रायपुर/ वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में वन विभाग ने बताया कि कूप कटाई का कार्य पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया, शासन के दिशा-निर्देशों और भारत सरकार के दिशा निर्देशों के अनुसार किया जा रहा है। वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि राज्य शासन द्वारा राज्य में प्रचलित एवं केन्द्र शासन द्वारा स्वीकृत कार्य आयोजनाओं के अनुसार वार्षिक काष्ठ एवं बांस कूपों में कूप कटाई का प्रस्ताव केन्द्र शासन को स्वीकृति हेतु भेजा जाता है। केन्द्र शासन से स्वीकृति प्राप्त होने पर कार्य आयोजना के प्रावधान के अनुसार कूपों में विदोहन की कार्यवाही की जाती है।
उन्होंने कहा कि जंगल में पेड़ों की संख्या अधिक होने से छोटे पेड़ को ग्रोथ करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। पेड़ आपस में एक दूसरे से टकराने की वजह से पूरी रीति से बड़े नहीं हो पाते हैं। यही कारण है कि भारत सरकार ने इन पेड़ों को अच्छी रीति से बढ़ने के लिए कूप कटाई की योजना तैयार की थी, जिसके तहत वन विभाग घने जंगलों में जाकर सभी पेड़ों को चिन्हित करके उसकी कटाई की जाती है, ताकि आसपास के पेड़ अच्छी रीति से बढ़े। इसके अलावा हरे-भरे और फलदार वृक्ष जो जंगल में पाए जाते हैं उन्हें वन विभाग नहीं काटता है।
उल्लेखनीय है कि इस संबंध में 18 दिसंबर को बीजापुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में वनमंडलाधिकारी श्री रंगानाथन रामाकृष्णन वाय ने जानकारी दी कि बीजापुर क्षेत्र में वर्ष 1992-93 तक प्रचलित कार्ययोजना के अनुसार कूप कटाई होती थी। बाद में क्षेत्र के अतिसंवेदनशील होने के कारण यह कार्य बंद कर दिया गया था। माओवादी मुक्त क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गृह मंत्री श्री अमित शाह, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश और भारत सरकार के दिशा निर्देशों के अनुसार कूप कटाई कार्य को पुनः प्रारंभ किया गया है। वन विभाग ने बताया कि पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार से अनुमति प्राप्त होने के बाद ही यह कार्य किया जा रहा है। कूप कटाई के अंतर्गत केवल सूखे, रोगग्रस्त, क्षतिग्रस्त और वन की स्वाभाविक वृद्धि में बाधक वृक्षों को हटाया जा रहा है, जिससे जंगलों के स्वस्थ विकास को बढ़ावा मिलेगा और हरियाली में वृद्धि होगी।
विभागीय जानकारी के अनुसार कूप कटाई से लगभग 12,443 वृक्षों का विदोहन होगा, जिससे करीब 4057.707 घन मीटर काष्ठ प्राप्त होगा। इससे होने वाली आय का 20 प्रतिशत लगभग 50 लाख रुपए ग्राम की मूलभूत सुविधाओं और वन संरक्षण कार्यों पर खर्च किया जाएगा। इस राशि का उपयोग ग्राम वन प्रबंधन समिति की सहमति से किया जाएगा।
वन मंत्री श्री केदार कश्यप के नेतृत्व में वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर विश्वास न करें। कूप कटाई से वन संरक्षण के साथ-साथ सतत उत्पादन सुनिश्चित होगा, ग्रामीणों को रोजगार मिलेगा और गांवों के विकास कार्यों को भी गति मिलेगी।
