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विश्व रेडियो दिवस-कार्यक्रम
आज विश्व रेडियो दिवस आय। ए मउका म आकाशवाणी अउ यूनेस्को के डाहर ले संयुक्त रूप ले राष्ट्रीय स्तर के बिसेस कारीकरम के आयोजन करे गिस। ए कारीकरम के सुभारंभ राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ह करिन। ए बछर विश्व रेडियो दिवस के थीम ‘‘रेडियो अउ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस‘‘ हे।
कारीकरम ल संबोधित करत मुख्यमंत्री ह किहीन कि आकाशवाणी ह सूचना, शिक्षा अउ मनोरंजन देय के सशक्त माध्यम हे। ग्रामीन अंचल अउ किसान मन बर एखर बिसेस भूमिका हे। मुख्यमंत्री ह यहू किहीन कि तेज गति ले समाचार देवइया आने-आने माध्यम ले होवइया प्रतिस्पर्धा के बीच आकाशवाणी ह विश्वस्नीय, संतुलित अउ जनहितकारी सूचना देय के अपन परंपरा ल संजोय राखत बिसेस चिन्हारी बनाय हे।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग करके रेडियो ल कइसे ढंग ले अउ जन-उपयोगी बनाय जाय एखर बर चिंतन के जरूरत हे। आगू ओमन किहीन कि आकाशवाणी ह छत्तीसगढ़ म एफ.एम. ट्रांसमीटर के स्थापना अउ कुछेक एफ.एम. ट्रांसमीटर के उन्नयन करके अपन एफ.एम. कवरेज क्षेत्र म बिस्तार करत हे।
कारीकरम ल संबोधित करत यूनेस्को के क्षेत्रीय संचार अउ सूचना सलाहकार  हज्जाज माले ह किहीन कि- रेडियो के तिर व्यापक रूप ले श्रोता मन तक पहुंचे के क्षमता हे। एहा मानवता ल ओखर विविधता के संग सशक्त सुर प्रदान करथे। रेडियो आज घलो सबले विश्वस्नीय संचार के माध्यम बने हुए हे। रेडियो ल अउ जादा प्रभावी के संग उपयोगी बनाय बर आने-आने ढंग ले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग करे जा सकत हे।
एखर ले पहिली, सुवागत भाषण देवत आकाशवाणी के महानिदेशक राजीव जैन ह किहीन कि-रेडियो सिरिफ एक ठन संचार माध्यम नइये, भलुक एहा समाज के सर्वांगीन बिकास म महत्वपूर्ण भूमिका निभाय हे। आकाशवाणी ह न सिरिफ देस के सांस्कृतिक बिरासत ल संजोय हे, भलुक देस के सामाजिक अउ आर्थिक प्रगति म समाज के सबो वर्ग ल जोड़े घलो हे।

कारीकरम म- राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 बछर पूरे के मउका म आकाशवाणी के बिसेस स्मारक श्रृंखला ‘‘स्वाधीनता के जयघोष-वंदे मातरम भारत के सांस्कृतिक धरोहर-एक संगीतमय यात्रा‘‘ के अंतर्गत अवइया छै ठन संगीत प्रस्तुति के डिजीटल विमोचन करे गिस। ए मउका म रेडियो के बिकास यात्रा उपर प्रदर्सनी घलो लगाय गे रिहीस। कारीकरम म ऑडियो विजुअल प्रस्तुतीकरण, परिचर्चा, विशेषज्ञ पैनल चर्चा के संगे-संग आने-आने सत्र अउ सांस्कृतिक कारीकरम घलो आयोजित करे गिस।

प्रधानमंत्री-रेडियो दिवस शुभकामना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ह विश्व रेडियो दिवस मउका म देसवासी मन ल सुभकामना देइन हें। सोशल मीडिया पोस्ट म ओमन किहीन कि- ए दिवस ह रेडियो ले जुड़े लोगन मनके उदिम ल सम्मान देय के मउका आय।
एति, सूचना अउ प्रसारण राज्यमंत्री डॉ. एल. मुरूगन ह रेडियो के महत्वपूर्ण भूमिका के गोठ करत अपन ननपन के दिन ल सुरता करिन।

