0 श्रीराम चरित्र मानस गान आवर माघी पूर्णिमा मेला का आयोजन
पाटन। श्री राम चरित मानस गान एवं माघ पूर्णिमा मेला प्रतियोगिता का आयोजन 24 वां वर्ष के रूप में राधा कृष्ण मंदिर ग्राम बोरवाय एवं नवागांव जामगांव आर में आयोजित किया गया। समापन दिवस पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रतिनिधि विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी आशीष वर्मा, अशोक साहू उपाध्यक्ष जिला पंचायत दुर्ग, कांग्रेस नेता अश्वनी साहू उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती रामबाई सिन्हा जनपद अध्यक्ष पाटन, केदार देवांगन जिला पंचायत सदस्य बालोद, अजीत खण्डेलवाल समाजसेवी, राजेश ठाकुर अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस जामगांव आर, सुश्री जयंती साहू पूर्व जिला पंचायत सदस्य, भूषण लाल साहू सरपंच ग्राम पंचायत बोरवाय, विशेष अतिथि रूपेंद्र शुक्ला जोन प्रभारी, रूपचंद साहू सभापति जनपद पंचायत पाटन, डोमार साहू सरपंच ग्राम पंचायत कुम्हली, श्रीमती रेवती साहू सरपंच ग्राम खोला, श्रीमति उषा लोकेश महिलवार सरपँच धमना, लेखक चतुर्वेदी जिला अध्यक्ष सरपँच संघ बालोद, नाथू राम बारले खोला, राकेश शर्मा उपसरपंच बोरवाय थे। इस अवसर पर एनएसयूआई जामगांव आर महाविद्यालय प्रभारी पोषण साहू, दिनेश चन्द्राकर, राजा चन्द्राकर, डेविड चन्द्राकर, चेतन साहू, एवं स्थानीय ज प्रतिनिधि शामिल हुए। अतिथियों ने श्रीराम जी के दरबार में जाकर पूजा अर्चना कर आशीर्वाद लिया एवं पाटन क्षेत्रवासियों की खुशहाली के लिए कामना की।
इस मौके पर मुख्य अतिथि आशीष वर्मा ने कहा- प्रभु श्री रामचंद्र को तेज में सूर्य के समान, क्षमा में पृथ्वी के तुल्य, बुद्धि में बृहस्पति के सदृश्य और यश में इंद्र के समान माना गया है। प्रभु श्रीराम का चरित्र सबसे अधिक जिस केंद्र बिंदु पर घूमता है, वो है सत्य पर अडिग रहना इसीलिए ही श्रीराम संपूर्ण हैं। श्रीराम ने सामाजिक समरसता को अपने शासन की आधारशिला बनाया था। उन्होंने गुरु वशिष्ठ से ज्ञान, केवट से प्रेम, शबरी से मातृत्व, हनुमान जी एवं वनवासी बंधुओं से सहयोग और प्रजा से विश्वास प्राप्त किया। यहां तक कि एक गिलहरी की महत्ता को भी उन्होंने सहर्ष स्वीकार किया। यही प्रभु श्रीराम की मर्यादा, आदर्शता और महानता को दर्शाता करता है, उनका जीवन दर्शन अनुशासन से परिपूर्ण रहा है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अशोक साहू ने कहा- जीवन का ऐसा कोई पहलू नहीं है, जहां हमारे प्रभु राम प्रेरणा हमें न देते हों। भारत की ऐसी कोई भावना नहीं है जिसमें प्रभु राम झलकते न हों। भारत की आस्था में राम हैं, भारत के आदर्शों में राम हैं। भारत की दिव्यता में राम हैं, भारत के दर्शन में राम हैं, इसलिए हम सभी के आराध्य है प्रभु श्री राम हैं। कार्यक्रम को रूपेंद्र शुक्ला और रूपचन्द साहू ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक योगेश चन्द्राकर, संरक्षक अनिल चन्द्राकर, रामगोपाल चन्द्राकर, चन्द्रशेखर देवांगन, सेवक साहू, पोषण चन्द्राकर, ओंकार साहू बेनु राम कामरे, दीनदयाल विश्वकर्मा, योगेश साहू, ईश्वर लाल चन्द्राकर, खिलेशवर कामरे, गोविंद चन्द्राकर, गन्नू साहू, युगल साहू, भेल चन्द्राकर, दयालु साहू, गित्तू देवांगन, युवराज चन्द्राकर, अर्जुन चन्द्राकर, राधेश्याम टण्डन, गंगा राम बघेल, अश्वनी साहू, दयाराम चन्द्राकर, पवन डहरे, श्रवण चन्द्राकार, पलटू साहू, होलकर साहू, मेहत्तरू कामरे, वीरेंद्र यादव, भीषण यादव, रूपलाल साहू, अशोक कामरे, सरजू, लवकुश, बंटी, सतीश, अनिल, अन्नू, हरप्रसाद, हरि, अमित, तंज, दीनू, भोजराम साहू, रेवा यादव, संतोष साहू, मकसूदन डहरे, हेमन्त टंडन नीलमनी चन्द्राकर, दिनेश साहू, दीनदयाल देवांगन, दौलत देवांगन, रोशन साहू, डालेश्वर साहू, रमेश चन्द्राकर, अमित विश्वकर्मा, सदस्य गण व ग्राम पंचायत बोरवाय, नवागाँव, के पंच गण सहित समिति के सदस्यगण और स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे।
