भाटापारा से संतोष अग्रवाल
भाटापारा । कोरोना काल के पहले चरण में मास्क और सैनिटाइजर की खरीदी के बदले उपभोक्ताओं से भरपूर कीमत वसूली गई। इसी वजह से सरकार ने सैनिटाइजर की कीमत निर्धारित कर दी थी फिर उसके बाद सेनीटाइजर को हर दुकान में उपलब्ध कराने की परमिशन जारी कर दी। अब बारी है पल्स ऑक्सीमीटर और स्टीम वेपोरेटर की, जिसकी खरीदी के लिए 3 गुना ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है क्योंकि होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों के लिए इन दोनों को स्वास्थ्य विभाग ने अनिवार्य कर दियाहै।
आपदा को अवसर में किस तरह बदला जाता है यह सीखना हो तो मेडिकल क्षेत्र से सीखा जा सकता है। जहां इसे पूरी तरह, पूरी गंभीरता से अमल में ना केवल लाया जा रहा है बल्कि अवसर का लाभ भी उठाया जा रहा है। यह इसलिए क्योंकि कुछ ऐसी और चीजें भी इस क्षेत्र की है जिसे होम आइसोलेशन में रह रहे संक्रमित मरीजों के लिए अनिवार्य किया जा चुका है। इसमें जो सबसे ज्यादा मांग में है उनमें पल्स ऑक्सीमीटर और स्टीम वेपोरेटर सबसे ज्यादा अहम है क्योंकि इसके बिना जांच अधूरी मानी जाएगी।
मांग इसलिए बड़ी कोविड-19 के संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद अस्पतालों में जगह कम पड़ती देख अब होम आइसोलेशन का विकल्प सुझाया जा चुका है। अमल में लाए जाने के बाद ऐसे मरीजों को घर पर ही पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर के साथ स्टीम वेपोरेटर उपलब्ध करवानी होगी तब ही चिकित्सक नियमित जांच कर पाएंगे। स्वयं के खर्च पर की जा रही खरीदी के बाद होम आइसोलेशन में जा रहे मरीजों की बढ़ती संख्या ने मांग और कीमत बढ़ा दी है।
खपत बढ़ गई है
जिस तरह से अनिवार्यता की शर्त रखी गई है उसके बाद पल्स ऑक्सीमीटर और स्टीम वेपोरेटर की खपत तेजी से बढ़ रही है। बाजार सूत्रों के मुताबिक इस समय प्रतिदिन काफी बड़ी तादाद में पल्स ऑक्सीमीटर और स्टीम वेपोरेटर की बिक्री हो रही है बाजार में इसकी कमी थी उपभोक्ताओं को महसूस हो रही है आने वाले समय में इसमें और वृद्धि होने के संकेत मिल रहे हैं
क्या है पल्स ऑक्सीमीटर
पल्स ऑक्सीमीटर शरीर में ऑक्सीजन का स्तर बताता है। इसके साथ ही रक्त में भी इसकी मात्रा की जानकारी मिलती है। इसके अलावा यह इस बात की भी जानकारी देता है कि दी जा रही दवाइयां कितना असर कर रही है। साथ ही सांस से जुड़ी अलग-अलग जानकारी भी इसकी मदद से मिलती है जबकि स्टीम वेपोरेटर गर्म पानी का भाप लेने का एक पात्र है। इससे सही मात्रा में भाप लेने की सुविधा मिलती है। मांग के अनुसार सप्लाई भी है लेकिन इसमें उछाल के बाद कीमत भी बढ़ा कर ली जा रही है।
