पंचकूला। इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा और वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा को एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) से जुड़े मामले में अदालत से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने दोनों नेताओं को आरोपों से मुक्त कर दिया है।
ईडी की विशेष अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप खारिज कर दिए। यह फैसला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व आदेश के अनुरूप आया।
अदालत ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि कमजोर आधार या केवल अनुमानों के आधार पर आपराधिक मुकदमा चलाना न्यायसंगत नहीं है।
मामला पंचकूला के सेक्टर-6 स्थित एक सरकारी भूखंड के आवंटन से जुड़ा है। जांच एजेंसियों का आरोप था कि यह जमीन बाजार मूल्य से काफी कम कीमत पर एजेएल को दी गई, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ। आरोपों के मुताबिक, करीब 64.93 करोड़ रुपये की जमीन लगभग 69 लाख रुपये में आवंटित की गई थी।
हालांकि, अदालत में इन आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य पेश नहीं किए जा सके। यह जमीन 1982 में अखबार प्रकाशन के उद्देश्य से एजेएल को दी गई थी, जिसे 1992 में निर्माण न होने के कारण वापस ले लिया गया था। बाद में 2005 में दोबारा आवंटन के बाद विवाद शुरू हुआ।
जांच और कानूनी प्रक्रिया
मामले की जांच ईडी को सौंपी गई थी, जिसने 2017 में केस दर्ज कर 2018 में आरोपपत्र दाखिल किया। आरोप तय करने के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई, जहां लंबे समय तक सुनवाई चली। अंततः हाईकोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में आरोप खारिज कर दिए, जिसके आधार पर विशेष अदालत ने भी केस समाप्त कर दिया।
