भारतीय जनता पार्टी के प्रदेस अध्यक्ष किरण सिंह देव ह प्रदेसभर के छत्तीस जिला संगठन प्रभारी अउ चार सह प्रभारी मनके नियुक्ति कर देहे। एखर संगेसंग ओमन ह विधानसभावार छत्तीस प्रभारी मनके नाम के घोषणा घलो करे हे। उहें, प्रकोष्ठ मन बर सत्रह संयोजक अउ चौबीस सह-संयोजक नियुक्त करे हे।
राजभवन-स्थापना दिवस
‘‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत‘‘ कारीकरम के तहत आज रईपुर स्थित लोकभवन जेला पहिली राजभवन के नाम ले जाने जात रिहीस। इहां कर्नाटक, तमिलनाडु, दिल्ली, उत्तराखंड राज्य अउ कंेद्रशासित प्रदेस-लक्षद्वीप अउ पुडुचेरी के स्थापना दिवस मनाय गीस। समारोह म आने-आने राज्य अउ केंद्रशासित प्रदेस मनके प्रतिनिधि मन ह अपन-अपन राज्य के बिसेसता, परंपरा अउ संस्कृति मन उपर प्रकाश डालिन। उहें, आने-आने विश्वविद्यालय के छात्र-छात्रा मन ह कतकोन राज्य के संस्कृति अउ लोक परंपरा उपर आधारित सांस्कृतिक कारीकरम के प्रस्तुति दीन।
ए मउका म राज्यपाल रमेन डेका ह किहीन कि राज्य के विविधता ल राष्ट्रीय एकता एक सूत्र म पिरोथे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रेरणा ले सुरू होही ‘ एक भारत श्रेष्ठ भारत‘‘ अभियान इही एकता अउ सांस्कृतिक समृध्दि के सशक्त प्रतीक हरय।
राज्यपाल-क्षेत्रीय सम्मेलन
राज्यपाल रमेन डेका ह आज रईपुर के शंकराचार्य व्यावसायिक प्रबंधन अउ प्रौद्योगिकी संस्थान म क्षेत्रीय सम्मेलन के सुभारंभ करीन। ए मउका म श्री डेका ह किहीन कि नवाचार सिरिफ प्रयोगशाला अउ कक्षा मन तक सीमित नइ रहना चाही, एला समाज ले जोड़ना होही। ओमन जलवायु परिवर्तन, माइक्रो प्लास्टिक अउ मधुमेह के बीमारी ल वर्तमान के सबले बड़का समस्या बतात किहीन कि विद्यार्थी ए क्षेत्र मन म नवाचार कर एखर समाधान खोजय। ओमन विद्यार्थी मन ले किहीन कि आप भारत के भविष्य के पेसेवर अउ भविष्य निर्माता हरव। सिरिफ फायदा पाय बर नही बल्कि उद्देस्य बर नवाचार करव।
सम्मेलन ल ए.आई.सी.टी.ई नई दिल्ली के उपनिदेशक डॉक्टर निखिल कांत, एस.एस.आई.पी.एम.टी. भिलाई के चेयरमैन आई.पी. मिश्रा अउ निदेशक निशांत त्रिपाठी ह घलो संबोधित करीन।
खबर के मुताबिक हे कि ए सम्मेलन के आयोजन इनोवेशन सेल अउ केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के ऑल इंडिया तकनीकी शिक्षा परिषद डहार करे गेहे।
लोकभवन
छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित राजभवन ल अब ‘‘लोकभवन के नाम ले जाने जाही। केन्द्रीय गृह मंत्रालय डहार ले जारी चिट्ठी के मुताबिक राज्यपाल के सचिव डॉक्टर सी.आर. प्रसन्ना ह राजभवन के नाम बदल के लोकभवन करे के आदेस जारी कर देहे। ओमन बतईन कि पाछु बछर राज्यपाल के सम्मेलन म राजभवन के नाम बदले के सुझाव दे गे रिहीस। अब जम्मों सासकीय प्रयोजन बर राजभवन के नाम लोकभवन के नाम ले पढ़े अउ लिखे जाही।
ग्रामीण विकास-नक्शा
केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ह सहरी बस्ती अउ भूमि ले जुड़े सूचना के राष्ट्रीय भू-स्थानिक ज्ञान-आधारित भूमि सर्वेक्षण – नक्शा उपर काली नई दिल्ली म एक राष्ट्रीय सम्मेलन के आयोजन करही। ए जियोस्मार्ट इंडिया संवाद अउ एक्सपो के भीतर राखे गे एक बिसेस पहल हवय, जेखर उद्देश्य सहरी भूमि अभिलेख म सुधार लाना हवय। एखर ले देसभर म नागरिक सेवा मन ल अउ सुघ्घर बनाय बर भू-स्थानिक तकनीक ल अपनाय म गति आही।
ग्रामीण विकास मंत्रालय ह कहिन हे कि ए आयोजन म प्रमुख नीति निर्माता, भारतीय सर्वेक्षा विभाग के विशेषज्ञ, राज्य राजस्व अउ भूमि अभिलेख अधिकारी अउ उद्योग जगत के प्रमुख मनके एके संघरा आय के उम्मीद हवय। ए दउरान छह महत्वपूर्ण सत्र म विचार-विमर्श करे जाही। ए सम्मेलन पारंपरिक प्रणाली ल पारदर्सी अउ नागरिक-केन्द्रित डिजिटल भूमि प्रशासन ले बदले म केन्द्रित हे।
विजय शर्मा-स्मार्ट रूम
