तेहरान। पश्चिम एशिया में तनाव के बीच आखिरकार अमेरिका और इस्राइल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ईरान पर बम बरसानें शुरू कर दिए हैं। ईरान की राजधानी तेहरान में खामेनेई के कार्यालय के पास भी हमला हुआ है। इस्राइल ने एक साथ ईरान के कई शहरों पर हवाई हमले किए हैं। ईरान ने भी पलटवार करते हुए पांच देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान के दक्षिणी शहर मिनाब में स्थित बालिका प्राथमिक विद्यालय पर कथित इस्राइली हमले में मरने वालों की संख्या बढक़र 70 हो गई है। सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार इस हमले में करीब 60 लोग घायल हुए हैं। स्थानीय अधिकारी मोहम्मद रदमेहर ने कहा कि हमले के समय स्कूल में लगभग 170 छात्र मौजूद थे। राहत और बचाव अभियान जारी होने के कारण मृतकों की संख्या बढऩे की आशंका जताई जा रही है। यानी देशों के हमलों में अब तक कुल 70 मौते हो चुकी हैं। इसमें मिनाब शहर की एक प्राथमिक बालिका विद्यालय की 53 छात्राएं, ईरान के पूर्वी इलाके में एक स्कूल के दो छात्र और अबू धाबी में हुई एक मौत शामिल है।
नागरिकों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश
इस्राइली सेना ने देश की ओर बढ़ रही मिसाइलों की भारी खेप को लेकर अलर्ट जारी किया है। सेना ने चेतावनी दी कि जल्द ही मिसाइलों की बड़ी बौछार हो सकती है और नागरिक तुरंत सुरक्षित शेल्टर में चले जाएं। इससे पहले भी सेना ने बताया था कि रक्षा प्रणाली आने वाले खतरों को रोकने के लिए सक्रिय है। पूरे देश में सुरक्षा सायरन बजाए जा रहे हैं और आपात व्यवस्था लागू कर दी गई है।
संयुक्त राष्ट्र की अपील, सभी पक्षों से संयम और बातचीत की मांग
पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य संघर्ष पर संयुक्त राष्ट्र ने गहरी चिंता जताते हुए सभी पक्षों से समझदारी दिखाने और तनाव कम करने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने अमेरिका और इस्राइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों तथा इसके बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने कहा कि किसी भी युद्ध में सबसे ज्यादा कीमत आम नागरिकों को चुकानी पड़ती है। तुर्क ने स्पष्ट कहा कि मिसाइल और बम मतभेद सुलझाने का रास्ता नहीं हैं, बल्कि इससे केवल मौत, तबाही और मानवीय संकट बढ़ता है। उन्होंने सभी देशों से सैन्य कार्रवाई रोककर तुरंत वार्ता की मेज पर लौटने का आग्रह किया।
ट्रंप ने अमेरिका फर्स्ट नीति को इस्राइल फर्स्ट में बदल दिया- ईरानी विदेश मंत्री
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका और इस्राइल पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि ईरान के खिलाफ छेड़ी गई जंग गैरकानूनी और बिना उकसावे की कार्रवाई है। सोशल मीडिया पर जारी बयान में उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका फर्स्ट नीति को इस्राइल फर्स्ट में बदल दिया है। अराघची ने कहा कि ईरान की सशस्त्र सेनाएं पूरी तरह तैयार हैं और हमलावरों को उचित जवाब देते हुए कड़ा सबक सिखाया जाएगा।
लावरोव ने ईरान के विदेश मंत्री से फोन पर की बात
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत कर अमेरिका और इस्राइल के हमलों की निंदा की है। रूसी विदेश मंत्रालय के अनुसार लावरोव ने इन हमलों को बिना उकसावे की गई सशस्त्र कार्रवाई बताया। उन्होंने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर चिंता जताते हुए सैन्य हमलों को तुरंत रोकने और कूटनीतिक समाधान की दिशा में कदम उठाने की अपील की है।
ईरानी सेना आईआरजीसी के चीफ क्या मारे गए?
