दुर्ग।।छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में 6 अप्रेल से 14 अप्रेल तक लगाए गए लॉकडाउन का असर मंगलवार सुबह से ही दिखना शुरू हो गया। सुबह से ही शहर के सारे महत्वपूर्ण बाजारों में पूरी तरह से सन्नाटा बना रहा। इसके साथ ही शहर के सारे महत्वपूर्ण चौक चौराहों पर पुलिस की टीम मॉनिटरिंग करती रही।
लॉकडाउन के पहले दिन, पुलिस एवं निगम की मोबाइल टीम पूरे शहर भर में घूम-घूम कर यह देख रही है कि कहीं लॉकडाउन का उल्लंघन तो नहीं हो रहा लेकिन नागरिकगण स्वत: स्फूर्त कोरोना के बढ़ते संक्रमण को रोकने की दिशा में भागीदारी निभाने घर से नहीं निकल रहे हैं। केवल मेडिकल इमरजेंसी, टेस्टिंग, वैक्सीनेशन के लिए ही लोग बाहर निकल रहे हैं। दवा दुकानों, चश्मा दुकान को छोड़कर अन्य सभी दुकाने बंद है।उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन ने 4 दिन पूर्व लॉक डाउन लगाने का निर्णय लिया था ताकि लोग आवश्यक सामानों की खरीद कर लें। इसके अलावा कंट्रोल रूम में हेल्पलाइन नंबर दिए हैं एवं निगम की टीम चारों ओर स्थिति पर नजर रखी हुई है। कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि जरूरतमंदों को किसी तरह से दिक्कत ना हो यह सुनिश्चित करें।
इन नियमों का करना होगा पालन, बैठक में लिया गया निर्णय
•जिले से सटी हुई सीमाओं पर पुलिस एवं राजस्व के दल निगरानी रखेंगे।
•जिले की सीमाएं पूरी तरह सील होंगी
•ई-पास के बगैर आने वालों पर पूरी तरह से प्रतिबंध होगा।
•ई- पास का आवेदन जिले की वेबसाइट में उपलब्ध कराया गया है।
•अत्यावश्यक सेवाओं के अतिरिक्त राज्य सरकार के सारे कार्यालय बंद रहेंगे, केंद्र सरकार के कर्मचारी अपना पहचान पत्र दिखाकर अपने कार्यालय पहुँच सकेंगे।
•मार्निंग वाक, साइक्लिंग, जिमिंग पूरी तरह बंद रहेंगे।
•जरूरतमंदों को किसी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किये जा रहे हैं।
•केवल नेशनल हाइवे के चल रहे निर्माण एवं अमृत मिशन के कार्य चलेंगे, शेष सभी निर्माण कार्य बंद रहेंगे।
•सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान पूर्णतः बंद रहेंगे। मेडिकल, पेट्रोल पंप, चश्मा दुकान विक्रेता जिनको लाकडाउन में छूट मिली है।उनकी शत-प्रतिशत टेस्टिंग की जाएगी।
•अन्य राज्यों से अथवा प्रदेश के अन्य जिलों से दुर्ग के अलावा अन्य जिलों हेतु संचालित सार्वजनिक परिवहन को शहर के अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
•जिले से प्रदेश के अन्य जिलों अथवा अन्य राज्यों हेतु संचालित लंबी दूरी की सार्वजनिक परिवहन सेवा आनलाइन बुकिंग के आधार पर संचालित होगी।
•प्रस्थान के केवल पाँच मिनट पूर्व एकमात्र दुर्ग के बस स्टैंड पर उपलब्ध होगी।
•अन्य प्रदेश अथवा जिलों से आने वाले यात्रियों का ब्योरा सीएमएचओ कार्यालय में बस संचालक को उपलब्ध कराना होगा।
•अन्य क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों का कोरोना टेस्ट अनिवार्य होगा। इसके लिए बस स्टैंड में कैंप लगाये जाएंगे, सबके टेस्ट की जवाबदेही बस संचालक की होगी।
•अत्यावश्यक सेवाओं के परिवहन को अनुमति होगी। केवल वाहन चालक और हेल्पर को ही वाहन में अनुमति होगी।
•हर दिन शाम को एसडीएम/एसडीओपी फ्लैगमार्च करेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय अमले का दल बनाकर लाकडाउन का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।
•विवाह और अंत्येष्टि में 50 के भीतर लोगों को ही अनुमति मिल सकेगी
•सभी परीक्षाओं में, परीक्षार्थी के साथ अभिभावक को जाने की छूट होगी, ट्रेन से अथवा फ्लाइट से परिवहन के लिए जाने वाले लोगों को टिकट दिखाने पर अनुमति दी जाएगी।
•मोबाइल रिचार्ज दुकानें बंद रहेंगी। घर जाकर दूध बाँटने वाले विक्रेता सुबह 6 से 7 बजे एवं शाम 6 से 7 बजे जा सकेंगे। औद्योगिक संस्थानों को प्रतिबंध से छूट रहेगी।
•बैंक एवं पोस्ट आफिस सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक खुले रहेंगे। चार पहिया वाहनों में ड्राइवर सहित अधिकतम तीन एवं दो पहिया वाहनों में केवल दो व्यक्तियों को यात्रा की अनुमति
•वैक्सीनेशन और टेस्टिंग के लिए केंद्र तक जाने की अनुमति होगी। सारी छूटें कंटेटमेंट क्षेत्र में लागू नहीं। आदेश का उल्लंघन होने पर धारा 188 के अंतर्गत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
