भाटापारा । साहित्य संस्था “अभिव्यक्ति” के तत्वावधान में गणतंत्र दिवस के पावन पर्व पर ऑनलाइन सरस काव्य गोष्ठी आयोजित हुई । इस कार्यक्रम के मुख्य वरिष्ठ साहित्यकार बलदेव भारती थे।
नन्ही बालिका विद्या शर्मा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। तदुपरांत काव्य गोष्ठी आरंभ हुई जिसमें – श्रीमती चंद्रकिरण शर्मा ने “गगन तिरंगा लहराये युग युग तक हिंदुस्तान रहे”, श्रीमती इंद्राणी साहू ने – “हम भारत के वासी हमको कण कण इसका प्यारा है, श्रीमती सीमा अवस्थी ने मुक्तक- ‘लहू देकर वतन को हमने सँवारा है”, मोहन निषाद मयारू ने- सीमा पर मिट जाऊं माँ ऐसा स्वाभिमान दे… प्रस्तुत कर गणतंत्र दिवस के इस काव्य गोष्ठी को यादगार बना दिया।
निवेदिता वर्मा ने- राष्ट्रहित में कुछ कर जायें ये संकल्प हमारा है प्रस्तुत की। आभा व्यास ने अपनी कविता “वीर वधु” के माध्यम से आह्वान की कि शहीद की पत्नी को शहीद की विधवा न कहकर उसे “वीर वधू “कहकर पुकारा जाय यही उस शहीद को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। श्रीमती स्वर्णलता त्रिवेदी ने घनाक्षरी – “पिता संविधान के थे भीमराव नाम था” और रामचंद वर्मा ने देशभक्ति से ओतप्रोत शानदार गीत
“जय हिन्द बोल इंकलाब यारों ये शान से ” गाया। इस पावन अवसर पर श्रीमती वंदना गोपाल शर्मा “शैली” ने समानता के अधिकार पर सुंदर काव्य पाठ की ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बलदेव भारती ने अपने उद्बोधन में कहा कि देश का हर व्यक्ति अपना काम ईमानदारी से करें यही सच्ची देशभक्ति है । सीमा पर जवान अपना फर्ज निभा रहे हैं,इसलिए हमारा फर्ज है कि हम जहाँ पर है वहीं पर अपने कर्तव्यों का पालन पूरी निष्ठा से करें। इस अवसर पर उन्होंने अपनी। लाजवाब मुक्तकों का पाठ किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन अजय”अमृतांशु” ने समीक्षा श्रीमती सुमन बाजपेयी ने और आभार प्रदर्शन कन्हैया साहू “अमित” ने किया।
