रायपुर/ महतारी वंदन में केवाईसी का बहाना कर सरकार महिलाओं का नाम काटना चाह रही है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि भाजपा ने विधानसभा चुनाव के समय सभी विवाहित महिला को 1000 रू. प्रतिमाह देने का वादा किया था। सरकार के आने के बाद भाजपा अपने वादे से पलट गयी। सभी विवाहित के स्थान पर इंकमटैक्सपेयी परिवार, सरकारी नौकरी परिवार की बंदिशे लगाकर महिलाओं को अपात्र घोषित किया। महतारी वंदन की पहली किस्त में 75 लाख महिलाओं को राशि दी गयी। धीरे-धीरे हर माह सरकार ने कटौती कर दिया। आखिरी में लगभग 69 लाख महिलाओं को ही राशि मिल पाई।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि अब सरकार केवायसी का बहाना बनाकर और महिलाओं को महतारी वंदन के लाभ से वंचित करना चाह रही है। यह सरकार की वादाखिलाफी है। सरकार प्रदेश में निवासरत हर विवाहित महिला को छत्तीसगढ़ की मतदाता है, या जिसका आधार कार्ड छत्तीसगढ़ का है, उसे महतारी वंदन की राशि दे।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि सरकार अप्रैल, मई और जून की भीषण गर्मी में केवाईसी के नाम पर महिलाओं को परेशान करना चाह रही। सरकार का उद्देश्य महिलाओं का नाम काटना और उन्हें लाभ से वंचित करना है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि बुजुर्ग महिलाओं को मिलने वाली 500 रू. की पेंशन को इस योजना में मिलाकर उन्हें 1000 रू. ही दिए जा रहे हैं, जो एक तरह से कटौती है। आज प्रदेश की महिलाएं जानना चाहती है कि 5 लाख जिन महिलाओं का नाम काटा गया है वह सार्वजनिक करें और सरकार को यह स्पष्ट बताना चाहिए कि जो विवाहित महिलाएं हैं, पात्र और जरूरतमंद महिलाओं को महतारी वंदन योजना के लाभ दिलाने के लिए सरकार क्या कर रही है?
