संसद-मानसून सत्र
संसद के मानसून सत्र ए महीना के बीस तारीख ले सुरू होही अउ तेरह अगस्त तक चलही। संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ह बतईन कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ह बीस जुलाई ले संसद के मानसून सत्र बुलाय के सरकार के प्रस्ताव ल मंजूरी दे दे हवय। सोशल मीडिया पोस्ट म श्री रिजिजू ह किहीन कि सत्र म राष्ट्रीय महत्व के मुद्दा उपर सार्थक बहस, चर्चा अउ निर्णय ले म ध्यान केन्द्रित करे जाही।
चिंतन शिविर
राज्य मंत्रिमंडल के दू दिवसीय चिंतन प्रशिक्षण सिविर आज ले नवा रईपुर के भारतीय प्रबंधन संस्थान-आईआईएम म सुरू होगे हे। पहिली दिन के सुरूआत मोटिवेशनल स्पीकर अउ आध्यात्मिक गुरू गौर गोपाल दास के सत्र ले होइस। ओमन मंत्री मन ले नेतृत्व, जीवन मूल्य, आंतरिक संतुलन अउ सार्वजनिक जीवन म संवेदनशीलता जइसन विषय उपर बात करीन। ए दउरान बताय गीस कि जनप्रतिनिधि के भूमिका सिरिफ विभागीय कामकाज तक ही सीमित नइ हे। फेर ओमन ल जनता के बीच भरोसा के केन्द्र घलो बनना हे।
उहें, सत्र के दउरान अभय करंदीकर ह मंत्रिमंडल के सदस्य मन ल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा आधारित निर्णय अउ डिजिटल गवर्नेंस के बदलत भूमिका ले परिचित करईन। ओमन बतईन कि अवइया बेरा म वही शासन प्रभावी माने जाही, जउन तकनीक के उपयोग सिरिफ सुविधा बर नइ, फेर तेज फइसला, बेहतर निगरानी अउ पारदर्सी डिलीवरी बर करयं।
एखर अलावा नीति आयोग के सदस्य डॉक्टर रमेश चन्द्र ह कृषि अउ ग्रामीण अर्थव्यवस्था उपर मंत्री मन ले चर्चा करीन। ओमन ग्रामीण आय बढ़ाय बर, कृषि मूल्य श्रृंखला ल मजबूत करे बर, स्थानीय उद्यम ल बढ़ावा दे बर अउ गांव केन्द्रित विकास के जरूरत उपर जोर दीन।
प्रसिक्षण के दउरान बताय गीस कि बस्तर बर अब अगला चरण विकास, जनविश्वास अउ अवसर के हवय। सड़क, सिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, निवेश अउ स्थानीय आजीविका ए सबो क्षेत्र म प्रगति बर सासन के नवा सोच जरूरी हे। अइसन म मंत्रिमंडल ल आधुनिक प्रशासन, तकनीक अउ जनकेन्द्रित नीति समझ ले लैस होना जरूरी हे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ह चिंतन सिविर ल बदलत समय के जरूरत बतईन हे। ओमन किहीन कि सासन ल सरलग सीखे बर पड़ही, खुद के मूल्यांकन करे बर पड़ही अउ भविष्य के चुनौती के अनुसार खुद ल तैयार करना होही। श्री साय ह किहीन कि अब सरकार ल सिरिफ प्रशासनिक दिनचर्या के रूप म नहीं, फेर विकसित भारत के लक्ष्य के अनुसार एक प्रसिक्षित जिम्मेदार व्यवस्था के रूप म गढ़ना हे।
केन्द्र-कृषि समीक्षा बैठक
केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह अउ कृषि अउ किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ह अल नीनो के सेती देस के कुछेक जघा म सामान्य ले कमती बरसा अउ ओखर प्रभाव के समीक्षा बइठका करीन। श्री शाह ह किहीन कि सरकार अल नीनो के सेती देस के कुछेक जघा म कमती बरसा अउ संभावित सूखा के स्थिति म सरलग नजर राखे हवय। ओमन ह कृषि मंत्रालय अउ दूसर मंत्रालय मन ल सतर्क रेहे के अउ किसान मन ल बने फसल के बोआई के बारे म सलाह दे बर राज्य सरकार मन संग सलाह करे के निरदेस दीन।
मुख्यमंत्री-खरीफ सीजन/अल्प वर्षा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ह चालू खरीफ सीजन अउ संभावित अल्प वर्षा के तैयारी के समीक्षा करत अधिकारी मन ल किसान मन बर खाद, बीज अउ सिंचाई के पर्याप्त व्यवस्था निश्चित करे के निरदेस दीन हे। बइठका म बताय गीस कि प्रदेस ल छियालीस हजार टन ले जादा डीएपी उर्वरक के आपूर्ति मिल गे हवय। मुख्यमंत्री ह जल संरक्षण, वैज्ञानिक खेती अउ ग्रामीण रोजगार उपर जोर देवत सबो जिला बर कार्ययोजना तैयार राखे के निरदेस दीन। ओमन किहीन कि संभावित अल्प वर्षा के चुनौती ले निपटे बर राज्य सरकार पूरा तरीका ले तैयार हे।
वित्त आयोग-कार्यशाला
नई दिल्ली म सोलहवां वित्त आयोग के अनुशंसा उपर राखे गे राष्ट्रीय कार्यशाला म उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सामिल होइस। कार्यशाला म ग्रामीण, स्थानीय, निकाय बर अनुदान के अनुशंसा के जानकारी साझा करे गीस। एखर अनुसार छत्तीसगढ़ ल अवइया पांच बछर म ग्यारह हजार छह सौ चौसठ करोड़ रूपिया के अनुदान मिलही।
ए मउका म ग्रामीण स्थानीय निकाय मन ल वित्तीय संसाधन के आवंटन पंचायत के वित्तीय क्षमता ल मजबूत करे के अउ सोलहवां वित्त आयोग के अनुशंसा म कामकाज ले जुड़े विषय उपर गोठबात करे गीस।
दिव्यांगजन-बैठक
छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त अउ विकास निगम ह ग्यारह हजार दिव्यांग मन ल स्वरोजगार बर ऋण देवाय के लक्ष्य राखे हे। संगेसंग हितग्राही मन ल कौशल विकास प्रशिक्षण, उद्यमिता मार्गदर्शन अउ विपणन सहयोग घलो दे जाही।
छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त अउ विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कावड़िया ह निगम ले अधिकृत आने-आने बैंक के प्रतिनिधि मनके बइठका लेके स्वरोजगार ऋण योजना के काम के समीक्षा करीन। ए मउका म श्री कावड़िया ह किहीन कि राज्य सरकार के उद्देश्य दिव्यांग मन ल सिरिफ आर्थिक मदद देवाना नहीं, फेर ओमन ल सफल उद्यमी बनाके प्रदेस के विकास यात्रा म सक्रिय भागीदार निभाना हे।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापना
कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता अउ जनसंचार विश्वविद्यालय रायपुर म जनसंचार, सिक्षा अउ सोध के क्षेत्र म सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के स्थापना करे जाही। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर मनोज दयाल अउ हिसार के गुरू जम्भेश्वर विज्ञान अउ प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर नरसी राम बिश्नोई के बीच होय बइठका म एखर उपर सहमति बने हे।
चीतल शिकार-गिरफ्तारी
छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम डहार ले अवैध शिकार के खिलाफ विशेष अभियान चलाय जावत हे। इही कड़ी म कवर्धा परियोजना मंडल ह नर चीतल के अवैध शिकार के मामला म सात झिन आरोपी मन ल गिरफ्तार करके जेल भेज देहे। मिले जानकारी के अनुसार बोड़ला परियोजना परिक्षेत्र के भलपहरी बीट के जंगल म शिकारी मन ह जाल बिछाके चीतल के सिकार करीन। एखर बाद चीतल के मांस ल आपस म बांटे के तियारी करे जावत रिहीस, तभे वन विभाग के टीम ह दबिश देके आरोपी मन ल गिरफ्तार करीस।
करंट-मौत
प्रदेस म पाछु चौबीस घंटा के दउरान करंट लगे ले दू ठन आने-आने घटना म पांच झन के मउत होगे।
राजधानी रईपुर के प्रोफेसर कॉलोनी म आज बिहनिया मकान के छत म सोलर पैनल लगावत खानी दू झिन मजदूर मन हाईटेंशन तार के चपेट म आ गे। ए घटना म दूनों मजदूर के मउकाच म मउत होगीस। घटना के सूचना मिलते साथ पुलिस ह मउका म पहुंच के मामला के जांच सुरू कर देहे।
ओति, बिलासपुर जिला के ग्राम भाड़म म काली खेत म काम करे बर गे पूर्व सरपंच संघरा परिवार के तीन झन लोगन के करंट लगे ले मउत होगे। मृतक म मां अउ ओखर दू झन लइका सामिल हे। पुलिस के मुताबिक पूर्व सरपंच दसन बाई ह अपन दू झिन बेटा मन संग खेत म मवेसी मन ल रोके बर मेड़ म जीआई तार अउ नाइलोन के रस्सी ले घेराबंदी करे बर गे रिहीस। इही दउरान खेत म बिछे तार म अचानक करंट आ गे अउ तीन झन ओखर चपेट म आ गीन।
जिले की चिट्ठी
आकाशवाणी रईपुर के प्रादेशिक समाचार एकांश, डहार ले प्रस्तुत कारीकरम ‘‘जिले की चिट्ठी‘‘ के प्रसारण काली संझा छै बजके पांच मिनट ले छै बजके दस मिनट तक करे जाही। ए कारीकरम ल छत्तीसगढ़ के सबो आकाशवाणी कंेंद्र एके संघरा रिले करही। ए बखत के अंक म ‘‘सूरजपुर‘‘ जिला के बारे म जानकारी दे जाही।
अउ अब पेस हे मौसम के हाल…
राजधानी रईपुर संघरा प्रदेस के कतकोन जघा म आज गरज-चमक के संग तेज बरसा होय के खबर हे। मौसम विभाग ह अवइया तीन दिन तक मध्य अउ दक्षिण छत्तीसगढ़ म एक-दू जघा म भारी ले अतिभारी बरसा होय के चेतावनी देहे। मौसम विज्ञानी डॉक्टर गायत्री वाणी ह आकाशवाणी समाचार ले गोठबात करत बतईन कि उत्तर पश्चिम बंगाल अउ ओडिशा के उपर एक ठन चक्रवाती घेरा बने हे। एखर प्रभाव ले प्रदेस म बारिस के गतिविधि बाढ़ गे हवय। ओमन ह बतईन कि अवइया चौबीस घंटा के दउरान राज्य के कतकोन जिला म भारी बरसा होय के संग आकाशीय बिजली गिर सकत हे।
