मंडी में कार्यरत मजदूरों ने अचानक काम किया बंद, 3 किलोमीटर तक लगी गाड़ियों की लंबी लाइन-बैठक में बनी सहमति के बाद काम पर लौटे

भाटापारा। शुक्रवार को कृषि उपज मंडी में कार्यरत संपूर्ण मजदूर संघ ने अपनी 2 सूत्रीय मांग को लेकर अचानक काम बंद कर दिया जिससे मंडी के बाहर लगभग 3 किलोमीटर से भी अधिक दूरी तक गाड़ियों की लंबी लाइन लग गई और ट्रैफिक जाम की स्थिति निर्मित हो गई । दोपहर 3 बजे के बाद अधिकारियों जनप्रतिनिधि मजदूर हमाल किसान व्यापारी एवं अभिकर्ताओं की एक संयुक्त बैठक में हुई ।आपसी सहमति के बाद काम प्रारंभ हो पाया। बताया गया है कि 300 से 400 गाड़ियां लाइन में लगी हुई थी। इस संदर्भ में मिली जानकारी के अनुसार मजदूर इस बात को लेकर अचानक काम बंद कर दिए कि लॉकडाउन के दौरान सीधे मिलो में गाड़ियां खाली होती रही जिसकी वजह से मजदूरों को मजदूरी का नुकसान उठाना पड़ा उनकी मांग है कि भविष्य में गाड़ियां सीधे मिलों में खाली ना हो एवं जो गाड़ियां खाली हुई उसकी मजदूरी दिलाई जाए। सुबह से लेकर दोपहर तक के यह सब चलता रहा खबर मिलने के बाद छत्तीसगढ़ सरकार के निगम मंडल के सदस्य सतीश अग्रवाल एसडीएम इंदिरा देवहारी नायब तहसीलदार मयंक अग्रवाल मंडी के भार साधक अधिकारी बीएन वर्मा कृषि उपज मंडी के सचिव सुरेश चौरे सहित व्यापारी गण मिलर्स अभिकर्ता गण किसान एवं मजदूरों की एक संयुक्त बैठक Mandi के सभाकक्ष में संपन्न हुई जिसमें इस बात का निर्णय हुआ कि कोई भी गाड़ी सीधे मिलो में जाकर खाली नहीं होगी गाड़ियों को अपनी उपज बेचने के लिए मंडी प्रांगण में लाना ही होगा इस समझौते के बाद मजदूरों ने काम शुरू कर दिया है परंतु गर्मी के धान की बंपर फसल के बाद आवाक जबरदस्त बनी हुई है और मंडी में काम 1 दिन में पूरा नहीं हो पा रहा है बुधवार को बुद्ध पूर्णिमा की छुट्टी होने के कारण एवं गुरुवार को जिले में पूर्ण लाख डाउन होने की वजह से लगातार दो दिनों तक कृषि उपज मंडी बंद रही जिसकी वजह से शुक्रवार को कृषि उपज मंडी में आवक का लोड बहुत ज्यादा बढ़ गया फिर उसके ऊपर अचानक मजदूरों में काम बंद कर दिया जिसे स्थिति काफी खराब हो गई जैसे तैसे मजदूरों को समझाने के बाद दोपहर 3:00 बजे के आसपास कामकाज शुरू हो पाया। खबर मिलते ही छत्तीसगढ़ सरकार के निगम मंडल के सदस्य सतीश अग्रवाल ने सक्रियता दिखाते हुए जिला कलेक्टर से बात की और स्वयं कृषि उपज मंडी पहुंचकर एसडीएम को बुलवाकर मामले को निपटाने में सक्रिय भूमिका अदा की।
ऐसा रहा हाल
बुधवार को सरकारी छुट्टी होने की वजह से एवं गुरुवार को जिले में पूर्ण lock-down की घोषणा के कारण लगातार दो दिनों तक कृषि उपज मंडी बंद रही और शुक्रवार को मजदूरों द्वारा अचानक काम बंद कर दिए जाने की वजह से भी मंडी बुरी तरह प्रभावित हुआ और किसान सहित व्यापारी मिलर्स और मजदूर भी बहुत परेशान हुए। दोपहर बाद काम प्रारंभ हुआ अब शनिवार को ही कामकाज हो पाएगा और फिर रविवार को कृषि उपज मंडी बंद रहेगी इससे सभी वर्गों को परेशानी हो रही है। गाड़ियों की लंबी कतारें फिर लग जाएंगी।
समय बढ़ाना जरूरी
मंडी के कामकाज के लिए समय बढ़ाया जाना बहुत जरूरी है सामान्य दिनों में कृषि उपज मंडी में सुबह 5:00 बजे से लेकर रात 10:00 बजे तक काम चलता रहा है वर्तमान में शाम 6:00 बजे तक की काम करने की छूट मिली हुई है यहां पर कृषि उपज मंडी में समय बढ़ाए जाने की बेहद ज्यादा जरूरत है।
मजदूरों को समझाने के बाद काम शुरू
मजदूरों की मांग पर बैठक में विचार विमर्श के बाद उन्हें समझाया गया और फिर से काम शुरू करा दिया गया है
इंदिरा देवहारी
एसडीएम भाटापारा

किसानों की परेशानी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
किसानों की परेशानी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा शुक्रवार को सभी पक्षों को बैठा कर मामले का निराकरण कर दिया गया है। कृषि उपज मंडी सुचारू रूप से चले इसके निर्देश दिए गए।
सतीश अग्रवाल
छत्तीसगढ़ सरकार में निगम मंडल सदस्य

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