0 जिला पर्यटन विकास समिति की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय, स्थानीय रोजगार, पर्यटन सुविधाओं और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण पर रहेगा विशेष फोकस
रायपुर। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले को पर्यटन की दृष्टि से नई पहचान दिलाने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल करते हुए पर्यटन विकास की व्यापक कार्ययोजना पर काम शुरू कर दिया है। कलेक्टर श्री कुलदीप शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित जिला पर्यटन विकास समिति की बैठक में जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों के सुनियोजित विकास, पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाओं के विस्तार तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में कलेक्टर श्री शर्मा ने कहा कि जिले में प्राकृतिक, धार्मिक और पारिस्थितिक पर्यटन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। इन संभावनाओं का समुचित उपयोग करते हुए पर्यटन स्थलों का चरणबद्ध विकास किया जाएगा, जिससे जिले की पहचान मजबूत होने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि चिन्हित पर्यटन स्थलों के विकास कार्यों में तेजी लाते हुए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।
बैठक में शहर के निकट स्थित छुइहा जलाशय के सौंदर्यीकरण और समग्र विकास को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी गई। कलेक्टर ने इसे जिले के प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए विस्तृत योजना तैयार करने के निर्देश दिए। जलाशय क्षेत्र में पर्यटकों के लिए आकर्षक वातावरण, आवश्यक आधारभूत सुविधाएं तथा मनोरंजन के अवसर विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही जलाशय की भूमि पर हुए अतिक्रमण को गंभीरता से लेते हुए जल संसाधन विभाग को तत्काल कार्रवाई करने तथा संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में खोरसी नाला पर नवीन कृषि उपज मंडी के समीप चेक डेम निर्माण और व्यापक वृक्षारोपण, सोनबरसा जंगल सफारी में पर्यटक सुविधाओं का विस्तार, गिरौदपुरी धाम के विकास तथा गिधौरी के समीप महानदी तट के सौंदर्यीकरण जैसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इन परियोजनाओं के माध्यम से जिले में प्रकृति, धार्मिक और इको-टूरिज्म को नई पहचान देने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
पर्यटन गतिविधियों में स्थानीय समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से हीरा स्व-सहायता समूह द्वारा छुइहा जलाशय में बोटिंग संचालन के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया। समिति ने सुरक्षा मानकों और आवश्यक सुविधाओं का परीक्षण कराने के बाद इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। इससे महिला स्व-सहायता समूहों को स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे और स्थानीय आजीविका को भी मजबूती मिलेगी।
बलौदाबाजार जिले में पर्यटन स्थलों के व्यवस्थित विकास से जिले में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इसके साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए गाइड, आतिथ्य सेवाओं, परिवहन, हस्तशिल्प, स्थानीय व्यंजन, नौकायन और अन्य पर्यटन आधारित गतिविधियों में रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और स्थानीय उत्पादों को भी व्यापक बाजार प्राप्त होगा।
जिला पर्यटन विकास समिति की यह पहल बलौदाबाजार-भाटापारा को पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक आस्था और स्थानीय संस्कृति को एकीकृत करते हुए विकसित की जा रही यह कार्ययोजना आने वाले समय में जिले को पर्यटन के उभरते हुए केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष श्री अशोक जैन, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री दिव्या अग्रवाल, समिति के सदस्य तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
