0 राज्य की औद्योगिक नीति में भी किए जाएंगे जरूरी संशोधन
0 राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत अब धान के साथ मक्का, कोदो, कुटकी सहित अन्य फसलें भी होंगी शामिल
रायपुर/ कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण पाने के लिए आवश्यक सामग्रियों के राज्य में ही उत्पादन और निर्माण को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए राज्य की औद्योगिक नीति में भी जरूरी संशोधन करने के साथ नये प्रावधान किए जाएंगे। यह निर्णय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की वर्चुअल बैठक में लिया गया। राज्य सरकार की कोशिश है कि कोरोना पर नियंत्रण के लिए जिन सामग्रियों की जरूरत पड़ रही है, उनका अधिक से अधिक निर्माण राज्य में उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से किया जाए।
इसके अलावा राज्य मंत्रिमंडल ने यह निर्णय भी लिया है कि प्रदेश में राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत अब खरीफ सीजन दो हजार इक्कीस में धान, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी, अरहर, मंूग, उड़द, कुल्थी, सोयाबीन, मूंगफली, तिल, रामतिल, कपास, सनई, जूट के साथ-साथ कृषि वानिकी और गन्ना फसल को भी शामिल किया जाएगा। इस योजना में सभी श्रेणी के भूमि स्वामी और वन पट्टाधारी किसान पात्र होंगे। किसान न्याय योजना के तहत कृषि वानिकी को प्रोत्साहित करने के लिए भूमि स्वामी कृषक को प्रथम दो वर्ष के लिए नौ हजार रूपए प्रति एकड़ की दर से चार किस्तों में आदान सहायता राशि दिए जाने का प्रावधान किया गया है। योजना के तहत खरीफ दो हजार बीस में धान फसल के पंजीकृत किसानों और धान बीज उत्पादक किसानों को पांच हजार आठ सौ सैंतीस करोड़ रूपए की राशि चार किस्तों में दी जाएगी।
प्रदेश में मुख्यमंत्री पौधरोपण प्रोत्साहन योजना के तहत निजी क्षेत्र, कृषकों, शासकीय विभागों और ग्राम पंचायतों की भूमि पर इमारती, गैर इमारती प्रजातियों के वाणिज्यिक वृक्षारोपण को प्रोत्साहित किया जाएगा। वहीं, प्रदेश में कोरोना संक्रमण से माता-पिता को खो चुके बच्चों की पढ़ाई का खर्च राज्य सरकार उठाएगी और पहली से लेकर बारहवीं तक के बच्चों को प्रतिमाह छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाएगी।
कैबिनेट में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत चने की आपूर्ति के लिए नाफेड के माध्यम से पांच हजार छह सौ रूपये प्रति क्विंटल की दर से चना खरीदने का निर्णय लिया गया। वहीं, मई और जून महीने के लिए अंत्योदय, प्राथमिकता, एकल निराश्रित अन्नपूर्णा और निराश्रित कार्डधारियों को नि:शुल्क खाद्यान्न वितरण के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
बैठक में तृतीय श्रेणी के पदों पर अनुकंपा नियुक्ति देने के लिए दस प्रतिशत के सीमा बंधन को इकतीस मई दो हजार बाईस तक के लिए शिथिल करने का निर्णय लिया गया। साथ ही राज्य प्रशासनिक सेवा के संवर्ग प्रबंधन के लिए डिप्टी कलेक्टर से संयुक्त कलेक्टर के पद पर क्रमोन्नति में छूट भी प्रदान की जाएगी।
कैबिनेट में यह भी निर्णय लिया गया कि गन्ना पेराई वर्ष दो हजार बीस-इक्कीस के लिए किसानों को एफ.आर.पी. की अंतर राशि चौरासी रूपए पच्चीस पैसे प्रति क्विंटल की दर से आदान सहायता के रूप में प्रदान की जाएगी। प्रदेश में गोधन न्याय योजना के तहत गोठानों में क्रय किए गोबर से अतिशेष सुरक्षित रखे गोबर का वैकल्पिक विधि से सामान्य गोबर खाद-आर्गेनिक मैन्योर का निर्माण स्व-सहायता समूह के माध्यम से किया जाएगा। सामान्य गोबर खाद का विक्रय छह रूपए प्रति किलो की दर से और प्रति किलो लाभांश राशि में से नब्बे पैसे संबंधित स्व-सहायता समूह को मिलेगा।
प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में कई अहम निर्णय: कोरोना पर नियंत्रण के लिए राज्य में ही आवश्यक सामग्रियों के उत्पादन को किया जाएगा प्रोत्साहित
