विशेष आलेख- ’15 साल बनाम ढाई साल’

0 वरिष्ठ कांग्रेस नेता अश्वनी साहू की कलम से

पाटन विधानसभा क्षेत्र के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अश्वनी साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल सरकार के ढाई वर्ष पूरे हो गए हैं।
प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी ने घोषणा की है कि कांग्रेसी सरकार के विफलता को प्रदेश की जनता को बताएंगे और घर-घर जाएंगे। पर भाजपाइयों को स्मरण होना चाहिए कि छत्तीसगढ़ की जनता जानती है , कि पहली बार छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़िया लोगों की सरकार है,जो जनता के हित में निष्ठा और ईमानदारी से काम कर रही है। प्रदेश के मतदाताओं ने पहले ही भाजपा को 2018 के चुनाव में घर बिठा दिया है। ऐसे में भाजपा का बयान हताशा से उभरने का उपक्रम हो सकता है l क्योंकि, पिछले 15 सालों में भाजपा की सरकार में विकास यात्रा के रथ पर सवार होकर गांव-गांव, शहर-शहर भाजपा नेता और मंत्री घूमा करते थे। ग्राम पंचायतों पर दबाव डालकर आम लोगों को जुटाने का काम ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिवों का होता था । परंतु विकास कम और यात्रा भत्ता ज्यादा हुआ करता था l जोगी और रमन की जुगलबंदी सरकार चलाने का काम करती थी। इसलिए 15 साल तक सरकार 50 के भीतर सीटों में चलती रही और छत्तीसगढ़ की जनता बेबस मन से 15 वर्षों के कुशासन को देखती रही l

डॉ रमन सिंह ने स्वयं अपने कार्यकर्ताओं को कहा था कि 1 साल तक कमीशन लेना बंद कर दो फिर छत्तीसगढ़ में लगातार भाजपा की सरकार बनती रहेगी। यह बयान काफी है, पर कुछ बताना भी लाजमी होगा। आप सबको स्मरण होगा कि भाजपा ने धान का समर्थन मूल्य 2100 रुपया और हर साल ₹300 बोनस देने का संकल्प लिया था पर चुनाव के समय ही बोनस देकर छत्तीसगढ़ के अन्नदाता किसानों को अंधी खाई में ढकेल दिया, परिणाम अनेकों किसानों ने आत्महत्या किया। केंद्र में मोदी सरकार बनते ही किसानों का धान 20-22 क्विंटल से घटाकर 10 क्विंटल कर दिया गया था यह भी हमें याद है। तब भूपेश बघेल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता दिल्ली कूच किए थे, तब दबाव में 14.80 क्विंटल धान दबाव में खरीदना पड़ा ।
हिंदुस्तान के इतिहास में राजनीतिक षड्यंत्र का शिकार हमारे कांग्रेस नेता हुए झीरम घाटी की घटना , नाबालिग लड़कियों के साथ दुष्कर्म झलियामारी कांड , बालोद का आँखफोड़वा कांड, बिलासपुर का नसबंदी कांड, मदनवाड़ा में जवानों की शहादत, नक्सली वारदात चरम सीमा पर, शराबबंदी के बजाय सरकारी कर्मचारियों से शराब की दुकान चलाने का आदेश, चिटफंड घोटाला, नान और धान घोटाला, कई हजार युवतियाँ छत्तीसगढ़ से लापता। इन सबके बावजूद भाजपा तिहार मनाती रही।
भाजपा ने किसानों को हर साल बोनस नहीं दिया पर हर साल बोनस तिहार मनाया ?
पीडीएस कि चावल घोटाला होता रहा पर भाजपा ने चावल उत्सव मनाया ?
