भाटापारा। इस बार पुलिस को नहीं चलाना पड़ रहा है डंडा जनता ने खुद स्वीकार किया लॉक डाउन। बेकाबू होते करोना और रोजाना हो रही मौतों को देखते हुए जिले के लोग एक बार काफी सहम गए हैं। प्रतिदिन आ रहे हैं सैकड़ों की संख्या को लेकर भी लोग काफी चिंतित हो गए हैं। संक्रमण पर नियंत्रण पाने के लिए जिले में 11 अप्रैल से लॉक डाउन लगा हुआ है जो 21 अप्रैल तक लागू रहेगा। इस बार लॉकडाउन को जनता ने भी सहजता से स्वीकार कर लिया है। लॉकडाउन की वर्तमान में स्थिति यह है कि लोग खुद ब खुद अपने घरों में दुबके हुए हैं पिछली बार की तरह शहर में कहीं भी पुलिस को डंडा नहीं चलाना पड़ रहा है। माना जा रहा है कि अधिक जनता का यह सहयोग जारी रहा तो आने वाले समय में हालात काफी सुधर सकते हैं और जिंदगी एक बार फिर पूरी रफ्तार से दौड़ने लगेगी, परंतु वर्तमान समय में लोगों को संयम का परिचय देना होगा। लॉकडाउन खुलने के बाद भी लोगों को अनिवार्य रूप से मास्क लगाना होगा तथा अनिवार्य रूप से सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन करना होगा एवं हाथों को समय-समय पर सैनिटाइज करना होगा। पहले एक-दो दिन लोग बेवजह शाम को सड़क पर घूमते हुए दिखाई दे जाते थे, किन्तु पिछले दो-तीन दिनों से लोग बेवजह घूमते कम ही दिख रहे हैं। शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। सभी प्रकार की दुकानें लगभग बंद है शहर के लोग एक बार गाइडलाइन का पालन करते हुए अब दिखाई देने लगे हैं सुबह से लेकर शाम तक सड़कें वीरान दिखाई पड़ती है इसलिए पुलिस को पिछली बार की तरह डंडे का प्रयोग नहीं करना पड़ रहा है। कहीं-कहीं एक दो जगह लोगों को समझाइश देने की जरूरत जरूर पड़ जाती है बावजूद इसके हम कर सकते हैं कि इस बार लोग ज्यादा डरे सहमे हुए हैं और स्वयं भी घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं। करोना की रफ्तार जिस प्रकार से बढ़ रही है। उसको लेकर क्षेत्र के लोग अच्छे खासे चिंतित हो गए हैं और लोगों के मन में डर बैठ गया है । *माने चिकित्सकों की सलाह* वर्तमान में कोरोनावायरस संक्रमण कई रूपों में सामने आ रहा है। पहले केवल सर्दी खांसी बुखार ही इसके लक्षण हुआ करते थे परंतु अब इसके लक्षणों में काफी बदलाव आ चुका है। इसलिए लोगों को चिकित्सकों की सलाह मानने कही जा रही है। जरा भी किसी भी प्रकार की परेशानी होती है तो लोगों से यह अपील की गई है कि वह तुरंत अपने चिकित्सक से मिलकर जांच करवाएं ताकि यदि उस व्यक्ति को करोना हो तो उसे फैलने से रोका जा सकेगा। *कोरोना के लक्षण को ही पॉजिटिव माने* इस मामले में नगर के चिकित्सक व सर्जन डॉक्टर विकास आडिल ने बताया कि कोरोना लक्षण वाले मरीज जिनकी एंटीजन रिपोर्ट नेगेटिव आई हो किंतु उसे कोरोना के पूरे लक्षण हो तो वह अपने आप को नेगेटिव ना माने । यदि किसी व्यक्ति की एंटीजन रिपोर्ट नेगेटिव आती है किंतु उसे अन्य लक्षण है तो उसे तत्काल rt-pcr जांच करानी चाहिए और जब तक rt-pcr की रिपोर्ट नहीं आ जाती है तब तक उसे अपने घर में अलग से आइसोलेट रहना चाहिए इसके लिए संबंधित व्यक्ति को अपने चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए और उसकी सलाह के अनुसार दवाई लेना चाहिए। माना गया है कि कोरोना वायरस के लिए एंटीजन की जांच स्क्रीनिंग जांच जैसी ही होती है जिसमें ज्यादा वायरल लोड वाले मरीज की ही पहचान हो पाती है, इसलिए लक्षण होने पर आइसोलेट होते हुए डॉक्टर से परामर्श लेकर दवाई लेना ही सही होगा। इसके अतिरिक्त डॉ विकास आडिल ने जरूरत के हिसाब से सीटी स्कैन करवाने की भी सलाह दी है।
लॉकडाउन: इस बार पुलिस को नहीं करनी पड़ रही मशक्कत, सहमे हुए हैं लोग
