राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर उबला सदन; कांग्रेस का स्थगन प्रस्ताव खारिज, भारी हंगामे के बीच कार्यवाही स्थगित

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के पहले ही दिन राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर सदन में पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर नोंक-झोक हुई. इस मुद्दे पर भारी हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही कल तक लिए स्थगित कर दी गई. प्रश्नकाल के तुरंत बाद कांग्रेस ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मुद्दा उठाया. इस मुद्दे पर सदस्यों के बीच तीखी बहस के बीच कांग्रेस ने स्थगन प्रस्ताव पेश किया, जिसे अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अग्राह्य कर दिया.

विपक्ष द्वारा लाए गए स्थगन प्रस्ताव के अग्राह्य होने के बाद विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू दिया। इसके कारण सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई. दोबारा सदन की कार्यवाही शुरू होते ही फिर से सत्तापक्ष और विपक्ष ने तीखी नोंक-झोंक होने लगी. सदन में दोनों तरफ से जय श्री राम के नारे लगे. एक तरफ जहां कांग्रेस विधायकों ‘पाकिट मारना बंद करो’ नारे लगा रहे थे, तो वहीं दूसरे ओर सत्ता पक्ष के विधायक ‘पाप धोने अयोध्या जाओ’ कहकर विपक्ष पर तंज कस रहे थे. स्थिति को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी.

इससे पहले सदन में नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर चरणदास महंत ने कहा कि छत्तीसगढ़ के तीन करोड़ रामभक्तों की आस्था के साथ छल हुआ है. इस पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने आपत्ति जताते हुए कहा कि यह विधानसभा का विषय नहीं है. इस पर महंत ने कहा कि 23 फरवरी 2024 को सदन में कृतज्ञता ज्ञापन पेश किया था. उस वक्त सदन की भावना जुड़ी थी. आज सत्तापक्ष इस विषय पर निंदा प्रस्ताव ले आए, हम समर्थन करेंगे. छत्तीसगढ़ के लोगों के पैसों की लूट पर चर्चा चाहते हैं. अजय चंद्राकर ने आपत्ति जताते हुए कहा कि किसने लूटा आप नाम बताइए. इस पर महंत ने कहा जिस त्रिलोकीनाथ की चर्चा स्वर्ग में होती है, जिस राम के नाम की चर्चा होती है, दुर्भाग्य है कि उनके नाम पर यहाँ चर्चा पर आपत्ति जताई जा रही है. संख्या के आधार पर सत्तापक्ष ने सदन में कृतज्ञता ज्ञापन लाकर अपनी भावना जाहिर की थी. तब बृजमोहन अग्रवाल सदस्य के रूप में इस प्रस्ताव को लेकर आए थे. उन्होंने कहा कि उस दिन आस्था, विश्वास, प्रेम और समर्पण की भावना दिखाई थी. आज हम राम को लेकर चर्चा चाहते हैं, तो आपत्ति हो रही है. हमने ईंट दिया है, पैसा दिया है. क्या हमारी आस्था नहीं जुड़ी है?

अजय चंद्राकर ने कहा कि आपका कोषाध्यक्ष तीन साल से कहाँ लापता था? तब खूब चंदा चकोरी हुई है. उस पर बात कर लीजिए. आप अयोध्या की बात कर रहे हैं. भाजपा विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि आपकी पार्टी ने तो राम के अस्तित्व को नकार दिया है. उन्होंने कहा कि इतिहास में दर्ज है कि कभी-कभी शैतान भी बाइबिल पड़ता है.

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि जब शिलापूजन के लिए राज्य से पैसा गया. छत्तीसगढ़ के लोगों ने वहां जाकर चंदा दिया. जिसकी डकैती डल गई। उस पर चर्चा पर आपत्ति क्यों? हमारे पैसे की डकैती हुई है तो इस पर चर्चा क्यों नहीं हो सकती। अयोध्या में निर्माण कार्य में 40 फ़ीसदी तक कमीशन लिया गया.

भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने भूपेश बघेल से पूछा कि आपने कितना पैसा दिया है? पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चेक क्रमांक बताते हुए कहा कि रामजन्मभूमि ट्रस्ट को एक लाख 21 हज़ार रुपए दिया है. स्पीकर डॉक्टर रमन सिंह ने स्थगन प्रस्ताव की सूचना को राज्य का विषय नहीं बताते हुए प्रस्ताव अग्राह्य कर दिया.

नेता प्रतिपक्ष ने की सीबीआई जांच की मांग 

छत्तीसगढ़ विधानसभा में सोमवार को सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद बाहर मीडिया से चर्चा करते हुए नेता-प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने कहा कि आज छत्तीसगढ विधानसभा में जो हुआ, वह करोड़ों राम भक्त के लिए काला दिन है. हमने राम मंदिर में हुई लूट पर चर्चा की मांग की थी. हम विपक्ष के साथी भक्तों की बात रखना चाहते थे, लेकिन हमें चर्चा की अनुमति नहीं दी गई. हर छत्तीसगढिय़ा व्यक्ति का चंदा गया है. 1 रुपये लेकर लाखों रुपये का चंदा दिया गया. हम इस पर जाँच की मांग करते हैं. चंदा चोरी की जांच सीबीआई से होनी चाहिए.

श्रीराम मंदिर निर्माण पर सदन में चर्चा हो सकती है तो फिर चढ़ावा चोरी पर क्यों नहीं?

वहीं, सदन के बाहर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि जब श्री राम मंदिर निर्माण पर सदन में चर्चा हो सकती है तो फिर चढ़ावा चोरी पर क्यों नहीं? श्री राम मंदिर निर्माण में हम सबने दान दिया. जब राम मंदिर बना तो बृजमोहन अग्रवाल ने विधानसभा में धन्यवाद प्रस्ताव रखा. वे अयोध्या से नहीं हैं, फिर भी सदन में इस मामले पर चर्चा हुई. इनकी चोरी यहीं तक नहीं सिमटी है. इन लोगों ने बद्रीनाथ, मथुरा जैसे धार्मिक स्थानों को भी नहीं छोड़ा और इसी कारण अयोध्या से भाजपा हार गई. बनारस हारते-हारते बचे, अब मथुरा की बारी है.