नेपाल में आई भीषण बाढ़ में 100 से अधिक लोगों की मौत, 105 भारतीयों सहित 750 लापता

काठमांडू। तिब्बत की सीमा से लगे मध्य नेपाल के जिलों में बुधवार सुबह अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई जिसमें 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई और 105 भारतीयों समेत करीब 750 लोग लापता हैं। बाढ़ से शहरों और गांवों में तबाही हुई, पुल बह गए और कम से कम एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हो गईं। वहीं, नेपाल टूरिज्म ने भी एक आंकड़ा साझा किया है जिसके मुताबिक 291 विदेशी पर्यटकों का पता नहीं चल पाया है और इनमें भारत के 105 नागरिक भी शामिल हैं।

बचाव अभियान में जुटी नेपाली सेना

बचाव और आपातकालीन कार्रवाई में मदद के लिए नेपाल सेना के दो हेलीकॉप्टर रसुवा भेजे गए हैं। गृह मंत्री सुधन गुरुंग ने जनता और यात्रियों से प्रभावित हाईवे और नदी के रास्तों पर अनावश्यक आवाजाही से बचने का आग्रह किया है। उन्होंने भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों के पास और मुग्लिन की ओर नीचे की तरफ रहने वाले निवासियों और पर्यटकों से भी अपील की है कि वे अगली सूचना तक पूरी तरह सतर्क रहें।

प्रधानमंत्री बालेन शाह ने पीएम मोदी को कहा धन्यवाद

प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन पर संवेदना और मदद की पेशकश के लिए धन्यवाद दिया है। बालेंद्र शाह ने एक्स पर लिखा कि इस कठिन समय में भारत की एकजुटता और सहायता का प्रस्ताव दोनों देशों की गहरी मित्रता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि नेपाल भारत के गर्मजोशी भरे समर्थन और सहयोग की भावना की सराहना करता है। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने बाढ़ में जान गंवाने वालों पर शोक जताते हुए नेपाल को हर संभव मानवीय और राहत सहायता देने का भरोसा दिलाया था।