प्रधानमंत्री-सेवा तीर्थ/कर्तव्य भवन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ह आज नई दिल्ली म सेवा तीर्थ अउ कर्तव्य भवन एक अउ दू के औपचारिक उद्घाटन के संग सेवा तीर्थ के नांवपट्टिका के अनावरन करिन। इंहा प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय अउ मंत्रिमंडल सचिवालय बने हे, जउन पहिली आने-आने जघा रिहीन हें। नवा भवन परिसर म आधुनिक अउ भविष्य बर तियार सुबिधा के भितर प्रशासनिक कारज ल समाय गेहे।
कर्तव्य भवन-एक अउ दू म वित्त, रक्षा, स्वास्थ्य अउ परिवार कल्याण, शिक्षा अउ सूचना-प्रसारण के संगे कतकोन महत्वपूर्ण मंत्रालय एके जघा हें। दूनां भवन परिसर म डिजीटल रूप ले एकीकृत कार्यालय, बेवस्थित सार्वजनिक संपर्क क्षेत्र अउ केंद्रीकृत सुवागत सुबिधा घलो हें।

बिजली आयोग-जन-सुनवाई

राज्य विद्युत नियामक आयोग ह राज्य के बिजली कंपनी डाहर ले दायर याचिका मन उपर जन-सुनवाई के कारीकरम जारी करे हे। आयोग के अनुसार वार्षिक राजस्व आवश्यकता, टैरिफ निर्धारन अउ पूंजीगत निवेस योजना के अनुमोदन ले जुरे याचिका मन उपर जन-सुनवाई होही। सत्रह फरवरी के दुरूग, बिलासपुर, राजनांदगांव अउ अट्ठारा फरवरी के अंबिकापुर, जगदलपुर अउ रायगढ़ म जन-सुनवाई होही।
आयोग ह उपभोक्ता जनप्रतिनिधि अउ आने हितधारक मनले जन-सुनवाई म खच्चित सामिल होय के अपील करे हे, ताकि टैरिफ निर्धारन प्रक्रिया के बेवस्था बन सकय।

मुख्यमंत्री-बैठक

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ह किहीन हें कि वन्यजीव प्रकृति के अमूल्य धरोहर हे अउ उंखर संरक्षण-संवर्धन बर सामूहिक रूप ले परयास जरूरी हे। मुख्यमंत्री ह वन्यजीव के सुरक्षा बर निगरानी, अवैध गतिविधि उपर रोक अउ ओखर सुरक्षा बर जनभागीदारी ल बढ़ाय बर जोर देइन हें।
आज रइपुर म आयोजित राज्य वन्यजीव बोर्ड के बइठका म मुख्यमंत्री ह वन संरक्षण बर तिर-तखार म रहइया ग्रामीन मन म जागरूकता के संग युवा मन के भूमिका ल बढ़ाय के जरूरत बतइन।
बइठका म वन अउ जलवायु परिवर्तन मंत्री के अध्यक्षता म राज्य वन्यजीव बोर्ड के स्थायी समिति के गठन ल घलो मंजूरी देय गिस। संगेसंग वन क्षेत्र म बिकास ले जुड़े आने-आने प्रस्ताव के अनुमोदन करके ओमन ल राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड ल स्वीकृति बर भेजे के निरनय ले गिस।

सरगुजा-ओलंपिक

बलरामपुर म काली जिला स्तरीय सरगुजा ओलंपिक के समापन होइस। तीन दिन के कारीकरम के समापन समारोह म आदिम जाति अउ कृषि मंत्री रामविचार नेताम ह बिजेता टीम अउ खिलाड़ी मन ल पुरस्कार दीन। कारीकरम ल संबोधित करत श्री नेताम ह किहीन कि सरगुजा ओलंपिक खेल प्रतिभा ल निखारे के जबर माध्यम बने हे अउ बिसेस रूप ले आदिवासी अंचल के युवा मन ल अपन कला देखाके आगु बाढ़े के मउका मिलत हे।

बतादन कि सरगुजा ओलंपिक म सरगुजा संभाग के सबो बत्तीस बिकासखंड के अड़सठ हजार ले जादा खिलाड़ी 12 ढंग के खेल स्पर्धा म भाग लेइन।