply