कांग्रेस सरकार में गौठान के नाम पर सिर्फ साइन बोर्ड थे : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

*कांग्रेस किसानों को बारदाना तक उपलब्ध नहीं करा पा रही थी*

*कांग्रेस ने 5 वर्ष में सिंचाई पर 5,700 करोड़ तो हमने सिर्फ दो साल में ही उससे डबल 10,700 करोड़ स्वीकृत किए*

रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बिलासपुर जिले अंतर्गत बिल्हा विकासखण्ड के रहंगी में कृषक उन्नति योजना अंतर्गत आयोजित वृहद किसान सम्मेलन में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता ने कांग्रेस का पिछला कार्यकाल देखा है कि किस तरह कांग्रेस ने किसानों के साथ धोखा किया। कांग्रेस की सरकार किसानों को बारदाना उपलब्ध नहीं करा पा रही थी, किसानों को बारदाने के लिए रोना पड़ रहा था। हमने किसानों की इस समस्या को दूर किया। जूट कमिश्नर के माध्यम से बारदाने की सही समय पर पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की। अब बारदाने की कोई तकलीफ नहीं होती।

कांग्रेस की सरकार किसानों को अंतर की राशि भी साल में चार-चार किस्त करके देती थी, एक किस्त को गोल भी कर दिया गया। इस तरह की स्थिति कांग्रेस की सरकार में रही। लेकिन आज हम धान खरीदी खत्म होते ही सप्ताह-दस दिन के भीतर अंतर की राशि का एकमुश्त भुगतान करते हैं। हमारे सभी किसानों को हमने एमएसपी के तहत 33 हजार 431 करोड़ रुपए का भुगतान 48 घंटे के भीतर ही उनके खाते में किया।

उन्होंने कहा कि आजादी के 75 वर्षों में लंबे समय तक देश में कांग्रेस की सरकार रही, लेकिन उन्होंने कभी किसानों की चिंता नहीं की, जबकि भारतीय जनता पार्टी लगातार किसानों की चिंता करती है।

श्री साय ने कहा कि जब केंद्र में श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार रही, उस समय उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड की शुरुआत की, ताकि किसी भी किसान को पूंजी के लिए तकलीफ न करनी पड़े। इसी किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ लेकर आज देश के करोड़ों किसान कृषि में आगे बढ़ रहे हैं।

श्री साय ने कहा कि वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ पृथक राज्य बनने के बाद सहकारी बैंकों का ब्याज 16 से 18 प्रतिशत था, जिसे तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी के 15 वर्ष के कार्यकाल के दौरान 7 प्रतिशत, फिर 3 प्रतिशत किया गया। आज छत्तीसगढ़ के किसानों को ब्याज मुक्त ऋण की सुविधा मिल रही है। उन्हें आसानी से खेती करने के लिए पूंजी मिल रही है। किसानों के खेत में पानी पहुंचे, इसलिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की शुरुआत की गई। यह सब भारतीय जनता पार्टी की सरकार कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ के किसानों को धान का अच्छा दाम मिल रहा है। हम किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर रहे हैं। पूरे देश में धान खरीदी की इतनी अच्छी व्यवस्था नहीं है। अधिया, रेगहा, पब्लिक ट्रस्ट और वनभूमि के पट्टेदारों से भी हम धान की खरीदी कर रहे हैं। हम 5.62 हजार से ज्यादा भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपए दे रहे हैं। किसानों के खेत में पानी की व्यवस्था कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सिंचाई के क्षेत्र में कांग्रेस सरकार ने मात्र 5,700 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी थी, जबकि हमारी सरकार ने सिर्फ दो साल में ही उससे डबल 10,700 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी। इससे आप स्वयं अंदाजा लगा सकते हैं कि हमारी सरकार किसानों के खेत में अच्छी तरह पानी पहुंचे, इसकी भी चिंता कर रही है।

उन्होंने सभा में उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार का गौठान घोटाला आप सभी को पता है। जब हमारे कार्यकर्ताओं ने गौठानों की हकीकत जानी, तो गौठान के नाम पर सिर्फ साइन बोर्ड थे। गाय का पता न था, न ही वर्मी कम्पोस्ट या खाद का। कांग्रेस सरकार ने गौठान में भी भ्रष्टाचार करने का काम किया। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत प्रदेश के 26 लाख किसानों को एक वर्ष में 10 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का भुगतान किया गया। हमने इस वर्ष के बजट में 13,507 करोड़ रुपए कृषि में रखे हैं, जो कि कुल बजट का 8 प्रतिशत है। इस बात से आप समझ सकते हैं कि छत्तीसगढ़ सरकार किसानों के प्रति कितनी संवेदनशील है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता अब समझ चुकी है कि कौन किसानों के नाम पर राजनीति करता है और कौन किसानों के हित में वास्तविक काम करता है। उन्होंने कहा कि सुशासन की सरकार का एक ही लक्ष्य है—प्रदेश के अन्नदाताओं को सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाना। किसानों की आय बढ़े, उनके खेतों तक पानी पहुंचे और उन्हें उनकी मेहनत का पूरा सम्मान मिले, इसके लिए राज्य सरकार लगातार ठोस निर्णय ले रही है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि किसानों के सहयोग और आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ विकास और समृद्धि के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।