सरकारी खजानों का दुरुपयोग होता रहा और भाजपा ने पूरे 15 साल 12 महीने त्यौहार मनाती रही l उस समय लोग नारा दिया करते थे-
“ऐसा कोई सगा नहीं, जिसे भाजपा ने ठगा नहीं”।
डॉ रमन सिंह के राज में लगाए गए रतनजोत के पौधे के बीज खाकर कई बच्चे बीमार होकर हॉस्पिटल में गए और कई की मौत हो गई। ग्रामीण महिलाओं के लिए और गौ माता के लिए रमन सरकार ने कुछ नहीं किया गया बल्कि कहें तो गौ माता को वोट देने का मशीन माना, गौ माता रमन राज में गरु हो गई थी l किसानों की आत्महत्या और नक्सली घटना में जवानों की शहादत रमन राज में ज्यादा हुए l यह कोई किस्से कहानी से कम नहीं है लिखते लिखते लेखनी थक जाएगी, 15 साल में आम जनता को कुछ नहीं मिला- खोदा पहाड़,निकली चुहिया वाली कहावत चरितार्थ हुई।
कांग्रेस नेता श्री साहू ने आगे अपने आलेख में वर्तमान समय और छत्तीसगढ़ के कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार को लेकर कहा कि यह
सपनों और आकांक्षाओं की सरकार है, आप सबकी सरकार है, हमारी सरकार, किसानों और गरीबों की सरकार है।
“ढाई वर्ष की सरकार”
2018 के विधानसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ को लूटने वाली भाजपा की सरकार को अभियान चलाकर जनता ने समेट कर रख दिया l तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने भरोसा किया और फिर पद यात्रा के माध्यम से जनहित के ज्वलंत समस्या को सदन से सड़क तक उठाने का काम किया गया परिणाम छत्तीसगढ़ में 70 सीटों पर कांग्रेस काबिज हुई l हाईकमान ने भूपेश बघेल को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया और आज हम गर्व से कह सकते हैं कि किसानों और गरीबों के अंतर्मन की पीड़ा को समझकर भूपेश जी ने ऐसी ऐसी योजना और कार्यक्रम का आगाज किया जो पूरे देश ही नहीं दुनिया आज छत्तीसगढ़ को जानने के लिए उत्सुक है। ऐसा कौन सा जादुई व्यक्तित्व है जिसके मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ विकास कर रहा है l पूरी दुनिया में आर्थिक मंदी का दौर चल रहा है। ऐसे समय पर भी छत्तीसगढ़ आर्थिक रूप से मजबूत दिख रहा है नीति आयोग की रिपोर्ट और कई दर्जन राज्य सरकार को मिले पुरस्कार अपने आप में सरकार की कामयाबी को बया करने के लिए काफी है l
भूपेश बघेल मुख्यमंत्री बनने के तुरंत सबसे पहले अन्नदाता किसानों का आँसू पोछा और उनके कर्ज को माफ किया। 2500 रुपया धान की कीमत देकर किसानों का मान बढ़ाया l सिंचाई कर जो किसान नहीं दे पा रहे थे उसे माफ किया और बिजली बिल भाजपा के शासन में ज्यादा हुआ करते थे उसे आधा किया। गोधन न्याय योजना के तहत गोबर विक्रेताओं के खाते में सीधा पैसा जमा कराया। कृषि लागत कम हो जिसके लिए गोबर से वर्मी कंपोस्ट खाद महिला स्व सहायता समूह के माध्यम से कराया गया जिससे बहनों को रोजगार मिला।
“नरवा गरवा घुरवा बारी,छत्तीसगढ़ के चार चिन्हारी” इस नारे को हकीकत में धरातल पर उतार दिया गया l गौठान समिति का गठन कर उनकी व्यवस्था के लिए प्रति माह ₹10000 सीधे समिति के खाते पर दिए गए। 