मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रायपुर में एक दिवसीय उपवास रखा 

रायपुर। केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा/MGNREGA) के नाम बदलने और इसकी मूल भावना को कमजोर करने के प्रस्ताव के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी रायपुर शहर के अध्यक्ष श्री कुमार शंकर मेनन एवं जिला कांग्रेस कमेटी रायपुर ग्रामीण के अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे के संयुक्त तत्वावधान में आज अंबेडकर चौक, कलेक्ट्रेट के सामने, नगर घड़ी के पास एक दिवसीय उपवास कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
यह उपवास प्रातः 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक चला, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, मनरेगा श्रमिक और समर्थक शामिल हुए। इस उपवास में प्रमुख रूप अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव विजय जांगिड़, पूर्व सांसद छाया वर्मा, पूर्व विधायक अनिता शर्मा, कुलदीप जुनेजा, विकास उपाध्याय, राजेन्द्र तिवारी, पंकज शर्मा, डोमेश्वरी वर्मा, सौरभ शर्मा, जयंत साहू की उपस्थिति में शामिल हुए।
यह कार्यक्रम मनरेगा बचाओ संग्राम के चरणबद्ध आंदोलन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कांग्रेस पार्टी ने 10 जनवरी से 25 फरवरी 2026 तक पूरे छत्तीसगढ़ में यह संग्राम चलाने का ऐलान किया है, जिसमें जिला स्तर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस, एक दिवसीय उपवास (विशेषकर गांधी/अंबेडकर प्रतिमाओं के पास), पंचायत स्तर पर जनसंपर्क और चौपालें शामिल हैं।
केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलकर VB-G RAM G (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण) करने और योजना के ढांचे में बदलाव (जैसे फंडिंग पैटर्न में केंद्र-राज्य हिस्सेदारी 60:40 करना) से ग्रामीण मजदूरों के संवैधानिक अधिकारों पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। यह केवल नाम का बदलाव नहीं, बल्कि गरीबों के काम के अधिकार को कमजोर करने की साजिश है।
जिला कांग्रेस कमेटी रायपुर ग्रामीण के जिला अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे ने सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं, मनरेगा श्रमिकों और समर्थकों से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में इस उपवास और आगामी कार्यक्रमों में भाग लेकर अपनी आवाज बुलंद करें।
मनरेगा ग्रामीण भारत की रीढ़ है, जो करोड़ों परिवारों को रोजगार की गारंटी देती है। कांग्रेस पार्टी संवैधानिक मूल्यों, ग्रामीण मजदूरों के अधिकारों और महात्मा गांधी की विरासत की रक्षा के लिए सड़क से संसद तक संघर्ष जारी रखेगी।