0 मृत्युंजय चतुर्वेदी की रिपोर्ट
मनेंद्रगढ़ /चिरमिरी/ अंगारों के ऊपर बसा हुआ चिरमिरी शहर की चिंता जो लोगों को हर समय बनी रहती है वह आज फिर हकीकत का रूप ले ही लिया। लगभग रात्रि 10 से 11 बजे के बीच, हल्दीबाड़ी के वार्ड क्रमांक 12 में जमीन के नीचे कुछ पटकने की आवाज सुनाई दी, जिसे लोगों ने नजरअंदाज कर दिया क्योंकि चिरमिरी में बसे हुए लोगों को यह बात आए दिन घटते ही रहती है परंतु 01 फरवरी की रात को सुनाई देने वाली आवाज अजीब किस्म की डरावनी रही, जब लोग घरों से बाहर निकले तो देखा कि की कालीबाड़ी जाने वाले मुख्य मार्ग के किनारे का एक हिस्से में पूरा दरार पड़ा हुआ। घरों से निकलने वालों की संख्या बढ़ती ही गई, कुंछ देर में मालूम चला कि दरार की चपेट में कई घर भी आ गए थे , जिन घरों की दीवार फटी है उन घरों के लोग घर छोड़कर भाग निकले, ऐसे समय में लोग पूरी रात दहसत के साये में गुजारे। धीरे धीरे पूरे अमले को सूचित किया गया जिसमें सूचना मिलने पर निगम से दमकल विभाग की टीम भी पहुची, वार्ड पार्षद राकेश पराशर से लेकर विधायक प्रतिनिधि भी मौके पर पहुचे किन्तु सिर्फ सूचना देने और आला अधिकारियों को खबर करने और देखने तक ही सीमित रहे। सवाल अब यह उठता है वे लोग क्या करे जिनकी नीद उड़ गई है। घरों को नुकसान पहुचा है, जवाब अभी तक किसी के पास नही है। बताया जा रहा है कि रात की घटना ने करीब 300 फिट के दायरे को प्रभावित किया है।
जिम्मेदार कौन और क्या है हल?
दरअसल इस मसले पर भी राजनीति की बू आनी शुरू हो गई है, कोई एसईसीएल को जिम्मेदार ठहरा रहा है तो कोई अपने घर के हुए नुकसान की भरपाई के बारे में सोच रहा है। लेकिन वास्तविक कारण को दूर करने की बात कोई नही कर रहा। सवाल यही है कि घटना की जिम्मेदारी कौन लेगा। प्रशानिक सेवा के अधिकारी वैसे भी चिरमिरी में होने वाली येसी घटनाओ को वैसे भी तवज्जों नही देते है उनका मानना है कि चिरमिरी एसईसीएल की देन है तो सब कुछ उन्ही को करना है और ठीकरा भी उन्ही पर फूटना चाहिए। 50 से 60 घर की हिली नीव हादसे के आस पास निवास कर रहे 50 से 60 घर के लोगों को छत उजड़ने की चिंता सताने लगी है। घर मे आई दरार और सड़क के किनारे का भाग खिसकने से अब उनके लिए वहाँ रह पाना आसान नही होगा और एकदम से घर छोड़कर जाना भी किसी बड़ी चुनोती से कम नही किन्तु समस्या अब ये है कि वे लोग क्या करें और कहा जाए।
इस घटना ने जहा एक फिर एसईसीएल के अधिकारियों सहित उन तमाम खास लोगो को आगाह करने का किया है वही गनीमत यह रही कि 200 लोगों को किसी बड़ी घटना की चपेट में आने से बचा दिया है।
12 घंटे बाद भी हरकत में नही आया अमला
घटना को 12 घंटे बीत चुके है, सभी जिम्मेदारों को सूचना मिल चुकी है पर अभी तक हरकत में अमला नही दिख रहा है।
