दुर्ग। विधायक अरूण वोरा ने दुर्ग जिले में कोविड नियंत्रण की दिशा में सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। वोरा ने कहा कि कोरोना पेशेंट के इलाज के लिए सभी शासकीय और अशासकीय अस्पतालों में इलाज की बेहतर व्यवस्था होना चाहिए। किसी भी हालत में कोरोना मरीजों को अव्यवस्थाओं का सामना न करना पड़े। इसके लिए जरूरी इंतजाम तत्काल प्रभाव से किये जाने चाहिए।वोरा ने कहा कि कोरोना संक्रमण बढ़ने के कारण मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दुर्ग जिले में मुख्यमंत्री सहायता कोष से 2 करोड़ की राशि जारी की है। इस राशि का सदुपयोग करते हुए कोरोना मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा मिलना चाहिए। आक्सीजन बेड के साथ वेंटीलेटर बेड की पर्याप्त व्यवस्था किया जाना चाहिए, ताकि मरीजों का इलाज समय पर किया जा सके और गंभीर मरीजों की जान बचाई जा सके।वोरा ने कोरोना जांच केंद्रों में अक्सर टेस्ट किट खत्म होने और मरीजों को इलाज के लिए भटकाव की स्थिति की जानकारी मिलने पर नाराजगी जताई। वोरा ने कहा कि इससे जांच कराने आने वाले लोगों को अनावश्यक भटकना पड़ता है। इस तरह की लापरवाही किसी भी हालत में नहीं होना चाहिए। वोरा ने कहा कि सभी कोरोना जांच केंद्रों में पर्याप्त संख्या में टेस्ट किट की उपलब्धता और कोरोना के इलाज की सुविधा वाले अस्पतालों में पर्याप्त संख्या में सुविधायुक्त बेड बढ़ाने की तत्काल जरूरत है। इसमें किसी भी हालत में देर नहीं होना चाहिए। वोरा ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से कचांदुर सेंटर सहित अन्य मेडिकल सेंटरों में कोरोना पेशेंट के लिए कम से कम 2 सौ सुविधायुक्त बेड तत्काल बढ़ाने की व्यवस्था करने कहा है।वोरा ने कहा कि इलाज की सभी बेहतर व्यवस्थाएं प्रदान कर कोरोना प्रभावित लोगों का स्वास्थ्य बेहतर किया जा सकता है। सभी के सहयोग से न सिर्फ दुर्ग जिला बल्कि पूरे प्रदेश में कोरोना पर नियंत्रण पाया जा सकेगा। वोरा ने कहा कि दुर्ग में कोरोना संक्रमण बढ़ने और यहां की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर वे शीघ्र मुख्यमंत्री से चर्चा करेंगे। इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री से भी लगातार चर्चा करते हुए बेहतर इलाज की सुविधाएं मरीजों को उपलब्ध कराई जाएगी।
कोरोना मरीजों को फौरन मिले इलाज की जरूरी सुविधाएं : ट्रीटमेंट में किसी भी तरह की कोताही न बरती जाए : वोरा
