नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के बाद आज मतगणना जारी है। सुबह 8 बजे डाक मतपत्रों की गिनती के साथ प्रक्रिया शुरू हुई, जिसके बाद ईवीएम खोली जा रही हैं। शुरुआती रुझानों में बंगाल में भाजपा बढ़त बनाती दिख रही है, जबकि तृणमूल कांग्रेस भी कड़ी टक्कर दे रही है।
बंगाल में फलता सीट को छोड़कर 293 विधानसभा सीटों के लिए 77 केंद्रों पर मतगणना हो रही है। संवेदनशील इलाकों को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मतगणना से पहले भाजपा और टीएमसी ने एक-दूसरे पर गड़बड़ी के आरोप भी लगाए।
अन्य राज्यों से भी रुझान शुरू
तमिलनाडु में उलटफेर के आसार दिख रहे हैं। रुझान में अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी बढ़त बनाती दिखी है। केरल में यूडीएफ एक सीट पर आगे है, जबकि असम में शुरुआती रुझानों में भाजपा चार और कांग्रेस एक सीट पर आगे चल रही है। बंगाल में भी शुरुआती आंकड़ों में टीएमसी दो और भाजपा तीन सीटों पर आगे रही।
दोपहर तक साफ होगी तस्वीर
पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान हुआ था। अब मतगणना के साथ ही दोपहर तक नतीजों की तस्वीर साफ होने लगेगी। एक ओर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपनी सत्ता बचाने की कोशिश में हैं, वहीं भाजपा राज्य में पहली बार पूर्ण बहुमत की उम्मीद लगाए बैठी है।
293 सीटों पर ही क्यों हो रही गिनती?
राज्य की 294 में से 293 सीटों पर ही मतगणना हो रही है। दक्षिण 24 परगना जिले की फलता सीट पर मतदान के दौरान गड़बड़ी की शिकायतों के बाद निर्वाचन आयोग ने वहां 29 अप्रैल को हुई वोटिंग रद्द कर दी थी। इस सीट पर अब 21 मई को पुनर्मतदान होगा और 24 मई को नतीजे घोषित किए जाएंगे।
पुनर्मतदान भी कराया गया
दक्षिण 24 परगना जिले की दो विधानसभा सीटों के 15 बूथों पर पुनर्मतदान कराया गया। यह फैसला निर्वाचन अधिकारियों और पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया।
असम में भी भाजपा को बढ़त
असम की 126 सीटों पर मतगणना जारी है, जहां 722 उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर है। 35 जिलों में 40 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच वोटों की गिनती हो रही है। शुरुआती रुझानों में भाजपा बड़ी बढ़त की ओर है।
राज्य में इस बार मुकाबला मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और कांग्रेस नेता गौरव गोगोई के बीच चर्चा में है। सरमा जहां जलुकबाड़ी सीट से लगातार जीत दर्ज करते रहे हैं, वहीं गोगोई पहली बार विधानसभा चुनाव में जोरहाट से मैदान में हैं।
असम में इस बार पहचान की राजनीति, कल्याणकारी योजनाएं और क्षेत्रीय मुद्दे चुनावी बहस के केंद्र में रहे। 85.96% मतदान के साथ इस बार रिकॉर्ड वोटिंग दर्ज की गई, जो राज्य के इतिहास में सबसे अधिक है।
कुल मिलाकर, आज के नतीजे न सिर्फ इन राज्यों की सत्ता तय करेंगे, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति की दिशा पर भी बड़ा असर डाल सकते हैं।
