0 ऑटोमैटिक हथियार और गोला-बारूद बरामद
जगदलपुर/रायपुर। दंतेवाड़ा और बीजापुर सीमा से लगे भैरमगढ़ क्षेत्र के केशकुतुल के जंगलों में सुबह से नक्सलियों और पुलिस के बीच मुठभेड़ हो रही है। एनकाउंटर में 12 माओवादियों को जवानों ने ढेर कर दिया है। मुठभेड़ में डीआरजी के तीन जवान बलिदान हो गए हैं, जबकि दो जवान घायल है जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। जंगल में बड़ा सर्च ऑपरेशन जारी है, मारे गए नक्सलियों की संख्या और बढ़ सकती है। बताया जा रहा है कि आज सुबह दंतेवाड़ा से टीम निकली थी जहां बीजापुर की सीमा भैरमगढ़ के केशकुतुल में जवानों और नक्सलियों के बीच में मुठभेड़ हो गई। दोनों ओर से रुक-रुककर फायरिंग हो रही है।इस संबंध में बीजापुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव ने बताया कि कि सुबह करीब 9 बजे से डीआरजी दंतेवाड़ा-बीजापुर, एसटीएफ, कोबरा और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया. अभियान के दौरान नक्सलियों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद लंबे समय तक रुक-रुक कर मुठभेड़ चलती रही. उन्होंने बताया कि क्षेत्र में सुरक्षा बलों की आक्रामक कार्रवाई जारी है और इलाके को पूरी तरह कॉर्डन कर सर्चिंग की जा रही है. बस्तर आईजी सुंदरराज पट्टलिंगम ने बताया कि मुठभेड़ स्थल से एएलआर राइफलें, 303 राइफल समेत भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी जब्त किया गया है। मारे गए माओवादियों की पहचान की जा रही है। इस ऑपरेशन में बीजापुर डीआरजी के दो जवान बलिदान हो गए हैं। बलिदान हुए जवानों के नाम प्रधान आरक्षक मोनू वडाड़ी, डीआरजी, आरक्षक दुकारू गोंडे, डीआरजी, जवान रमेश सोड़ी, डीआरजी हैं। बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ की जा रही ताबड़तोड़ कार्रवाई के बीच बटालियन के बारसे देवा, पापाराव, केसा समेत तमाम नक्सलियों के आत्मसमर्पण के लिए बनाए गए अनुकूल माहौल के बाद एक बार फिर से सुकमा बीजापुर दंतेवाड़ा जैसे जिलों में जॉइंट ऑपरेशन को तेज कर दिया गया है। बीते दिनों देवा समेत पापाराव, केसा, चैतू के आत्मसमर्पण की चर्चा तेज थी जिसके बाद चैतू अपने 10 साथियों के साथ जगदलपुर में आत्मसमर्पण कर दिया था।
इसके बाद भी सुरक्षा एजेंसियों ने देवा समेत तमाम नक्सलियों के आत्मसमर्पण के लिए जंगलों में अनुकूल माहौल बनाए रखा। इसके तहत जंगलों में ऑपरेशन और किसी भी तरह की गतिविधियां नहीं की गई। लेकिन 15 दिनों के अनुकूल माहौल के बावजूद जब आत्मसमर्पण को लेकर बटालियन की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं नजर आई और बटालियन से आत्मसमर्पण के संपर्क खत्म होने के बाद एक बार फिर से एजेंसियों के निर्देश पर ऑपरेशन को तेज किया गया है।
माओवादियों के शव बरामद
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टलिंगम ने पुष्टि की कि मुठभेड़ स्थल से अब तक 12 माओवादी कैडरों के शव बरामद हुए हैं. मौके से एसएलआर, .303 राइफलें और अन्य हथियार-गोला बारूद भी मिले हैं. उन्होंने बताया कि मारे गए माओवादियों की पहचान अभी स्थापित की जानी बाकी है.
3 बहादुर जवान शहीद
इस मुठभेड़ में डीआरजी बीजापुर के तीन बहादुर जवान शहीद हो गए. शहीद होने वालों में प्रधान आरक्षक मोनू वडाड़ी, आरक्षक दुकारू गोंडे और जवान रमेश सोढ़ी शामिल हैं. इसके अलावा डीआरजी के जवान सोमदेव यादव घायल हुए हैं. उन्हें तत्काल प्राथमिक उपचार दिया गया है और उनकी स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है.
मुख्यमंत्री ने जवानों की शहादत पर संवेदना व्यक्त की
नक्सल-विरोधी अभियान में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। सुरक्षाबलों ने 12 माओवादियों को न्यूट्रलाइज किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अभियान के दौरान शहीद डीआरजी बीजापुर के प्रधान आरक्षक मोनू वडड़ी, आरक्षक दुकारू गोंडे और आरक्षक रमेश सोढ़ी को श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि शोक-संतप्त परिवारों को इस असहनीय पीड़ा को सहने की शक्ति प्रदान करें । और दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मुठभेड़ में घायल दो अन्य जवान खतरे से बाहर हैं और उनके समुचित उपचार की संपूर्ण व्यवस्था की गई है। उन्होंने दोनों जवानों के शीघ्र एवं पूर्ण स्वास्थ्य लाभ की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे वीर जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। नक्सलवाद के विरुद्ध यह निर्णायक सफलता यह स्पष्ट संकेत है कि लाल आतंक का अंत अब बहुत निकट है। उन्होंने पुन: दोहराया कि राज्य सरकार और सुरक्षाबल ‘माओवाद के पूर्ण खात्मेÓ के संकल्प पर पूरी मजबूती से अडिग हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जब तक बस्तर के अंतिम गाँव तक शांति, सुरक्षा और विकास का प्रकाश नहीं पहुँच जाता, तब तक यह अभियान पूरी दृढ़ता के साथ जारी रहेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस सफल कार्रवाई में शामिल सभी सुरक्षा बलों के साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की और कहा कि सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।
