कोरोना से बस संचालकों की हालत हुई पतली: किश्त पटाने को पैसे नहीं, कोई राहत पैकेज भी नहीं

भाटापारा। कोरोना महामारी ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। ऐसा कोई क्षेत्र नहीं बचा है जो इससे प्रभावित ना हुआ हो। पिछली बार की तरह इस बार भी यात्री बस संचालकों की हालत पतली है। इस बार खड़ी बसें जाम हो गई है और लंबे लॉकडाउन के बाद से जुड़े सैकड़ों परिवार भुखमरी की कगार पर आ चुके हैं,क्योंकि इनके लिए कोई राहत पैकेज नहीं है। सर्वाधिक हालत बस मालिकों की खराब हो गई है। खड़े-खड़े बसों के टायर बैठ गए। इलेक्ट्रॉनिक्स पार्ट्स भी खराब हो चुके हैं । किस्त पटाने की स्थिति नहीं है। काम करने वाले कर्मचारी भुखमरी की तो बस मालिक दिवालिया होने के कगार पर पहुंच चुके हैं । राज्य सरकार को इनके लिए विशेष पैकेज जारी करना चाहिए ।कोविड 19 की मार लगभग प्रत्येक व्यवसाय को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सभी को पडी है पर कुछ व्यवसाय ऐसे है जिन्हें इसका असर सीधे तौर पर झेलना पडा है उनमें से एक है बस व्यवसाय आज लगभग 2 वर्षो से इस महामारी की मार झेल रहे बस व्यवसायी आज पूर्ण रूप से कर्ज में डूब कर पायी पाई मोहताज हो चुके है । कोविड 19 के डर से यात्रियों की आवाजाही बहुत कम हो रही है लग्भग न के बराबर भाटापारा से चारो ओर जैसे बलौदाबाजार मुंगेली नवागढ बेमेतरा मारो बिलासपुर सरगांव करहीबाजार मोपका खरोरा आदि कस्बो एवं शहरो में जाने हेतु 150 से 160टायमिंग की बसें सुबह से देर शाम तक छूटते थी किन्तु पिछले दो माह से पूर्णत: बंद है पिछले साल कोविड की मार के बाद नवम्बर 20 से धीरे धीरे पुन: पटरी में लाने का प्रयास बस संचालक कर रहे थे किन्तु केवल 5 से 10 प्रतिशत बसो का संचालन ही हो पाया था उसके बाद फिर से लाकडाउन की मार झेलनी पड गयी इसके अलावा बस व्यवसाय में असर डालने वाले दूसरी बडी वजह बढते स्पेयर पार्टस के दाम ,डीजल का भाव आज लगभग 92रूपये 10 पैसे प्रति लीटर होना है। यात्री किराये में पिछले 2-3 वर्षौ से इजाफा न होना व बसो का मंहगा मंथली टैक्स का होना बडी वजह है । आज बस व्यवसाय से जुडे वाहन मालिक चालक परिचालक हेल्पर मिस्त्री सभी की आर्थिक स्थिति बद से बदतर हो चली है ।बसो की किश्ते नही पट पा रही है । उस पर फाईन एवं ब्याज फायनेंस कंपनीयों व्दारा वसूला भी जा रहा है । कुल मिलाकर बस व्यवसाय भी वेंटिलेटर पर है जो कि शासन के आक्सीजन रूपी सहायता हेतु टकटकी लगाये शासन की ओर देख रहा है और अपनी अंतिम सांसे गिन रहा है ।
छत्तीसगढ़ राज्य में 2003 से निजी बस संचालकों द्वारा बसों का संचालन ग्रामीण मार्ग, क्षेत्रीय मार्ग, अंतर क्षेत्रीय मार्ग एवं अंतरक्रांति मार्ग पर लगभग 14000 यात्री बसों से संचालन यात्रियों की यात्रा हेतु बेहतर से बेहतर सुविधा प्रदान किया जा रहा है बस संचालन में विभिन्न कठिनाइयों छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग को अनेकों बार अवगत कराया गया है जिस पर कितनी देर नहीं लिए जाने से आपके माध्यम से निवेदन है जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य में मार्च 2008 तक डीजल के दामों वृद्धि स्वरूप प्रति लीटर 67 रुपए हो जाने से दिनांक 18 जुलाई 2018 को यात्री किराये मैं वृद्धि शासन द्वारा की गई आज दिनांक 27 मई 2021 को डीजल के दाम में प्रति लीटर रुपए 91.26 हो जाने से भी परिवहन विभाग द्वारा बसों के यात्री किराया मैं वृद्धि किया जाना अति आवश्यक है इस संबंध में छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग को अनेकों बार निवेदन किया गया है जिस पर आज़ दिनांक तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है वहीं पड़ोसी राज्यों में यथा मध्यप्रदेश में डीजल के दामों में वृद्धि से यात्री किराये मैं वृद्धि अप्रैल 2021 को 25% के अनुसार की गई है साथ ही उड़ीसा राज्य द्वारा कोरोना महामारी की दुसरी लहर को देखते हुए माह अप्रैल 2021 व मई 2021 को मोटरयान घर में पूर्ण छूट प्रदाय किए गए हैं कोरोना कॉल मार्च 2020 आज दिनांक 27 मई 2021 तब समय-समय पर शासन के निर्देश एवं करोना कॉल में यात्रियो के द्वारा यात्रा नहीं किए जाने से यात्री बस एवं शैक्षणिक संस्था में छात्राओं की उपस्थिति पर शासन के निर्देश से बंद किए जाने से स्कूल बसों का संचालन नहीं होने से यथा कोई यात्री व्यवसाय नहीं होने से बसों पर टैक्स लिया जाना भी न्यायसंगत नहीं होने से मार्च 2020 से दिसंबर 2021 तक पूर्ण रूप से टैक्स में छूट प्रदान किया जाना न्याय हित मे एवं जनहित में उचित होगा।
अत: छत्तीसगढ के समस्त बस संचालक ने परिवहन विभाग छत्तीसगढ शासन के समक्ष निम्न मांग रखी है – 1 डीजल के दामो में पूर्व के दर प्रति लीटर रूपये 67 से आज दिनांक 27 मई 2021 को प्रति लीटर रूपये 91.26 वूद्धि से पूर्व के किराये में 40 प्रतिशत की वृद्धि नितांत आवश्यक है । 2- वर्ष 2018से 2021 तक डीजल में 36 प्रतिशत की वृद्धि हो चुकी है व साथ ही यात्री बसो के चेचिस जो 22लाख रूपये था का 37 प्रतिशत वृद्धि उपरांत 35 लाख रूपये का हो चुका है । 3- मार्च 2020 से दिसम्बर 2021तक यात्री बसो एवं स्कूल बसो में पूर्णतया कर में छूट आवश्यक है । 4- अग्रीम कर जमा की शर्त को विलोपित करते हुये के एन्ड एम याने नान यूज अवधि को समाप्त कर दिया जावे ।

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