कांग्रेस की उम्मीद : लोकतंत्र बचाएंगे, गद्दार भगाएंगे

0 अरुण पटेल

पूर्व मुख्यमंत्री सांसद दिग्विजय सिंह के अनुसार 27 विधानसभा उपचुनावों में लोकतंत्र को बचाना जनता के सामने एक बड़ा चुनावी मुद्दा है और ‘लोकतंत्र बचाओ, गद्दारों को भगाओ’ की थीम चुनाव प्रचार का अहम हिस्सा रहने वाली है। यह संकेत आज जबलपुर में मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने जो कुछ कहा उससे प्रतिध्वनित होते हैं। दिग्विजय सिंह ने चुनावी मुद्दे, भाजपा के सदस्यता अभियान और भाजपा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के नागपुर में संघ मुख्यालय जाने पर निशाना साधा है। दिग्विजय ने कहा कि प्रदेश की जनता के सामने लोकतंत्र बचाना सबसे बड़ा मुद्दा इसलिए है क्योंकि भाजपा जनमत को समाप्त करना चाह रही है। उनका इशारा जनता द्वारा बहुमत ना दिए जाने के बाद भी धनबल से विधायकों की खरीद-फरोख्त के द्वारा सरकारें गिराने और भाजपा की सरकार बनाने की ओर था।
भाजपा अध्यक्ष सांसद विष्णु दत्त शर्मा के 76 हजार 361से अधिक ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थकों के कांग्रेस छोड़कर भाजपा की सदस्यता लेने को लेकर परस्पर विरोधी दावे-प्रतिदावे किए जा रहे हैं। कांग्रेस नेता मांग कर रहे हैं कि जिन्होंने भाजपा की सदस्यता ली है उनके नाम बताए जाएं। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और बृजेंद्र सिंह राठौर ने कहा है कि कम से कम भाजपा एक दर्जन के आसपास उन कांग्रेस नेताओं के नाम बताएं जो पदाधिकारी या पूर्व पदाधिकारी थे और उन्होंने भाजपा की सदस्यता ली। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपाइयों को ही कांग्रेसी बता कर उन्हें सदस्यता दिलाई गई। कांग्रेस ने सदस्यता अभियान के कथित फर्जीवाड़े की पोल खोलने का भी फैसला किया है। दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर इस पर निशाना साधते हुए कहा कि यह मिस कॉल अभियान था। उन्होंने लिखा है कि भाजपा नाम और पता उजागर करे। झूठ बोलना भाजपा की आदत है और वे झूठ बोलने में माहिर है।
दिग्विजय सिंह के लघु भ्राता कांग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह ने ट्वीट किया – 75000 का आंकड़ा दे रहे हैं ‘महाराज और शिवराज’ अगर सच होता तो 160000 से काहे हारते महाराज, झूठ बोलबो करो बंद, उपचुनाव आने दो जनता इन्हें हरा कर देगी दंड। ग्वालियर-चंबल संभाग के कांग्रेस के प्रमुख प्रवक्ता केके मिश्रा ने इसे फर्जी दावा बताते हुए ट्वीट में लिखा है कि तीन दिवसीय कोरोना परोसो अभियान में 70000 सिंधिया समर्थक भाजपाई हुए! सूची तो सार्वजनिक कीजिए! कितने मौजूदा या पूर्व सांसद, विधायक, जिला अध्यक्ष, मोर्चा और संगठन तथा मंडलम कांग्रेसी पदाधिकारी भाजपा में शामिल हुए, तो औकात सामने आ जाएगी। भाजपा के वरिष्ठ नेता पूर्व विधायक अजय विश्नोई ने कांग्रेस के द्वारा भाजपा के सदस्यता अभियान पर सवाल उठाने पर तंज कसते हुए कहा है कि जो कदम नहीं उठा सकते वह सवाल उठाते हैं। जवाब देना है तो राजनीतिक रूप से कदम बढ़ा कर जवाब दें। अभी कुछ और समय तक भाजपा के सदस्यता अभियान को लेकर दावे-प्रतिदावे किए जाते रहेंगे।
विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पद महाकौशल और विंध्य अंचल को दिए जाने के दावे पर भाजपा के वरिष्ठ विधायक पूर्व मंत्री अजय विश्नोई ने यह कहते हुए कि वह व्यक्तिगत रूप से किसी रेस में नहीं हैं प्रतिक्रिया दी कि महाकौशल और विंध्य का अपने आप में बड़ा स्थान है। वहां के लोग मंत्रिमंडल में जगह पाने से छूट गए, वहां के लोगों को इसका मलाल है वहां की आम जनता को भी इसका मलाल है, इसलिए ऐसी मांग उठना जायज है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के संघ मुख्यालय जाने पर विश्नोई का कहना था कि जो आज भाजपा से जुड़ा है अगर मजबूती तलाशने संघ मुख्यालय में गया तो क्या गलत किया? ठीक किया है। जो उन्होंने नहीं कहा लेकिन छुपी हुई बात है उनके कहने का मतलब शायद यही है की मजबूती की तलाश में सिंधिया नतमस्तक हुए हैं। जैसे कि राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि सिंधिया उन लोगों को जो अभी मन से साथ नहीं हैं वह भी साथ में आ जाएं इसलिए संघ मुख्यालय गए थे। विश्नोई ने यह भी कहा है कि सिंधिया बहुत तेजी से भाजपा की विचारधारा को आत्मसात करने में लग गए हैं। कांग्रेस नेताओं के भाजपा में आने से भाजपा नेताओं की उपेक्षा पर विश्नोई का कहना है कि जब मेहमान घर में आते हैं तो घर के लोगों को सिमटना पड़ता है। घर में मजबूती और सम्मान इन लोगों के आने से बढ़ा है। विश्नोई तो अपनी बात अपने ढंग से कह गए अब जो इसे जिस ढंग से समझना चाहे समझ ले और अर्थ निकाल ले।
और अंत में………….
भाजपा अभी भी कांग्रेस के कुछ कद्दावर नेताओं और विधायकों को उपचुनाव के पहले अपने पाले में लाकर धीरे से कांग्रेस को जोर का झटका देना चाह रही है इसलिए अभी भी उसका अभियान चालू है। कहीं कहीं पर्दे के पीछे तो कहीं खुलेआम ऑफर दिए जा रहे है। पूर्व मंत्री वरिष्ठ विधायक डॉ. गोविंद सिंह पूरी मुस्तैदी से कांग्रेस के लिए सक्रिय रुप से मैदान में मोर्चा संभाले हुए हैं उनको राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने भाजपा में आने का खुला आमंत्रण देते हुए कांग्रेस द्वारा उनकी उपेक्षा को उभारा है। राजपूत ने कहा है कि डॉ. सिंह को अब हमारे साथ आने का फैसला करना चाहिए उन्हें उचित अवसर दिया जाएगा। भाजपा प्रवक्ता आशीष अग्रवाल का कहना है वरिष्ठ मंत्री होते हुए भी गोविंद सिंह को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने वरिष्ठता को देखते हुए हल्का विभाग दिया था। उन्हें विपक्ष का नेता भी नहीं बनने दिया गया। प्रदेश अध्यक्ष फिर मुख्यमंत्री और बाद में नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ ही बनें। कांग्रेस में कुछ परिवारों को ही मौका मिलता है, आज के नेता कमलनाथ हैं तो भविष्य के नेता नकुल नाथ। अग्रवाल कहते हैं कि कांग्रेस एक डूबता हुआ जहाज है और कुछ लोग हमारी तरफ आ रहे हैं तो इससे हमारी ताकत बढ़ेगी।
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