भाटापारा। जिले का सबसे बड़ा नगर भाटापारा होने एवं संयुक्त जिले के नाम पर पहचान के बावजूद भाटापारा एवं सिमगा मे राज्य की पीएससी की परीक्षा का केंद्र नहीं बनाए जाने से परीक्षार्थियों सहित क्षेत्र के लोगों में भारी नाराजगी व रोष व्याप्त है ।कहने को बलौदा बाजार भाटापारा संयुक्त जिला है परंतु जिस प्रकार भाटापारा क्षेत्र की उपेक्षा जिला बनने के बाद से लगातार होते आ रही है उसको लेकर यहां के लोग खासे नाराज है 2012 में बलौदा बाजार भाटापारा जिले का गठन हुआ था तत्कालीन भारतीय जनता पार्टी सरकार ने बलौदा बाजार भाटापारा को संयुक्त जिले का नाम दिया था परंतु उसके बाद से लगातार क्षेत्र की उपेक्षा से लोगों में भारी नाराजगी है छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने राज्य का 17 वा परीक्षा केंद्र बलौदा बाजार भाटापारा को बनाया है किंतु भाटापारा व सिमगा में एक भी परीक्षा का केंद्र नहीं बनाए जाने से लोगों में जबरदस्त आक्रोश है लोगों ने यहां तक कह दिया है कि जब सरकारों को ऐसा ही करना है तो भाटापारा का नाम बलौदा बाजार जिले से अलग कर देना चाहिये। इधर पीएससी की परीक्षा के लिए कुल 8 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं जिसमें से 5 जिला मुख्यालय बलोदा बाजार में जबकि एक लवन में एक पलारी में वह एक अर्जुनी में परीक्षा केंद्र बनाया गया है। 2012 के बाद से लगातार भाटापारा क्षेत्र अपने आप को उपेक्षित महसूस करता रहा है जिम्मेदार भी इस ओर से हमेशा पल्ला झाड़ते रहे हैं पूर्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार थी तब भी भाटापारा की लगातार उपेक्षा होती रही है और वर्तमान में 2 साल से कांग्रेस की सरकार होने के बाद भी भाटापारा अभी तक उपेक्षित ही रहा है। क्षेत्र से पीएससी की परीक्षा में शामिल होने वाले कुछ छात्रों ने कहा है कि भाटापारा एवं सिमगा में सेंटर नहीं बनाए जाने से हम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा और उनका यह भी मानना है कि ऐसा लगता है कि ऊपर में बैठे लोग जानबूझकर भाटापारा क्षेत्र की उपेक्षा करने में लगे हुए हैं जिम्मेदारों को और जनप्रतिनिधियों को इस और विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए। बातचीत में क्षेत्र के नागरिक गिरधर ने कहा कि सरकार चाय भाजपा की रही हो चाय कांग्रेस की भाटापारा क्षेत्र की लगातार उपेक्षा होती रही है पत्र की जनता को अब जागरूक होने की जरूरत है। सूर्यकांत ने कहा है कि सत्ता आते ही लोग अपने वादे भूल जाते हैं पहले भाजपा भूली अब कांग्रेश भूल रही है। छात्र देवेश कुमार ने कहा कि क्षेत्र के विकास में सबको मिलजुल कर काम करना चाहिए तभी क्षेत्र का समुचित विकास हो सकेगा परीक्षा सेंटर नहीं बनाया जाना अपने आप में पीड़ादायक है इस मामले में जनप्रतिनिधियों को जरूर संज्ञान लेना चाहिए
भाटापारा नाम का जिला, उपेक्षा से लोगों में नाराजगी, पीएससी का परीक्षा केंद्र भी नहीं
