ब्रह्माकुमारी संस्थान के साधकों ने शान्ति सरोवर में किया योग का अभ्यास

0 पूरे विश्व में दस लाख लोग राजयोग अपनाकर तनावमुक्त जीवन जी रहे…ब्रह्माकुमारी सविता दीदी

 0 कोविड के दौरान हुई क्षति को ठीक करने के लिए योग लाभदायी… डॉ. सरिता बाजपेयी

रायपुर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के सदस्यों ने आज सुबह विधानसभा मार्ग स्थित शान्ति सरोवर रिट्रीट सेन्टर में योग का अभ्यास किया। योग प्रशिक्षक आचार्य प्रदीप सिन्हा और कैलाश सिन्हा ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों का मार्गदर्शन करते हुए शारीरिक स्वास्थ्य के लिए विभिन्न योगासनों का अभ्यास कराया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रबुद्घजन उपस्थित थे।

इस अवसर पर रायपुर स्थित सेवाकेन्द्रों की संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने कहा कि जैसे बिजली प्राप्त करने के लिए पावर हाउस से कनेक्शन करना होता है। पानी के लिए नलघर से कनेक्शन जरूरी होता है। ठीक वैसे ही आत्मा में शक्ति भरने के लिए सर्वशक्तिवान परमात्मा से सम्बन्ध जोडऩे की जरूरत होती है। परमात्मा से सम्बन्ध जोडऩे के लिए राजयोग मेडिटेशन अच्छा माध्यम है।

उन्होंने कहा कि योग दिवस मनाने के कारण लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक हुए हैं। लेकिन हमारा शरीर भी स्वस्थ तब होगा जब हमारा मन स्वस्थ होगा। उन्होंने नकारात्मक और व्यर्थ विचारों से बचने की सलाह देते हुए कहा कि इससे आत्मा की शक्तिनष्ट होती है। उन्होंने बतलाया कि ब्रह्माकुमारी संस्थान से पूरे विश्व में दस लाख से अधिक लोग जुड़े हुए हैं जो कि राजयोग को अपनाकर तनावमुक्त और शान्तिमय जीवन जी रहे हैं। मन की शान्ति के लिए मेडिटेशन के अलावा अन्य कोई दूसरा उपाय नहीं है।

आर्ट ऑफ लिविंग की सीनियर फैकल्टी डॉ. सरिता बाजपेयी ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की धरोहर है जो कि योग दिवस के माध्यम से जन-जन तक पहुंच रहा है। कोविड से शरीर को जो क्षति पहुंची है उसे हम योग से ठीक कर सकते हैं। योग सिर्फ शारीरिक व्यायाम नहीं है। जब शरीर, मन, आत्मा और भावनाएं मिलकर एक हो जाती हैं तब वह समत्व ही योग है। शारीरिक रूप से स्वस्थ तथा मानसिक रूप से शान्त और भावनात्मक रूप से मजबूत होना ही योगी की निशानी है।

भारतीय योग संस्थान के प्रान्तीय प्रमुख मुकेश सोनी ने कहा कि इस वर्ष योग दिवस का थीम है स्वस्थ वृद्घावस्था के लिए योग। तन और मन दोनों का शोधन योग के द्वारा सम्भव है। तन के शोधन के लिए पातंजलि ने तीन सूत्र बतलाए हैं। जिनका अनुपालन कर हम स्वस्थ जीवन व्यतीत कर सकते हैं।

अन्त में कु. शारदा नाथ ने योग पर आधारित गीत प्रस्तुत कर मेडिटेशन कराया। कार्यक्रम का संचालन ब्रह्माकुमारी रूचिका दीदी ने किया।