विद्यालय बच्चों के सपनों को आकार देने का पवित्र स्थान: सोनकर 

*संकल्प संदेश के साथ मिडिल स्कूल मगरघटा में मनाया गया शाला प्रवेशोत्सव*

रायपुर। संकुल स्त्रोत केंद्र परसदा विकासखंड पाटन के अधीनस्थ शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला मगरघटा में शाला प्रवेशोत्सव बहुत ही उत्साहपूर्वक एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। शाला प्रवेशोत्सव का कार्यक्रम दयानंद सोनकर अध्यक्ष नगर पालिका परिषद अमलेश्वर के मुख्य आतिथ्य, कैलाश यादव, कुंजबिहारी साहू , परस राम साहू के विशिष्ट आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। पूर्व संकुल शैक्षिक समन्वयक एवं वरिष्ठ शिक्षक ललित कुमार बिजौरा ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदे के तैलचित्र में पूजा अर्चना वंदना के साथ हुआ पश्चात शासकीय प्राथमिक शाला मगरघटा के कक्षा पहली में प्रवेश लेने वाले एवं पूर्व माध्यमिक शाला मगरघटा के कक्षा छठवीं में प्रवेश लेने वाले नवप्रवेशी छात्र–छात्राओं का तिलक लगाकर मिठाई खिलाकर एवं निःशुल्क पाठ्यपुस्तक, गणवेश वितरण कर स्वागत किया गया तथा उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी गई । संस्था प्रमुख के.पी. चौबे द्वारा स्वागत भाषण दिया गया तथा शाला परिवार द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया एवं उनके स्वागत में छात्र छात्राओं द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि कैलाश यादव एवं कुंज बिहारी साहू एवं परस राम साहू ने नवप्रवेशी बच्चों को नियमित शाला आने एवं बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए पालक, बालक एवं शिक्षक को मिलकर कार्य करने की बात कही। मुख्य अतिथि की आसंदी से दयानंद सोनकर ने नवप्रवेशी बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने एवं बच्चों को कौशल आधारित शिक्षा प्रदान करने पर बल दिया उन्होंने कहा कि विद्यालय बच्चों के सपने को आकार देने का पवित्र स्थान होता है इसलिए प्रत्येक बच्चे को अच्छा इंसान बनने का सपना अवश्य देखना चाहिए उन्होंने नवप्रवेशी बच्चों को शुभकामना देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। नवप्रवेशी बच्चों ने नियमित स्कूल आने, अनुशासन में रहने, बड़ों का सम्मान करने और अपना गृह कार्य नियमित रूप से करने का संदेश अपने संकल्प के माध्यम से दिया । कार्यक्रम का संचालन पूर्व संकुल शैक्षिक समन्वयक एवं वरिष्ठ शिक्षक ललित कुमार बिजौरा ने किया एवं आभार प्रदर्शन शिक्षक कोमल सिंह ठाकुर ने किया। शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में प्रमुख रूप से पदमनी ध्रुव , संगीता बंजारे, कौशल्या बारले, राजबती टंडन, चित्ररेखा टंडन, द्रौपदी निषाद, देवकी धृतलहरे, रेवती बारले, रामेश्वरी साहू, शीतल यादव, गायत्री बारले और जानकी निषाद सहित छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे ।