खाद्य निरीक्षक की आईडी का उपयोग कर बनाए 181 फर्जी राशन कार्ड, शासन को प्रतिमाह 2 लाख 30 हजार की आर्थिक क्षति का अनुमान, रिपोर्ट पर अज्ञात के खिलाफ अपराध दर्ज

दुर्ग । खाद्य निरीक्षक दुर्ग के आई डी का उपयोग कर फर्जी 181 राशन कार्ड बनाकर अवैधानिक लाभ लेने का मामला प्रकाश में आया है। अज्ञात व्यक्ति के द्वारा प्रतिमाह शासन को 2 लाख, 30 हजार रुपए प्रति माह की आर्थिक क्षति पहुंचाने का अनुमान है। इस दौरान आरोपी के द्वारा 57 कार्ड के माध्यम से राशन भी प्राप्त किया गया है। खाद्य निरीक्षक दुर्ग की रिपोर्ट पर से कोतवाली पुलिस के द्वारा अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया।
दुर्ग कोतवाली पुलिस के मुताबिक प्रार्थी खाद्य निरीक्षक दीपा वर्मा के लिखित आवेदन के अनुसार खाद्य एवं पोषण सुरक्षा अधिनियम 2012 के तहत पात्र हितग्राहियों के ऑनलाईन राशनकार्ड का पीडीएफ स्थानीय निकायों की अनुशंसा पर विभाग द्वारा बनाये जाते है । 6 जून को मड्यूल में प्रदर्शित रिपोर्ट में माहवार बनाये गए राशन कार्डो की जानकारी देखी तब ज्ञात हुआ कि आईपी. एड्रेस वाले कम्प्यूटर के बजाए किसी अन्य आई पी.एड्रेस वाले कम्प्यूटर / मोबाईल से फर्जी तरीके से विभागीय मड्यूल का उपयोग कर कुल 44 फर्जी राशनकार्ड एवं अन्य विशिष्ट पहचान क्रमांक का उपयोग कर 141 कुल 185 फर्जी राशन कार्ड किसी अज्ञात व्यक्ति / व्यक्तियों के द्वारा बनाये गए है । ये राशनकार्ड जनपद पंचायत धमधा / पाटन / दुर्ग एवं नगरीय निकाय भिलाई एवं चरौदा की उचित मूल्य दुकानों में संलग्न है । सामान्यतः राशनकार्ड बनाने हेतु आवेदक स्थानीय निकायो में नियमानुसार आवश्यक दस्तावेजों सहित आवेदन करता है । किन्तु उपरोक्त बनाये गए राशनकार्ड के आवेदन स्थानीय निकायों में प्राप्त नहीं हुए है । पूछताछ में स्थानीय निकायों के अधिकृत अधिकारियों ने कथन दिया है कि उनके निकाय को उपरोक्त फर्जी राशनकार्ड के मुखिया के आवेदन पत्र प्राप्त नहीं हुए है । इससे स्पष्ट है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने खाद्य नियंत्रक की आई.डी हैक कर एवं खाद्य निरीक्षक के विभागीय मड्यूल का उपयोग करते हुए राशनकार्ड का विधि विरूद्ध निमार्ण किया है, जबकि खाद्य निरीक्षक के मड्यूल में राशनकार्ड बनाने का प्रावधान ही नहीं है । ये सभी राशनकार्ड कार्यालयीन समय के बाद भी एवं अवकाश के दिनों में भी बनाये गए है । उक्त फर्जी राशनकार्डो पर छगशासन को प्रतिमाह 2,30,467.91 रूपये की आर्थिक क्षति संभावित थी । 8 जून 2021 तक कुल 57 राशनकार्डो में फर्जी तरीके से राशन का आहरण किया गया जिसमें कुल 80,335.41 रूपये की आर्थिक क्षति छग शासन को पहूचाई गयी। इस प्रकार राशनकार्डो का फर्जी तरीके से किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा बनाया जाना वर्तमान में प्रचलित छ.ग. राशनकार्ड नियम 2016 की कंडिका 03,05, 15 तथा छ.ग. सार्वजनिक वितरण प्रणाली ( नियंत्रण ) आदेश 2016 की कंडिका 3 , 4 तथा 15 का उल्लंघन है , जो आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत दंडनीय है । साथ ही साथ उक्त कृत्य आईटी एक्ट के विभिन्न प्रावधानों का अज्ञात व्यक्ति द्वारा उल्लंघन किया गया है। खाद्य निरीक्षक दीपक वर्मा की रिपोर्ट पर से दुर्ग पुलिस के द्वारा अज्ञात आरोपी के खिलाफ भादवि की धारा 419, 420, 467, 468, 471 एवं 3, 7 आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है।

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