राजनीति के मोती पंचतत्व में विलीन

रायपुर/ अविभाजित मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता मोतीलाल वोरा का मंगलवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ दुर्ग में शिवनाथ नदी स्थित मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार किया गया। उनके बड़े पुत्र अरविंद वोरा ने मुखाग्नि दी। श्री वोरा का सोमवार को दिल्ली में निधन हो गया था।
उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि देश के अन्य प्रदेशों से भी लोग पहुंचे हुए थे। राज्यपाल अनुसुईया उइके, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व पूरा मंत्रिमंडल, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, कांग्रेस महासचिव मुकुल वासनिक, महाराष्ट्र के उर्जा मंत्री नितिन राउत, पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह, सरोज पांडेय, डा. रेणु जोगी, अमित जोगी समेत सांसद, विधायक, कांग्रेस संगठन के पदाधिकारी भारी संख्या में मौजूद थे। दुर्ग में आज अधिकांश प्रतिष्ठान व बाजार शोक में बंद रहे।


श्री वोरा के पार्थिव देह को मंगलवार को दोपहर विमान द्वारा रायपुर लगा गया। जहां राजीव भवन में लोगों के दर्शन के लिए रखा गया। जहां मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित मंत्री परिषद के सदस्यों, संसदीय सचिवों, विधायकों, जनप्रतिनिधियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।  अंतिम दर्शन केलिए लोगों का तांता लगा रहा। तत्पश्चात मुख्यमंत्री बघेल व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने श्री वोरा के पार्थिव देह को कांधा देकर स्वर्गरथ तक ले गये व उनके गृह जिला (निवास) दुर्ग के लिए रवाना किये। दोपहर 3 बजे श्री वोरा का पार्थिव देह पद्मनाभपुर दुर्ग स्थित उनके निवास स्थान लाया गया, जहां कई विशिष्ठजनों और दुर्ग शहर के लोगों ने अपने चेहते नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की।
ज्ञात हो कि उनके छोटे पुत्र व दुर्ग शहर विधायक अरूण वोरा यहां निवासरत है। जहां जिला व शहरवासियों के अंतिम दर्शन के लिए श्री वोरा का पार्थिव देह को रखा गया था। श्री वोरा की अंतिम यात्रा शाम करीब 4 बजे उनके पद्मनाभपुर स्थित निवास से शुरु हुई, जो महिला स्मृद्धि बाजार, सुराना कॉलेज, निगम कार्यालय, गांधी चौक, पटेल चौक, गंजमंडी, नदी चौक होते हुए शिवनाथ नदी स्थित मुक्तिधाम पहुंची। इस दौरान कई जगहों पर बड़ी संख्या में शहरवासियों व विभिन्न कार्यालयों के स्टाफ के लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।

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