13 अन्य फसलों को राजीव गांधी न्याय योजना के श्रेणी में लाकर किसान भाइयों को विकास की गाथा गढ़ने का एक सुनहरा मौका दिया, ताकि छत्तीसगढ़ में सभी प्रकार की फसलें किसान भाई ले सके और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सके। और तो और मछुवारा भाइयों के लिए मछली उत्पाद में बोनस देने की घोषणा और अभी-अभी नीति आयोग की रिपोर्ट में लैंगिक समानता (महिला और पुरुष) में छत्तीसगढ़ का शीर्ष स्थान में होना हम सबके लिए गौरव और सम्मान की बात है। बरसों से बाट जो रहे शिक्षा कर्मियों का संविलियन और गुरुजनों का सम्मान, बस्तर के आदिवासी भाइयों को टाटा स्टील से जमीन वापसी फैसला ऐतिहासिक है।भगवान श्री रामचंद्र जी की माता कौशल्या के मंदिर का निर्माण एवं राम वन गमन पथ यात्रा को पर्यटन का रूप देकर भगवान राम के प्रति आस्था को बढ़ाने का काम किया।
गांव के लिए धरसा विकास योजना शुरू की गई, ताकि खेतों तक रास्ता बन सके। आंगनबाड़ी या स्कूल, अस्पताल के लिए पहुंच मार्ग हो जिसके लिए मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना, शासकीय कर्मचारियों के परिवारों को अनुकंपा नियुक्ति, जमीन रजिस्ट्री के नियम को सरलीकरण, तेंदूपत्ता के मानक मूल्य 2500 रुपए से बढ़ाकर 4000 रुपया करना।
कोरोना संक्रमण काल में बेसहारा बच्चों का स्कूल फीस एवं प्रतिमाह छात्रवृत्ति की घोषणा। महतारी दुलार योजना के तहत कोरोना संक्रमण काल में मुखिया की मृत्यु के उपरांत पढ़ाई लिखाई की विशेष सुविधा। पहली बार सरकारी स्कूल में इंग्लिश मीडियम स्कूल स्वामी आत्मानंद जी महाराज के नाम पर, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे भी अंग्रेजी माध्यम से विद्यार्जन कर सके। विश्व आदिवासी दिवस, कर्मा जयंती, तीजा पर्व पर अवकाश। छत्तीसगढ़ में खत्म होते संस्कृति, तीज-त्यौहार हरेली, गेड़ी ,भंवरा को नई पीढ़ी से अवगत कराने और छत्तीसगढ़ की त्योहार परंपरा को जीवंत बनाने का काम किया गया। भूपेश बघेल मुख्यमंत्री को देखकर भाजपा के नेता भी गेड़ी चढ़ते देखे गए, पर उसको संभालने वाले दस-बीस लोग खड़े होते थे, जो लोग पैसों के दम पर खड़े हुए हैं वो भला गेड़ी चढ़ना क्या जाने ?
छत्तीसगढ़ी भाषा का सम्मान बढ़ाना और छत्तीसगढियों के मन से हीन भावना को समाप्त करने का ऐतिहासिक काम जो रमन सिंह ने 15 वर्षों में नहीं कर पाए वह छत्तीसगढ़ की कांग्रेस की सरकार ने पूरा कर दिखाया।
अंत में कोरोना संक्रमण वैश्विक महामारी के कारण पूरी दुनिया में तबाही का और आर्थिक मंदी का दौर देखने को मिला वही छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल की सरकार ने अपनी जनता के दुख दर्द को महसूस कर हर संभव प्रयास किया।इंडोर स्टेडियम को भी रातों-रात अस्पताल बना दिया गया। प्रत्येक जिलों में लगातार सुविधा बढ़ाई जाती रही, जिसके कारण आज कोरोना संक्रमण का प्रतिशत नहीं के बराबर है l केंद्र सरकार की कुप्रबंधन का दर्द पूरे देश ने देखा है। अपने घरों तक जाने वाले प्रवासी, पैदल चलते, रोते बिलखते अपने ठिकाने पर जाने के लिए निकले थे ऐसे लोगों को भोजन-पानी और पैरों के चप्पल भी भूपेश बघेल ने कार्यकर्ताओं के माध्यम से मुहैया कराया।
छत्तीसगढ़ में चारों तरफ खुशहाली है, सुकून है, खुशी है इसलिए क्योंकि भूपेश है तो, भरोसा है l
छत्तीसगढ़ की सभी जनता को और जनता के प्रतिनिधि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं मंत्रिमंडल के सभी सदस्य एवं संगठन के मुखिया मोहन मरकाम और संगठन के सभी पदाधिकारियों को सरकार के ढाई वर्ष पूर्ण होने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं।

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