जग्गी हत्याकांड में बड़ा फैसला: हाईकोर्ट ने अमित जोगी को सुनाई आजीवन कारावास की सजा 

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के पुत्र अमित जोगी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने वर्ष 2007 में ट्रायल कोर्ट द्वारा दिए गए बरी के आदेश को निरस्त कर दिया।

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि जिन साक्ष्यों के आधार पर अन्य आरोपियों को दोषी ठहराया गया, उन्हीं साक्ष्यों के रहते अमित जोगी को बरी किया जाना न्यायसंगत नहीं था। कोर्ट ने इस आधार पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की अपील स्वीकार कर ली।

मामले के अनुसार, 4 जून 2003 को रायपुर में एनसीपी नेता राम अवतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले की जांच बाद में CBI को सौंपी गई थी, जिसमें हत्या के पीछे साजिश होने की बात सामने आई थी।

हाईकोर्ट ने अमित जोगी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 एवं 120-बी (हत्या एवं आपराधिक साजिश) के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास तथा एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।

अदालत ने यह भी निर्देश दिया है कि अमित जोगी, जो वर्तमान में जमानत पर हैं, वे तीन सप्ताह के भीतर संबंधित न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण करें। निर्धारित अवधि में सरेंडर नहीं करने की स्थिति में उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने अन्य आरोपियों को पहले ही दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, जबकि अमित जोगी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया था। हाईकोर्ट के इस फैसले से लंबे समय से लंबित इस प्रकरण में नया मोड़ आ गया है।