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ह आज कबीरधाम जिला के खैरबना कला स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल ले बोड़ला विकासखंड के आठ सरकारी स्कूल म स्मार्ट क्लास-रूम के सुरूआत करीन। ए मउका म श्री शर्मा ह किहीन कि स्मार्ट क्लास के मदद ले लइका मन ल विज्ञान, गणित, भूगोल जइसन बिसय ल एनिमेशन, वीडियो के माध्यम ले जादा प्रभावी तरीका ले सीख सकही। ओमन किहीन कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ले जुड़े होय के सेती स्मार्ट क्लास के माध्यम ले दूसर स्कूल ले विषय-बिसेसज्ञ मन ल घलो लइका मनके एक संग क्लास ले सकही।
एसआईआर
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान-एसआईआर के तहत प्रदेस म बूथ लेवल अधिकारी-बीएलओ घर-घर जाके पंजीकृत मतदाता मनके गणना प्रपत्र के संग्रहण अउ डिजिटलीकरण के काम करत हे। अब तक प्रदेस म करीबन एक करोड़ पंचानवे लाख उनसठ हजार गणना प्रपपत्र के डिजिटलीकरण करे जा चुके हे, जउन कुल पंजीकृत मतदाता मनके बयानवे प्रतिशत ले जादा हवय। प्रदेस म कुल मतदाता मनके संख्या दू करोड़ बारह लाख तीस हजार ले जादा हवय।
कोरबा जिला म एसआईआर के तहत गणना प्रपत्र के करीबन इंक्यानवे प्रतिशत डिजिटलीकरण कर ले गेहे। जिला कलेक्टर अजीत वसंत ह बतईन कि अवइया दू-तीन दिन म ए काम पूरा कर ले जाही।
पोलो-छत्तीसगढ़
मणिपुर के इंफाल म बाईस ले उनतीस नवंबर तक राखे गे अंतर्राष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट म छत्तीसगढ़ के टीम ह जोरदरहा प्रदर्सन करत अपन मजबूत मौजूदगी दर्ज कराय हे। छत्तीसगढ़ के टीम ह अमेरिका, कोलंबिया, इंडियन पोलो एसोसिएशन अउ आने अंतर्राष्ट्रीय टीम मनके संग प्रतिस्पर्धा करके ए गौरव मिले हे। देस के इतिहास म ए पहिली बखत होय हे, जब कोनो राज्य ल अंतर्राष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट म भारत ल अगुवई करे के नेवता मिले हे।
अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट म सामिल छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी मन ह आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ह रईपुर स्थित उंखर निवास कार्यालय म भेंट करीन। मुख्यमंत्री ह खिलाड़ी मन ल बधाई देत किहीन कि ए उपलब्धि राज्य बर खुसी के बात हे। श्री साय ह किहीन कि छत्तीसगढ़ के आदिवासी युवा मन म खेल के बड़ संभावना हे अउ राज्य सरकार के सहयोग ले घुड़सवारी अउ पोलो खेल ल नवा दिसा मिले हे।
खबर के मुताबिक हे कि ‘‘खेल से शक्ति‘‘ पहल के तहत भारतीय सेना के अनुभवी पोलो खिलाड़ी मन के मदद ले दंतेवाड़ा अउ कांकेर जिला के छात्र मन ल घुड़सवारी अउ पोलो के प्रसिक्षण दे गेहे।
साहित्य उत्सव
नवा रईपुर म तेईस ले पच्चीस जनवरी तक साहित्य उत्सव के आयोजन करे जाही। एमा देसभर ले सौ ले जादा साहित्यकार सामिल होही। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ह आज रईपुर स्थित अपन निवास कार्यालय म साहित्य उत्सव के लोगो के अनावरण करीन। ए मउका म मुख्यमंत्री ह किहीन कि छत्तीसगढ़ राज्य के स्थापना के पच्चीस बछर पूरा होय उपर पूरा प्रदेस म रजत महोत्सव मनाय जावत हे अउ रईपुर साहित्य उत्सव उंही कड़ी के एक बिसेस अध्याय आय। ओमन किहीन कि ए उत्सव न सिरिफ छत्तीसगढ़ ल बल्कि देसभर के साहित्यकार मन ल एके संघरा मंच दिही। श्री साय ह आसा जतइन कि ए आायोजन छत्तीसगढ़ ल साहित्यिक जगत म एक नवा चिन्हारी देवाही अउ लोगन मन ल साहित्य, लेखन अउ पठन-पाठन कोति प्रेरित करही।
अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस
काली अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस हरय। ए मउका म सूरजपुर जिला म राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित करे जाही। कार्यक्रम म माईपहुना के रूप म महिला अउ बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े सामिल होही। कार्यक्रम के पगरइति खाद्य मंत्री दयालदास बघेल करही। ए समारोह म दिव्यांगजन मन बर बिसेस सहायता कार्यक्रम, जानकारीपरक गतिविधि अउ जागरूकता सत्र आयोजित करे जाही। उहें, सांस्कृतिक कार्यक्रम घलो प्रस्तुत करे जाही। ए कार्यक्रम के उद्देश्य दिव्यांगजन मनके सामाजिक भागीदारी ल मजबूत करना अउ उंखर बर संवेदनशील अउ समावेशी वातावरण ल बढ़ावा देना हवय।
