*छत्तीसगढ़ में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमराई, अपराधियों के हौसले बुलंद*
रायपुर। छत्तीसगढ़ में कानून व्यवस्था की स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि राजधानी रायपुर में पूर्व महापौर एजाज ढेबर को कथित तौर पर 50 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। यह घटना केवल एक व्यक्ति को मिली धमकी का मामला नहीं है, बल्कि यह सवाल खड़ा करती है कि क्या छत्तीसगढ़ में अपराधियों के मन में कानून का भय बचा है?
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि प्रदेश में लगातार हत्या, चाकूबाजी, लूट, मारपीट और आपराधिक घटनाओं की खबरें सामने आ रही हैं। रायपुर में हाल ही में गणेश पंडाल में विवाद के बाद युवक की चाकू मारकर हत्या की घटना भी सामने आई, जिसमें आरोपी पर पांच बार चाकू से वार करने का आरोप है। जब राजधानी में खुलेआम अपराधी तत्व बड़े-बड़े गिरोहों के नाम पर करोड़ों रुपये की रंगदारी मांगने का दुस्साहस कर रहे हों और आम नागरिक लगातार हिंसक घटनाओं की खबरों से भयभीत हो, तब सरकार को केवल बयान देने के बजाय अपनी कानून व्यवस्था की जवाबदेही स्वीकार करनी चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सरकार बताए कि अपराधियों के नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है? पुलिस की खुफिया व्यवस्था क्या कर रही है? संगठित अपराध, अवैध हथियार और रंगदारी के नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए सरकार ने अब तक क्या ठोस कार्रवाई की है? कांग्रेस यह स्पष्ट करना चाहती है कि अपराध किसी व्यक्ति, दल या वर्ग का विषय नहीं है, यह प्रदेश के हर नागरिक की सुरक्षा का सवाल है। सरकार की पहली जिम्मेदारी जनता को सुरक्षित वातावरण देना है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि आज स्थिति यह है कि आम आदमी के मन में यह सवाल पैदा हो रहा है कि वह अपने परिवार के साथ घर से निकले तो सुरक्षित वापस लौटेगा या नहीं। राजधानी में यदि इस तरह की धमकियां सामने आती हैं तो प्रदेश के छोटे शहरों और कस्बों में रहने वाले आम नागरिकों के मन में सुरक्षा को लेकर क्या संदेश जाएगा?
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस सरकार से मांग करती है कि 50 करोड़ की कथित रंगदारी धमकी के मामले की तेज, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो, धमकी देने वाले की पहचान तत्काल सामने लाई जाए और यदि इसके पीछे संगठित अपराध का नेटवर्क है तो उसके पूरे नेटवर्क को कानून के शिकंजे में लिया जाए। सरकार अपराधियों को यह संदेश दे कि छत्तीसगढ़ में कानून का राज है, अपराधियों का नहीं। कांग्रेस प्रदेश सरकार से यह भी मांग करती है कि राजधानी रायपुर सहित पूरे प्रदेश में संगठित अपराध, अवैध हथियार, चाकूबाजी, रंगदारी और गैंग गतिविधियों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जाए तथा जनता को नियमित रूप से कार्रवाई की जानकारी दी जाए। जनता को डर के माहौल में जीने के लिए मजबूर करना सुशासन नहीं है। सरकार को अब दावों से आगे बढ़कर जमीन पर कानून का राज स्थापित करना होगा।
