मास्क ही वैक्सीन है, सामाजिक दूरी ही इम्यूनिटी है और हाथ धोना मेडिसिन है –डॉ आडिल

भाटापारा/डॉ जे के आडिल अस्पताल भाटापारा के संचालक डॉ विकास आडिल ने जानकारी देते हुए बताया कि मौसम में परिवर्तन के साथ सर्दी खांसी एवं बुखार के मरीजों की संख्या में वृद्धि होना सामान्य प्रक्रिया है लेकिन अभी कोरोना महामारी के चलते हमें ज्यादा सावधानी की जरूरत है । हर मरीज जिसे सर्दी, खांसी एवं बुखार है उसे घर में अलग रहने की व्यवस्था करें क्योंकि ये दोनो ही बीमारियां फैलती है ।
कोरोना लक्षणों को देखते हुये कुछ बाते को ध्यान रखना जरूरी हैैl
डॉ विकास आडिल ने कोरोना लक्षण के बारे में निम्न बातो को ध्यान में रखने हेतु आम जनमानस के दी जिसमें पहली बात यदि आपका बुखार जो कि दवाई खाने के बाद भी नही उतर रहा या फिर लगातार चार से पांच दिनो तक बना हुआ है । दूसरी आपकी सर्दी खांसी जो कि दवाई खाने के बाद दो से तीन दिन में आराम नहीं दे रही है और सांस लेने में दिक्कत शुरू हो रही है । तीसरी बात खांसी के साथ साथ अगर आपका एसपीजीरो टू लेबल 95 प्रतिशत से नीचे जा रहा है । चौथी बात अगर आप कहीं पर यात्रा करके आये है और आपको विगत पांच दिनो से हाथ पैर में दर्द और अच्छा नहीं लग रहा है ,पांचवी बात यदि बुखार के साथ आपको पतली दस्त होना जो कि दवाई से ठीक नही हो रही है । अत: अभी के समय में मास्क पहनना उतना ही जरूरी है जितना की कपडे । यदि कोई कोरोना पाजीटीव मरीज मास्क पहनता है और सामाजिक दुरी का पालन करता है तो सामने वाला आदमी अगर वो मास्क पहना है तो दो प्रतिशत और अगर नही पहना है तो संक्रमण की संभावना लगभग 5 प्रतिशत होती है । मास्क भी सही प्रकार का होना चाहिये जिसमें मरीज का नाक एवं मुंह अच्छी तरह से ढंका हुआ होना चाहिये किसी भी मास्क का उपयोग करने के बाद उसे धोना याने विसंक्रमित करना बहुत जरूरी है । मास्क की एक आयु होती है जिसके बाद उपयोग करने से वो स्तरहीन हो जाता है । अंतत: एक बात जो हमें गांठ बांध लेनी चाहिये की कोरोना का सही समय में जांच और इलाज बहुत जरूरी है । फेसबुक और व्हाटसएप एप से अपना इलाज ना कर के नजदीक के चिकित्सा केन्द्र में जाकर सलाह लें ।

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