बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक और शिक्षक भर्ती से जुड़ी परीक्षा पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। मुख्य न्यायाधीश कृष्णराम महापात्र की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ने मामले में राज्य शासन को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। भर्ती विज्ञापन में निर्धारित शर्तों और आरक्षण रोस्टर को चुनौती देते हुए याचिकाकर्ताओं ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश अधिवक्ता ने दलील दी कि भर्ती प्रक्रिया में दिव्यांग अभ्यर्थियों के आरक्षण संबंधी नियमों का उचित पालन नहीं किया गया है। उन्होंने सामान्य प्रशासन विभाग और समाज कल्याण विभाग के सर्कुलर का हवाला देते हुए कहा कि भर्ती विज्ञापन में पूर्णतः दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों के लिए आरक्षण का प्रावधान नहीं किया गया है। इसके कारण संबंधित अभ्यर्थियों को भर्ती में आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
याचिकाकर्ताओं ने इस व्यवस्था को संविधान से मिले अधिकारों का उल्लंघन बताया। उनका कहना है कि विज्ञापन में दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित पदों का उल्लेख होने के बावजूद पूर्णतः दृष्टिबाधित उम्मीदवारों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने राज्य शासन से जवाब मांगा और संबंधित परीक्षा पर रोक लगा दी।
उल्लेखनीय है कि राज्य में 11 अक्टूबर को सहायक शिक्षक और 25 अक्टूबर को शिक्षक भर्ती के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन किया जाना था।
