11 महीने का घाटा लोकल और पैसेंजर ट्रेनों से वसूल रहा है रेलवे: रमेश यदु

भाटापारा/ पूर्व मण्डी उपाध्यक्ष रमेश यदु ने कहा कि देश में रेलवे के इतिहास में शायद ऐसा पहली बार हुआ है जब 11 महीने तक लोकल और पैसेंजर बंद रहने के कारण रेलवे प्रशासन के व्दारा रेल की राजस्व आय में वृद्धि के लिये लोकल और पैसेंजर ट्रेन में भी एक्सप्रेस का किराया वसूलना शुरू कर दिया है। जिसके कारण से कम वेतन या मजदूरी पर नौकरी करने वाले दैनिक यात्रियों को यात्रा करने में आर्थिक कठिनाईयों का सामना करना पड रहा है । यदु ने आगे कहा कि लोकल ट्रेन में एक्सप्रेस का किराया वसूलने की वजह से जिसे चार-छह स्टेशन तक की यात्रा करने वालों को 10 रुपये का टिकट खरीदना पड़ता था, उन्हें अब 30 रुपये का टिकट लेना पड़ रहा है। लोकल और पैसेंजर ट्रेन के किराये की बात करें तो रेलवे ने इसमें 200 फीसदी तक की बढ़ोतरी की है। पहले लोकल ट्रेन में 45 किलोमीटर तक सफर करने का किराया 10 रुपये लगता था। अब इसे बढ़ा कर 30 रुपये कर दिया गया है। 45 से 65 किलोमीटर तक की दूरी का सफर करने के लिए पहले 15 रुपये का टिकट कटाना पड़ता था। अब ऐसे यात्रियों को 45 से 60 रुपये तक का टिकट लेना होगा क्योंकि एक्सप्रेस में 50 किलोमीटर तक के लिए ही 30 रुपये लगता है। यदु ने आगे कहा कि यह ही नही रेल टिकट बढाने के अलावा केन्द्र शासन ने डीजल पेट्रोल गैस के दामों में भी लगातार वृद्धि के कारण आज गरीब वर्ग व मध्यम वर्ग को इस बढती मंहगाई का मार झेलना पड रहा है । यदु ने बिलासपुर एवं रायपुर डिवीजन के रेल्वे प्रशासनिक अधिकारीयों को कहा कि लोकल ट्रेनो व एक्सप्रेस ट्रेन जो वर्तमान में प्रारंभ किया गया है , उसमें पूर्व निर्धारित राशि के आधार पर ही आम यात्रियों से लिया जावे जो अपने जीविकोपार्जन हेतु यात्रा कर रहे है दूरी के आधार पर दर निर्धारित कर किया जावे ,जिससे इन यात्रीयों को राहत मिल सकें ।

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