*आज शाम सिंगापुर पहुंचेंगे मुख्यमंत्री; 5 अक्टूबर को SING Forum में प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों से होगा सीधा संवाद*
नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज सुबह नई दिल्ली से सिंगापुर के लिए रवाना हो गए हैं। मुख्यमंत्री आज शाम सिंगापुर पहुंचेंगे। उनके 3 से 6 अक्टूबर तक के प्रवास में छत्तीसगढ़ में नए निवेश, औद्योगिक साझेदारी और वैश्विक कंपनियों के साथ कारोबारी अवसरों पर विशेष रूप से संवाद होगा।
मुख्यमंत्री के सिंगापुर पहुंचने के बाद 4 अक्टूबर को प्रमुख उद्योग समूहों और निवेशकों के साथ मुलाकातों का सिलसिला रहेगा। इन बैठकों में छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता, निवेश के लिए उपलब्ध अवसरों और संभावित परियोजनाओं को लेकर कारोबारी प्रतिनिधियों के साथ सीधे विचार-विमर्श होगा।
*5 अक्टूबर को SING Forum में छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक तस्वीर*
दौरे का मुख्य कार्यक्रम 5 अक्टूबर को आयोजित Singapore-India Network for Growth (SING) Forum 2026 होगा। इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर मुख्यमंत्री साय सिंगापुर के प्रमुख उद्योगपतियों, निवेशकों और कारोबारी प्रतिनिधियों के साथ सीधे संवाद करेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं को लेकर सीधे प्रश्न भी किए जाएंगे।
राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, मुख्यमंत्री इस मंच पर छत्तीसगढ़ की उस औद्योगिक तस्वीर को सामने रखेंगे, जिसमें पारंपरिक संसाधन आधारित उद्योगों के साथ तकनीक, आधुनिक विनिर्माण और हरित अर्थव्यवस्था के लिए भी नए अवसर तैयार हो रहे हैं।
*निवेश के नए क्षेत्र होंगे बातचीत के केंद्र में*
सिंगापुर में होने वाले संवाद के दौरान AI एवं डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स, IT, सेमीकंडक्टर, विनिर्माण और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं को प्रमुखता से रखा जाएगा। आई
वहीं, बस्तर में पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी को भी अंतरराष्ट्रीय निवेश के संभावित क्षेत्र के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। राज्य की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से जोड़ने की संभावनाओं पर भी उद्योग जगत के साथ बातचीत होगी।
*निवेशकों से सीधे संवाद का अवसर*
SING Forum में मुख्यमंत्री के साथ होने वाला संवाद इस यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। निवेशकों के सवालों के जवाब देते हुए मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ में उद्योग लगाने की संभावनाओं, अधोसंरचना, ऊर्जा, संसाधनों और राज्य की औद्योगिक नीतियों से जुड़े पहलुओं को सामने रखेंगे।
