रायपुर/ प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की मुख्य प्रशासिका ब्रह्माकुमारी दादी हृदयमोहिनी का गुरुवार सुबह 10.30 बजे देवलोकगमन हो गया। उन्होंने 93 वर्ष की आयु में मुम्बई के सैफी हास्पिटल में अंतिम सांस ली। उन्हें दिव्य बुद्धि का वरदान प्राप्त था। एयर एंबुलेंस से उनके पार्थिव शरीर को शांतिवन लाया जाएगा। अंतिम संस्कार संस्थान के शांतिवन में 13 मार्च को किया जाएगा। दादी के निधन पर राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री और राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने शोक व्यक्त करते हुए भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी है। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल अनुसूईया उइके, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व मख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष धरम लाल कौशिक आदि ने भी दादी जी के निधन पर शोक व्यक्त किया है। ब्रह्माकुमारीज द्वारा जारी विज्ञप्ति में बतलाया मया है कि राजयोगिनी दादी हृदय मोहिनी जी का स्वास्थ्य ठीक नहीं होने से मुम्बई के सैफी हॉस्पिटल में आपका कुछ समय से स्वास्थ्य लाभ चल रहा था। दीदीजी के निधन की सूचना पर संस्थान के भारत सहित विश्व के 140 देशों में स्थित सेवाकेन्द्रों पर शोक की लहर दौड़ गई।
मुख्यमंत्री ने गहरा दुख प्रकट किया
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की मुख्य प्रशासिका दादी हृदयमोहिनी जी (जिन्हें सब गुलजार दादी कहते थे) के निधन पर गहरा दुख प्रकट किया है। मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा है कि दादी हृदयमोहिनी जी के निधन का दुखद समाचार मिला। उन्होंने आज शरीर का त्याग कर दिया है। महाशिवरात्रि के दिन ही वह कैलाशवासिनी हो गयी हैं। उन्हें कोटि-कोटि प्रणाम एवं विनम्र श्रद्धांजलि।
