पाटन। भारतीय जनता पार्टी ने देश में अनाज की जगह नफरत का बीज बोना शुरू कर दिया हैI भाजपा ने किसानों और जवानों के बीच रेखा खींच भारतीय अखंडता को तार-तार किया है। यह बातें पाटन विधानसभा क्षेत्र के वरिष्ठ कांग्रेस नेता अश्वनी साहू ने कही। उन्होंने कहा कि बेशक जिन्होंने भारतीय झंडा का अपमान किया है उसके लिए देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए ? पर यह न्याय संगत नहीं होगा कि किसी जाति या किसी धर्म के एक व्यक्ति के गलती से सारे जाति धर्म के लोगों को बदनाम करें अपमानित करें ? श्री साहू ने कहा कि किसान तो सिर्फ किसान है जातिसूचक बंधनों से परे है, किसान को जाति धर्म से तुलना करना उचित नहीं है I
उन्होंने कहा कि किसान यदि कमजोर होगा तो देश कमजोर होगा? आज देश में अनाजों से भरा भंडार है। यह सब किसानों के मेहनत का नतीजा है I किसानों का सम्मान हो अपमान बंद करें। जैसे देश का राष्ट्रीय झंडा का अपमान करने वाला दोषी है तो क्या किसानों का अपमान करने वाला दोषी नहीं है ?
कांग्रेस नेता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से राम मंदिर का निर्माण का रास्ता तय हुआ है। पर क्या राम मंदिर का राग अलापने वाले भाजपा ने कभी सोचा है रामचरितमानस की पंक्तियां कहती हैI
जासु राज प्रिय प्रजा दुखारी II
सो नृप अवसि नरक अधिकारी
राजा जनक ने भी हल चलाया था। सही मायने में किसानों एवं प्रजा का पोषक थाI बलराम ने अपनी प्रजा को प्रेरित करने के लिए हल धारण किया था कृषि एवं पशु संवर्धन का कार्य किया था प्रभु राम ने तो आम सभा में ऐलान कर दिया था
जो अनीति कछु भाषाओं भाई
तो मोहि ब्रजहूं भय बिसराई
पर हिंदुस्तान के प्रजातंत्र का मुखिया किसानों की मांग को अनसुना कर रहे हैं। पिछले 64 दिन से ठंड के महीने में दिल्ली की सीमाओं पर डेरा डाले हुए हैं, इस आस में कि सरकार हमारी बात मानेगी, वार्ता सफल होगी। देश का किसान दिन रात जाग रहा है पर दुर्भाग्य है कि हमारे देश का पहरेदार सो गया है I खेत खलियान यह धरती हमारी मां है, मां का अपमान मानो समूची सृष्टि का अपमान हैI देश के सभी जनमानस का नैतिक कर्तव्य है कि दुख एवं संघर्ष के मुश्किल दौर में किसानों का साहस बढ़ाएं एवं संबल प्रदान करें ताकि कृषि हित में देश हित में संघर्ष कर सके ? और फिर से हिंदुस्तान की फिजा में जय जवान जय किसान का पवित्र नारा गूंज सकेI
