633 जिलों में टीकाकरण, 23 महकमों को जिम्मेदारी

नई दिल्ली/ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि देश के सभी 633 जिलों में कोरोना टीकाकरण की तैयारियां की जा चुकी हैं। टीकाकरण के लिए बनीं टास्क फोर्स इन जिलों में बैठकें कर चुकी हैं। टीकाकरण के कार्य में केंद्र और राज्यों के 23 मंत्रालय-विभागों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेस में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि टीकाकरण के लिए माड्यूल तैयार किए गए हैं और प्रशिक्षण देने का कार्य किया जा रहा है। इसमें टीका लगाने वाले को प्रशिक्षण, कोल्ड चेन के रखरखाव का प्रशिक्षण और आशा कार्यकर्ताओं को निगरानी के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी टीकाकरण केंद्रों को अस्पतालों से संबद्ध किया गया है ताकि टीका लगाने के बाद किसी भी संभावित दुष्प्रभाव की स्थिति में तत्काल चिकित्सकीय सहायता मिल सके।

दुष्प्रभाव की आशंका:
स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि टीका लगाने के बाद कुछ लोगों को तीन किस्म दुष्प्रभाव हो सकते हैं जिसमें गंभीर दुष्प्रभावों के मामले में अस्पताल ले जाने की जरूरत पड़ सकती है। जबकि हल्के एवं मध्यम दुष्प्रभावों का उपचार केंद्र में ही कर दिया जाएगा। प्रत्येक केंद्र को किसी अस्पताल से संबद्ध किया गया है। साथ ही ऐसे मामलों को को-विन पोर्टल पर भी दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन में जहां टीकाकरण शुरू किया गया है, वहां पहले दिन से ही दुष्प्रभावों के मामले सामने आए हैं।

29 हजार कोल्ड चेन प्वाइंट:
भूषण ने कहा कि कोल्ड चेन के प्रबंधन को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। 29 हजार कोल्ड चेन प्वाइंट, 240 वाक इन कूलर, 70 वाक इन फ्रीजर, 45 हजार आइस लिंक रेफ्रिजरेटर, 41 हजार डीप फ्रीजर तथा 300 सोलर रेफ्रिजरेटर इस्तेमाल किए जाएंगे।

तीन टीकों पर विचार: 
तीन कंपनियों ने कोरोना के टीकों के आपात इस्तेमाल की मंजूरी मांगी है। ड्रग कंट्रोलर की एक्सपर्ट कमेटी ने इन कंपनियों से अतिरिक्त आंकड़ों की मांग की है। जैसे ही वे आंकड़े उपलब्ध कराएंगे, नियामक उनका विश्लेषण कर निर्णय करेगा।

सुरक्षाबलों को टीकाकरण:
एक प्रश्न के उत्तर में भूषण ने कहा कि सेना और अर्द्धसैनिक बलों के जवान जिस जिले में तैनात हैं, वहीं उन्हें टीके दिए जाएंगे। उनकी यूनिटों में टीकाकरण बूथ बानए जाएंगे।

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