इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में एंटोमोलॉजी विषय का पर्चा परीक्षा से पहले लीक, परीक्षा निरस्त, जांच कमेटी गठित

रायपुर। देशभर में पेपर लीक मामले के बीच छत्तीसगढ़ के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में बीएससी द्वितीय वर्ष के एंटोमोलॉजी विषय का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही लीक हो गया। जिसके बाद विश्वविद्यालय ने परीक्षा को निरस्त कर दिया है और जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है। छात्रों ने कुलपति से उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव का कहना है कि अभी तक पेपर लीक का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है और जो पेपर लीक के नाम पर वायरल हो रहा है, वह एआई जनरेटेड है।

*छात्रों ने की दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग*  

छात्रों ने विश्वविद्यालय के कुलपति से परीक्षा रद्द करने, उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने कुलपति को शिकायत पत्र सौंपते हुए कहा कि यह घटना परीक्षा व्यवस्था की गंभीर विफलता है। इससे ईमानदारी से तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के साथ अन्याय हुआ है और परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हुए हैं।

*शिकायत के बाद जांच कमेटी गठित*  

आईजीकेवी के कुलसचिव के अनुसार गुरुवार सुबह परीक्षा नियंत्रक को पेपर लीक से संबंधित एक ई-मेल प्राप्त हुआ था। ई-मेल भेजने वाला कोई छात्र नहीं बल्कि बाहरी व्यक्ति है। शिकायत में कोई तथ्य नहीं है, लेकिन छात्रों के हित को देखते हुए तत्काल जांच कमेटी गठित कर दी गई है। रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।

*पेपर लीक का कोई सबूत नहीं: कुलसचिव*  

कुलसचिव ने बताया कि परीक्षा शांतिपूर्वक संपन्न हुई और सभी बच्चों ने परीक्षा दी। प्रश्नपत्र सुबह 10 बजे था, जिसे आधे घंटे पहले केंद्रों पर खोला जाता है। जानकारी मिलते ही प्रारंभिक जांच की गई, लेकिन पेपर लीक होने का कोई सबूत नहीं मिला। लीक बताया जा रहा पेपर एआई जनरेटेड है और वास्तविक पेपर से अलग है। परीक्षा के बाद कुछ छात्र शिकायत लेकर आए थे। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी और जरूरत पड़ी तो मामला पुलिस को भी सौंपा जाएगा।

दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई: मुख्यमंत्री

प्रदेश में पेपर लीक मामले को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा निरस्त कर दी है और पांच सदस्यीय समिति का भी गठन किया गया है। इस मामले की जांच होगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।