
जगदलपुर। भारत की प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज़ और ओलम्पियन पद्मश्री मैरी कॉम बस्तर ओलम्पिक के संभाग स्तरीय प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुईं। मंच पर पहुँचते ही उन्होंने छत्तीसगढ़ी में जय जोहार कहकर दर्शकों का अभिवादन किया, जिसके बाद पूरे स्टेडियम में उत्साह का माहौल बन गया।
मैरी कॉम ने अपने संबोधन में कहा कि बस्तर खेल प्रतिभाओं का गढ़ है। खिलाडिय़ों को संबोधित करते हुए पद्मश्री मैरी कॉम ने कहा कि वे मणिपुर की आदिवासी है और उन्हें खेल में जो उपलब्धि हासिल हुई है वह उनकी 20 वर्ष की अथक मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि उन्हें खेल के क्षेत्र में भी परिवार का कोई सपोर्ट नहीं मिला था लेकिन मैंने ठान ली थी कि मैं बॉक्सिंग में कुछ करके दिखाऊंगी। इसी लक्ष्य के पीछा करते हुए मैने काफी संघर्ष करते हुए यह उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने खिलाडिय़ों से कहा कि मैने अपने खेल प्रतिभा के माध्यम से यह संभव देश का नाम रोशन किया अब प्रदेश और देश का नाम रोशन करने की बारी आपकी है। उन्होंने कहा कि खेल जीत-हार के साथ अनुशासन, मेहनत और आत्मविश्वास का नाम है। उन्होंने कहा कि मैं चाहती हूँ कि बस्तर के खिलाड़ी आगे बढ़कर राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी छत्तीसगढ़ की पहचान बनाएँ।
बस्तर ओलम्पिक के उद्घाटन अवसर पर मौजूद हजारों दर्शकों ने मैरी कॉम का गर्मजोशी से स्वागत किया।
बस्तर ओलम्पिक के शुभारम्भ में शामिल हुईं बॉक्सर मैरी कॉम
