पाटन। वरिष्ठ कांग्रेस नेता अश्वनी साहू ने पिछले 29 दिनों से चल रहे किसानों के आंदोलन का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा है कि यूपीए सरकार के समय राष्ट्र भक्ति का ढिंढोरा पीटने वाले कथित सामाजिक कार्यकर्ता और संत कहा छुप गए हैं। उन्होंने कहा कि
आज धरती के भगवान कहे जाने वाले किसान परेशान हैं। अश्वनी साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ के आकाशवाणी रायपुर से बचपन में दो गीत सुना करते थे,आज अचानक याद आ रहा है।
गीतकार लक्ष्मण मस्तूरिया के गीत-
मोर राजा दुलरवा बेटा, तै नांगरिया बन जाबे, तै नंगरिहा बन जाबे।।
पानी पियाए बर धरती ला बदरिया बन जाबे, तै बदरिया बन जाबे।।
इसी तरह धुरवाराम मरकाम के गीत
मोर जतन करो रे मैं माटी महतारी अव।
सुख-दुख के जतन करइया मैं माटी महतारी अव।
श्री साहू ने कहा कि 2014 के पूर्व कांग्रेस की यूपीए सरकार की साख गिराने के लिए विपक्षी राजनीतिक दल एवं उस समय अपने आप को सामाजिक कार्यकर्ता एवं राष्ट्रभक्त के रूप में पेश करने वालों ने दिल्ली में लोकपाल विधेयक के लिए आंदोलन किया था। कांग्रेस की सरकार के खिलाफ जबरिया जन आक्रोश पैदा किया था। एनडीए की सरकार बनी पर लोकपाल विधेयक का क्या हुआ सबको पता है? लेकिन आज किसानों का स्वमेव आंदोलन दिल्ली में तीन कृषि बिल के विरोध में चल रहा है। किसान अपने दम पर आंदोलन कर रहे हैं। कुछ राजनीतिक दल का समर्थन है, जिसमें कांग्रेस पहले नंबर पर है। इतने दिन तक आंदोलन चलने के बाद भी सरकार जाग नहीं रही हैं। विगत 6 सालों में मोदी सरकार के खिलाफ देश के नामचीन साहित्यकार,लेखक,पत्रकार, कवि आदि लोगों ने अपने अवार्ड वापसी की घोषणा की थी। अभी हमारे देश के भूतपूर्व सैनिकों ने अपने अवार्ड वापस करने की घोषणा की और राष्ट्रपति से समय मांगा। खिलाड़ी, पुलिस अधिकारी भी इसी क्रम में हैं और किसानों का समर्थन कर रहे हैं। यह सब देश के अन्नदाता एवं धरती के भगवान के समर्थन में है।आंदोलन आज तक चल रहा है। इसका राज केवल इतना है कि इस आंदोलन में बाबा रामदेव तथा अन्ना हजारे जैसे जयचंद नहीं है। मैं किसान की धैर्यता व संयम को प्रणाम करता हूं। सलाम करता हूं। उन्होंने मांग की, कि केन्द्र सरकार किसानों की मांगों को स्वीकार कर अन्नदाता का मान रखें।
