गंदे और बदबूदार पानी से रायपुर में हाहाकार: हजारों लोग प्रभावित, इंदौर जैसी घटना को न्योता

0 तुमेश साहू

रायपुर। राजधानी रायपुर के कई इलाकों में गंदे और बदबूदार पानी की सप्लाई ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इंदौर में गंदे पानी से बच्चों की मौत की घटना के बाद भी रायपुर नगर निगम सबक लेता नजर नहीं आ रहा है। रायपुर के सेल्स टैक्स कॉलोनी, गायत्री नगर, पिंक सिटी, स्टील सिटी जैसे पॉश और घनी आबादी वाले इलाकों में पिछले एक महीने से बदबूदार और काला पानी नलों से आ रहा है। कई घरों में पानी की हालत नाली के पानी जैसी बताई जा रही है।
स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया है कि गंदा पानी पीने से कई बच्चे बीमार पड़े, कुछ बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, घरों के वॉटर फिल्टर दो-दो बार बदलने पड़े इसके साथ ही कई परिवार मजबूरी में रोजाना 250 से 300 रुपये खर्च कर पानी के कंटेनर खरीद रहे हैं, जिससे महीने का खर्च 8 से 10 हजार रुपये तक पहुंच गया है। पिंक सिटी और गायत्री नगर की महिलाओं का कहना है कि नलों से आने वाले पानी में मरी हुई मछली जैसी बदबू आती है। पानी उबालकर पीना पड़ रहा है। नहाने तक के लिए कंटेनर का पानी इस्तेमाल करना पड़ रहा है। शिकायतों के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है।

स्थानीय लोगों के अनुसार पानी की टंकी जोन-9 में और प्रभावित इलाके जोन-3 में होने की वजह से निगम के भीतर समन्वय की कमी सामने आ रही है। हालांकि निगम अधिकारियों ने गंदा पानी आने की बात स्वीकार की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
इंदौर जैसी दर्दनाक घटना के बाद भी अगर समय रहते सुधार नहीं हुआ तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। इलाके के लोगों का सीधा सवाल है कि क्या निगम किसी की जान जाने के बाद ही गंभीर होगा।

*कन्या छात्रावास परिसर में सेप्टिक टैंक का पानी बह रहा, संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ा*

नगर पालिका निगम के अंतर्गत लगातार स्वच्छता अभियान चलाए जा रहे है। वहीं, शहर के अंदर स्थित आउटडोर स्टेडियम में बने कन्या छात्रावास परिसर में कई दिनों से सेप्टिक टैंक एवं नाली का गंदा पानी
बह रहा है। जिसकी वजह से वहां रह रही छात्राओं को बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। मिली जानकारी के अनुसार वार्ड पार्षद एवं नगर निगम के स्वच्छता विभाग के वाहन बुढ़ापारा पुराना धरना स्थल पर पार्क किए जाते हैं लेकिन किसी को उक्त परिसर में गंदे पानी को रोकने की फुर्सत नहीं है। महापौर मीनल चौबे से छात्राओं ने कन्या छात्रावास परिसर में स्थित उक्त समस्या का तत्काल निदान कर राहत देने की मांग की है।

*पानी की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं*

पीड़ित अनिल पांडे ने बताया कि कचना वार्ड क्रमांक 9 पत्रकार कॉलोनी में पिछले कई दिनों से गंदा पानी आ रहा था। शिकायत के बाद निगम के कर्मचारियों ने संबंधित पाइप कनेक्शन को काट दिए है।
जिसकी वजह से पानी नहीं आ रहा है। कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की गई है। हम परेशान हो रहे है।

*गंदे पानी को लेकर निगम चिंतित है
जल्द कार्रवाई होगी*

नगर पालिका निगम की महापौर मीनल चौबे ने बताया कि आपके संज्ञान से जो भी शिकायत मिल रही है, उस पर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। गंदे पानी को लेकर निगम चिंतित है, निराकरण होगा।

*कई कॉलोनियों में पानी गंदा और बदबूदार आ रहा है*

नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने बताया कि उन्होंने खुद दौरा किया है। कई कॉलोनियों का पानी पीने योग्य नहीं है। बदबूदार और गंदा आ रहा है। लाइन मेन ने खुद बताया कि यहां पानी गंदा आ रहा है। नालियों को खोद कर खुला छोड़ दिया है, क्या नगर निगम लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा है। पीने का पानी प्रथम मौलिक अधिकार है, क्या महापौर जी आम जनता को उस से भी वंचित रखना चाह रही हैं। सेप्टिक टैंक से गंदा पानी निकलना निगम की घोर लापरवाही है। जल्द ही निदान करने का हम मांग करते हैं।