क्रिसिल-नीति आयोग इंडेक्स में छत्तीसगढ़ की बड़ी छलांग, निवेश सुगमता और संस्थागत माहौल में देश में नंबर-1

*18 महीनों में ₹8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव; खनन आधारित राज्य से हाई-टेक निवेश केंद्र बनने की ओर बढ़ा छत्तीसगढ़*

नई दिल्ली। कभी कोयला, लौह अयस्क और इस्पात उत्पादन तक सीमित पहचान रखने वाला छत्तीसगढ़ आज देश के सबसे तेजी से उभरते निवेश गंतव्यों में शामिल हो गया है। क्रिसिल-नीति आयोग के इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स (IFI) 2026 में राज्य ने ‘रेगुलेटरी ईज़’ और ‘इंस्टीट्यूशनल एनवायरनमेंट’ जैसी निवेश के लिए सबसे महत्वपूर्ण श्रेणियों में देश में पहला स्थान हासिल किया है। कुल 47.5 अंकों के साथ छत्तीसगढ़ ने गुजरात, तमिलनाडु, पंजाब और राजस्थान जैसे स्थापित औद्योगिक राज्यों से बेहतर प्रदर्शन किया है।

यह उपलब्धि पिछले डेढ़ वर्ष में लागू किए गए प्रशासनिक और नीतिगत सुधारों का परिणाम मानी जा रही है। इसके परिणामस्वरूप उद्योगों को आवश्यक अनुमतियां पहले की तुलना में कम समय में मिलने लगी हैं। Regulatory Ease में राज्य को 12 में से 8.4 अंक तथा Institutional Environment में 6 में से 4.5 अंक प्राप्त हुए, जो देश में सर्वोच्च हैं।

व्यापारिक सुधारों को कानूनी आधार देने के लिए राज्य ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, 2026 लागू कर जोखिम-आधारित नियामकीय व्यवस्था अपनाने वाला देश का पहला राज्य बनने का गौरव हासिल किया। वहीं जन विश्वास अधिनियम के तहत 279 छोटे कारोबारी उल्लंघनों को अपराध की श्रेणी से बाहर कर कारोबार को और अधिक सरल बनाया गया।

इन सुधारों का असर निवेश के आंकड़ों में भी दिखाई देता है। पिछले 18 महीनों में लगभग ₹8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। निवेश अब केवल खनन और इस्पात तक सीमित नहीं है, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल और एग्रो-प्रोसेसिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में भी तेजी से बढ़ रहा है। नवा रायपुर में ₹1,000 करोड़ के निवेश से विकसित हो रहा AI Data Centre Park तथा Hypernext के सहयोग से प्रस्तावित देश का पहला Disaster Recovery Data Centre इस बदलाव की दिशा को दर्शाते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, Institutional Environment में शीर्ष स्थान और Environmental Resilience में दूसरा स्थान यह संकेत देता है कि छत्तीसगढ़ निवेश के लिए सुरक्षित, स्थिर और भरोसेमंद वातावरण विकसित करने में सफल रहा है। राज्य देश का दूसरा सबसे बड़ा कोयला उत्पादक है, उद्योगों की GVA में 52.8 प्रतिशत हिस्सेदारी है और महिला कार्यबल की भागीदारी 58.1 प्रतिशत है, जो बड़े राज्यों के औसत से लगभग 41 प्रतिशत अधिक है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह उपलब्धि सुशासन, पारदर्शी नीतियों और उद्योग-अनुकूल प्रशासन का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि रोजगार सृजन, स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देना और समावेशी आर्थिक विकास सुनिश्चित करना है।