इजरायली अधिकारियों अनुमान है कि इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमले में ईरानी सेना आईआरजीसी के चीफ जनरल मोहम्मद पाकपोउर की मौत हो गई है। इससे पहले साल 2025 की लड़ाई में ईरानी सेना के पूर्व प्रमुख की मौत हो गई थी। इजरायल का यह भी अनुमान है कि ईरानी के रक्षा मंत्री और खुफिया प्रमुख भी संभवत: मारे गए हैं। अभी इजरायली सेना या ईरानी सेना ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
दुबई में धमाकों की आवाजें
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने नई मिसाइल हमलों को नाकाम करने का दावा किया है। मंत्रालय के अनुसार वायु रक्षा प्रणाली ने आने वाली मिसाइलों की एक और खेप को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर लिया। इसी दौरान दुबई में कई धमाकों की आवाजें सुनाई देने की खबर है, जिन्हें मिसाइल इंटरसेप्शन से जोड़ा जा रहा है। फिलहाल किसी बड़े नुकसान या हताहत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ईरान का पलटवार, पांच देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले
अमेरिकी और इस्राइल के संयुक्त हमले के बाद अब ईरान ने भी पलटवार करना शुरू कर दिया है। इस्राइल के अलावा खाड़ी देशों के कई अमेरिकी सैन्य अड्डों पर ईरानी हमले तेज हो गए हैं। ईरान ने कुवैत, बहरीन,कतर, सऊदी अरब, और यूएई में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हमला किया है। ईरान ने कतर के दोहा में अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया है। कतर के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उसने देश को निशाना बनाकर किए गए कई हमलों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया है। रक्षा मंत्रालय इस बात की पुष्टि करता है कि खतरे का पता चलते ही सुरक्षा योजना के अनुसार उससे तुरंत निपटा गया और कतर की धरती तक पहुंचने से पहले ही सभी मिसाइलों को रोक दिया गया। ईरान ने कतर, बहरीन, कुवैत यूएई में अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया है। बहरीन ने पुष्टि की है कि अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के मुख्यालय को मिसाइल हमले का निशाना बनाया गया है। कतर के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि पैट्रियट रक्षा प्रणाली द्वारा एक ईरानी मिसाइल को रोक दिया गया है।
भारतीयों के लिए अलर्ट, घरों में रहने की सलाह
तेहरान में भारतीय दूतावास ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर एडवाइजरी पोस्ट की है। इसमें कहा गया है, मौजूदा हालात को देखते हुए ईरान में सभी भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे बहुत सावधान रहें, बिना वजह घर से बाहर न निकलें और जितना हो सके घर में ही रहें।
सभी पक्ष संयम बरतें : भारत
ईरान पर अमेरिका और इस्राइल के ताजा हमलों के बाद भारत सरकार की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। विदेश मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान जारी किया। इस बयान में कहा गया कि भारत, ईरान और खाड़ी क्षेत्र में हाल के घटनाक्रमों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करता है। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने बयान में कहा कि वह सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव बढ़ाने से बचने और आम नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील करता है। मंत्रालय ने कहा कि तनाव कम करने और मूल मुद्दों के समाधान के लिए संवाद और कूटनीतिक रास्ता अपनाया जाना चाहिए।
भारत ने कहा कि सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना जरूरी है।
एयर इंडिया ने जारी की एडवाइजरी
अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमलों के बाद एयर इंडिया ने ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। एयर इंडिया ने कहा है कि मध्य पूर्व के कुछ हिस्सों में बन रहे हालात को देखते हुए यहां सभी जगहों के लिए एयर इंडिया की फ्लाइट रोक दी गई हैं। हम अपने पैसेंजर्स और क्रू की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। एयर इंडिया ने कहा है कि उसकी टीमें पैसेंजर्स को जरूरी मदद देंगी।
राहुल गांधी की सरकार से अपील
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार से पश्चिम एशिया में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए तुरंत कदम उठाने की अपील की है। गांधी ने ट्वीट करते हुए कहा कि अमेरिका इजराइल और ईरान के बीच तेजा से बढ़ती दुश्मनी बहुत चिंता की बात है। पूरे मिडिल ईस्ट में हर भारतीय नागरिक की सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। मैं भारत सरकार से हमारे लोगों की सुरक्षा के लिए तुरंत और पहले से कदम उठाने की अपील करता हूं।
