भाटापारा। टीन के बाद अब पाउच की बारी। 15 रुपए के दबाव के बाद राइस ब्रान ऑयल की खरीदी पर 115 रुपए निकालने होंगे। पीछे-पीछे चलने वाला सोयाबीन 5 रुपए की बढ़त के साथ राइस ब्रान से आगे निकल चुका है। याने खाद्य तेल के हर पैक पर ज्यादा दाम चुकाने पड़ रहे हैं।
खाद्य तेल हर माह बनाने वाली किराना सामान की सूची में प्रमुख जगह बनाने वाली सामग्री है लेकिन पिछले 1 माह से आ रही तेजी के बाद अब उपभोक्ता हलकान हो चुका है क्योंकि हर माह की खरीदी पर पहले से ज्यादा पैसे देने पड़ रहे हैं। नए साल के पहले महीने के पहले ही पखवाड़े में यह दूसरी बढ़त अब मजबूर कर रही है मात्रा घटाने के लिए लेकिन यह प्रयास भी मुश्किल में डाल रहा है क्योंकि बाजार अभी भी बढ़त का संदेश दे रहा है
हर सप्ताह बढ़ रहा
चालू माह में ही खाद्य तेल की सभी किस्में दो बार तेज हो चुकी है। कारोबारी सप्ताह के अंतिम दिन इसमें जो तेजी आई उसने उपभोक्ता को ही नहीं कारोबार को भी हैरत में डाल दिया। रही-सही कसर होलसेल मार्केट पूरी कर रहा है जहां बढ़ती कीमतों पर कोई लगाम नहीं कसी जा सकी है। ताजा तेजी 15 से 20 रुपए किलो पीछे की है जिससे बाजार टूटता नजर आने लगा है।
अब इस भाव पर
खाद्य तेल के बाजार में एकछत्र राज कर रहा राइस ब्रान आयल 15 रुपए की बढ़त के बाद 115 रुपए पाउच पर पहुंच चुका है। सोयाबीन तेल में एक झटके में आई तेजी के बाद इसमें नई कीमत 120 रुपए पाउच बोली जा रही है। इसके पहले तक यह 100 रुपए में मिल रहा था। राहत देने वाला वनस्पति भी 5 रुपए की तेजी के बाद 145 रुपए पर पहुंच चुका है। याने तेल और तेल के विकल्प में भी तेजी आ चुकी है।
है इनकी नजर
खाद्य तेलों में आ रही तेजी के बाद अधिकतम खुदरा विक्रय मूल्य से अधिक दर पर बिक्री किए जाने की जानकारी मिलती देख जिला नापतौल विभाग की पूरी नजर है। औचक जांच की तैयारी कर रहा विभाग इस तेजी पर लगाम लगाने और कार्रवाई के संकेत दे रहा है। याने अधिकतम खुदरा विक्रय मूल्य से अधिक कीमत पर बेच रहे कारोबार पर कभी भी कार्रवाई हो सकती है।