रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने शुक्रवार को रायगढ़ जिले में फ्लाई ऐश को कथित तौर पर अनधिकृत रूप से डंप करने को लेकर भाजपा की सरकार पर निशाना साधा और सरकार के जवाब से असंतुष्ट होकर सदन से बहिर्गमन किया।
प्रश्नकाल के दौरान, कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने रायगढ़ जिले में संचालित उन कारखानों की जानकारी मांगी जिनसे फ्लाई ऐश निकलता है। पटेल ने जिले में फ्लाई ऐश और कोयले की ढुलाई से होने वाले पर्यावरण प्रदूषण को दूर करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने और उसे लागू करने के बारे में भी जानकारी मांगी।
सवालों का जवाब देते हुए, राज्य के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि रायगढ़ जिला के अंतर्गत वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 में दिनांक चार फरवरी 2026 तक की अवधि में 24 ताप विद्युत संयंत्रों द्वारा राख का उपयोग भू-भराव/खदान भराव में किया गया/किया जा रहा है। इन ताप विद्युत संयंत्रों में से छह ताप विद्युत संयंत्रों द्वारा स्वयं के निर्मित ऐश डाईक (राख कां भंडारण करने का स्थान या बांध) में भी अस्थायी रूप से राख का भंडारण किया जाता है।
उन्होंने दावा किया कि उद्योगों से क्षतिपूर्ति राशि भी वसूली गई है। एक उद्योग से 6.90 लाख रुपए पेनाल्टी ली गई है। इस पर पटेल ने कहा कि 22 अप्रैल 25 को शिकायत की गई थी और कार्रवाई शीत सत्र में प्रश्न लगने की वजह से 16-12-25 को की गई। कार्रवाई के नाम पर अधिकारी धोखा दे रहे हैं। फ्लाई ऐश अभी भी रोड किनारे, खेतों में पड़ा हुआ है। उन्होंने कुछ तस्वीरें भी दिखाया।
मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने पिछली सरकार की तुलना में दस गुना अधिक कार्रवाई की है। उन्होंने उल्लेख करते हुए कहा कि मार्च 2020 और पूरे 2021 में अवैध डंपिंग के मामलों में कोई कार्रवाई नहीं हुई। हमने 23-24 में 19 लाख रुपए पेनाल्टी लगाई, एसओपी जारी किया कि पटेल से पूरी जानकारी लेकर कार्यवाही की जाएगी।
इस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि 21-22 में उस समय कोरोना महामारी के कारण फैक्ट्रियां बंद थीं, ऐसे में कार्रवाई का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने मंत्री पर तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का आरोप लगाया। जवाब में मंत्री ने संबंधित तिथियों का हवाला देते हुए कहा कि उस समय कोरोना का प्रभाव नहीं था, बावजूद इसके कार्रवाई नहीं की गई। मंत्री ने उमेश पटेल से कहा कि यदि उनके पास कोई विशेष प्रकरण की जानकारी है तो वे लिखित में दें, उस पर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, विपक्ष मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ। कांग्रेस सदस्यों ने मंत्री पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया और विरोध स्वरूप सदन से वाकआउट कर दिया।
